Gorakhpur News: नौ लोगों की जान जाने के बाद जर्जर भवन को लेकर प्रशासन ने लिया यह निर्णय
गोरखपुर प्रशासन ने जर्जर भवन में दबने से नौ लोगों की मौत के बाद ऐसे भवनों को चिन्हित कर उन्हें जमीदोंज करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जर्जर भवनों को चिह्नित करने की
गोरखपुर,27सितंबर: गोरखपुर प्रशासन ने जर्जर भवन में दबने से नौ लोगों की मौत के बाद ऐसे भवनों को चिन्हित कर उन्हें जमीदोंज करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जर्जर भवनों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी एसएसपी, नगर आयुक्त एवं जीडीए उपाध्यक्ष सहित नौ अधिकारियों को दी गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण गोरखपुर सहित प्रदेश के कुछ जिलों में जर्जर मकान या दीवार गिरने से नौ लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बारिश जारी है। ऐसे में आशंका है कि जिले में जर्जर भवन इसके चलते गिर सकते हैं। भवन गिरने से व्यापक जन-धन की हानि हो सकती है। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द जर्जर भवनों को चिह्नित कर उसे ध्वस्त करने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जो भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं या निष्प्रयोज्य हो चुके हैं, उन्हें चिह्नित कर ध्वस्त किया जाए। नियमित रूप से इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को देनी होगी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड को इस कार्य के लिए जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारी बनाया है।
जिलाधिकारी ने एसएसपी गौरव ग्रोवर, नगर निगम के नगर आयुक्त अविनाश सिंह, जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आशुतोष कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को जर्जर भवनों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई है।जगन्नाथपुर में शनिवार की सुबह जर्जर भवन गिर जाने से एक युवक की मृत्यु हो गई और परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए।












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