विश्वविद्यालय परंपरागत व रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की बना रहा विशेष योजना- कुलपति
Gorakhpur News: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को परंपरागत पाठ्यक्रमों के साथ साथ अच्छे रोजगारपरक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के लिए विशेष योजना पर काम कर रहा है और आगामी सत्र से विश्वविद्यालय में कई पूर्णकालिक और अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू कर दिए जायेंगे। कुलपति प्रो पूनम टंडन ने यह विचार रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के संबंध में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में व्यक्त किया।
बैठक में भारत सरकार के पूर्व आर्थिक सलाहकार और विभिन्न मंत्रालयों में सचिव रहे एवं संप्रति सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज (क्रिस्प) के वरिष्ठ सलाहकार वी एल एस सुब्बाराव ने विशेष रूप से तैयार किए गए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और उनकी संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी और उत्तर प्रदेश सरकार और क्रिस्प के बीच हुए एमओयू के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों के बारे में बताया।

राव ने बताया कि ऐसे पाठ्यक्रमों को तैयार करने और इसे संचालित करने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए विभिन्न स्किल सेक्टर काउंसिल बनाए गए हैं जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ सम्मिलित किए गए हैं।
कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने परिसर के साथ साथ संबद्ध महाविद्यालयों में भी रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में कुलसचिव प्रो शांतनु रस्तोगी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी प्रो अश्विनी कुमार मिश्र, प्रो हर्ष कुमार सिन्हा और प्रो अनुभूति दुबे उपस्थित रहे।
राव ने इस बैठक के पश्चात विश्वविद्यालय से संबद्ध सेंट एंड्रयूज कालेज, महात्मा गांधी पी जी कालेज, एम जी पी जी कालेज जंगल धूसड़, बापू पी जी कालेज पीपीगंज, चंद्रकांति रमावती पी जी कालेज और संत विनोबा पी जी कालेज देवरिया के प्राचार्यों के साथ भी इस संबंध में बैठक की और महाविद्यालयों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।












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