CM Yogi की खास पहल से बदली टेरोकोटा उद्योग की तस्वीर, देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ी डिमांड
ODOP Terracotta Products News Gorakhpur: गोरखपुर के एक छोटे से गांव औरंगाबाद की कला की सराहना देश ही नहीं विदेशों में भी हो रही है। योगी आदित्यनाथ के सूबे के मुखिया बनने के बाद से इसकी तस्वीर छह सालों में पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय ऐसा था जब यह कला इस छोटे से गांव तक ही सीमित थी। योगी आदित्यनाथ ने इस कला को एक जिला, एक योजना के तहत लाया। यहां के कलाकारों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराई। आज यहां के टेराकोटा कलाकृतियों की डिमांड उम्मीद से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक इसकी चर्चा करने से खुद को नहीं रोक पाए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन चुकी है पहचान
औरंगाबाद के रहने वाले राकेश प्रजापति जो कई पीढ़ियों से चली आ रही टेराकोटा शिल्पकारी विरासत को संभाले हुए हैं, वह बताते हैं कि मैं पिछले कइ्र दशकों से इस कला से जुड़ा हूं। मेरे पिता जी और बाबा भी इससे जुड़े थे। पहले टेराकोटा अपने गांव तक ही सीमित था। बहुत होता था तो आस-पास के कुछ जगहों पर हम लोग इसे बेचते थे। आज यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।

ओडीओपी में शामिल होने के बाद मिला बढ़ावा
राकेश बताते हैं कि पहले हम लोगों को इस टेराकोटा व्यवसाय से बहुत फायदा नहीं होता था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद हम लोगों की किस्मत पूरी तरह बदल गयी। उन्होंने इसे ओडीओपी योजना के तहत जोड़कर इसे विश्वस्तर पर लाने की पहल शुरु कर दी और आज यह गोरखपुर से निकलकर विश्व के कई देशों में पहुंच चुका है।
उद्योग विभाग ने दी आर्थिक मदद
राकेश बताते हैं कि टेराकोटा कलाकारों को इसके बढ़ावा के लिए योगी सरकार उद्योग विभाग के माध्यम से लोन भी देती है। जिस पर 25 प्रतिशत सब्सिडी होता है। मैंने भी लोन लेकर काम को आगे बढ़ाया।
आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार
राकेश बताते हैं कि मैंने लोन लेकर जब इस काम को आगे बढ़ाया तो मेरा काम दिन दुना और रात चौगुना चलने लगा। पूरे परिवार के सहयोग से आज टेराकोटा कलाकृतियों के माध्यम से लाखों की कमाई हो रही है ।
औरंगाबाद के अन्य शिल्पकारों की भी आय तेजी से बढ़ी है।

रोजगार के बढ़े अवसर
आज गोरखपुर से निकलकर टेराकोटा कलाकृतियां प्रदेश के कई जगहों पर भी बनाई जा रही हैं। इस उद्योग ने आज लाखों लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। औरंगाबाद के दीपक बताते हैं कि पहले जब उन्होंने यह काम शुरु किया था तब परिवार के लोग ही थे लेकिन इस समय बीस से अधिक बाहरी लोग भी इससे जुड़ चुके हैं।
इन जगहों पर है डिमांड
टेराकोटा कलाकृतियां बेहद पसंद की जा रही हैं। राकेश बताते हैं कि आज इन कलाकृतियों की डिमांड बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तरांचल,छत्तीसगढ़,गुजरात,महाराष्ट्र, तेलंगाना सहित कई अन्य प्रदेशों में हैं। इसके साथ ही अमेरिका, मलेशिया सहित कई देशों में ही इसकी बुकिंग हो चुकी हैं।














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