AIIMS Gorakhpur: हार्ट, न्यूरो, यूरो व नेफ्रो के नहीं हैं एम्स में डॉक्टर,मेडिकल कॉलेज कर रहे मरीजों को रेफर
गोरखपुर एम्स शुरु होने के बाद भी आज यहां कई विभागों में डॉक्टर नहीं हैं। इस कारण यहां के मरीजों को एम्स रेफर किया जा रहा है। एम्स में हार्ट, न्यूरो, यूरो व नेफ्रो के डाक्टर न होने गंभीर रोगी बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर किए
Gorakhpur News: गोरखपुर एम्स शुरु होने के बाद भी आज यहां कई विभागों में डॉक्टर नहीं हैं। इस कारण यहां के मरीजों को एम्स रेफर किया जा रहा है। एम्स में हार्ट, न्यूरो, यूरो व नेफ्रो के डाक्टर न होने गंभीर रोगी बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर किए जा रहे हैं। सोमवार को 16 से अधिक न्यूरो व किडनी के रोगी पर्चा काउंटर से ही वापस कर दिए गए। जो किसी तरह डाक्टर के पास पहुंच गए, उन्हें मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया।

एम्स में गंभीर रोगियों को राहत नहीं मिल रही है। अभी सामान्य रोगी ही देखे व भर्ती किए जा रहे हैं। सामान्य रोगियों में भी यदि किसी रोगी को एक विभाग के डाक्टर ने दूसरे विभाग में दिखा लेने को कहा तो उसे उस दिन नहीं देखा जाएगा। मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि रोगियों को देखने की एक व्यवस्था बनाई गई है। आनलाइन व आफलाइन रोगियों की प्रतिदिन की संख्या निर्धारित की गई है। उससे ज्यादा रोगी आ जाते हैं तो उन्हें वापस करना पड़ता है। न्यूरो, नेफ्रो, हार्ट आदि रोगों के डाक्टर नहीं है, इसलिए ऐसे रोगियों को रेफर कर दिया जाता है।
एम्स में रिपोर्ट दिखाने के लिए भी एप्वाइंटमेंट लेना पड़ता है। रोगी पहले डाक्टर को दिखाते हैं। वह जांच के लिए लिखते हैं। बिना जांच शुरू हुए सटीक दवा शुरू नहीं हो पाती। दो दिन बाद जब डाक्टर को दिखाने के लिए रिपोर्ट लेकर पहुंचते हैं तो उन्हें वापस कर दिया जाता है।
एम्स में रोगियों के लिए दो व्यवस्था बनाई गई है- आनलाइन व आफलाइन। एम्स के आरोग्य सेतु एप से आनलाइन एप्वाइंटमेंट लिया जा सकता है। एक डाक्टर के हिसाब से एक दिन में 105 रोगी एप्वाइंटमेंट ले सकते हैं। इसके अलावा एक डाक्टर पर प्रतिदिन 45 रोगियों का आफलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है। अर्थात एक डाक्टर एक दिन में 150 रोगी देखते हैं।












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