Chhath Puja 2022: अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने भगवान सूर्य से की मंगलकामना
गोरखपुर में छठ महापर्व का उल्लास देखने योग्य है। रविवार शाम व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पति व पुत्र के लिए मंगलकामना की। दोपहर बाद से ही महिलाएं,बच्चे,बुजुर्ग सभी छठ पूजा घाटों पर चले गए।
Chhath Puja 2022 In Gorakhpur: गोरखपुर में छठ महापर्व का उल्लास देखने योग्य है। रविवार शाम व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पति व पुत्र के लिए मंगलकामना की। दोपहर बाद से ही महिलाएं,बच्चे,बुजुर्ग सभी छठ पूजा घाटों पर चले गए। इस दौरान परिजनों ने सिर पर पूजा सामग्री और दउरा लिए हुआ था। घाटों पर सभी लोग भगवान सूर्य के अस्त होने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही वह अस्त होने को आए महिलाओं ने अर्घ्य दिया एंव इसी के साथ लोकगीतों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। पटाखों की आवाज आमजन के उत्साह को बता रही थीं ।

छठ के रंग में रंगा गोरखपुर
यह दृश्य रहा गोरखपुर जिले के लगभग चार सौ छठ घाटों का। मुख्य रुप से सूरजकुंड धाम, गोरखनाथ, महेसरा, राजघाट, तकिया घाट, रामगढ़ताल, विष्णु मंदिर असुरन, खरैया पोखरा, शाहपुर,छोटेकाजीपुर,पादरी बाजार,पैडलेगंज समेत कई जगहों भारी संख्या में सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया गया। इस दौरान आमजन ने अपने बच्चों की भलाई और अच्छे स्वास्थ्य के कामना की। छठ पूजा के तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया गया। इसका बहुत महत्व है और सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। जिन लोगाें को कोसी भरनी है वो देर रात तक पूजा अर्चना में लगे रहेंगे।

महिलाओं ने की मंगलकामना
लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व पारिवारिक सुख समृद्धि,पति व पुत्र प्राप्ति सहित कई अन्य मनोकामनाओं के लिए रहा जाता है। चार दिवसीय चैती छठ का खास महत्व है। पहले दिन नहाए खाए और घर की स्वच्छता के साथ इस पर्व की शुरुआत होती है। छठ के तिसरे दिन भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाता है। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देने के बाद घरों में महिलाओं ने कोशी भरने की रस्म अदायगी की।

कई वर्षों से मना रहे छठ पर्व
शाहपुर के नाथपुर कॉलोनी के रहने वाले नितिन श्रीवास्तव बताते हैं कि उनके परिवार में पिछले कई वर्षों से छठ पर्व मनाया जाता है। इस पर्व का खासा महत्व है। परिवार के हर सदस्य इसमें अपना सहयोग देते हैं। छठी माता की कृपा से आज परिवार में सुख समृद्धि है। दूर-दूर से लोग यहां आते हैं और छठी माता सभी की मुरादें पूरी करती हैं।

अपार आस्था है छठ माता में
छोटेकाजीपुर के विजय कुमार बताते हैं कि छठी माता में मेरे और मेरे परिवार की अपार आस्था है। माता ने कई मुरादें पुरी की हैं।यह पर्व हम हमेशा हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं। कोसी भरने का कार्यक्रम भी होता है। इस समय परिवार के वे लोग भी घर आ जाते हैं जो बाहर रहते हैं। यह पर्व समरसता व समभाव का पर्व हैं।












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