DDU University के शोध छात्र का यूनिवर्सिटी ऑफ़ रीयूनियन फ्रांस में हुआ चयन, सामने आई यह बड़ी वजह
DDU University Gorakhpur Latest News Uttar Pradesh: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के शोध अभ्यर्थी डॉ प्रयागराज सिंह को यूनिवर्सिटी ऑफ़ रीयूनियन, फ्रांस में पोस्टडॉक्टरल शोध हेतु फेलोशिप के लिए चुना गया है।डॉ प्रयागराज सिंह ने भौतिकी विभाग में इसरो के प्रोजेक्ट में काम करते हुए वायुमंडल में सूक्ष्म कणों, एरोसोल, के गुणों तथा उनके जलवायु पर प्रभाव का अध्ययन किया है। मई माह के अंत तक उन्हें मारीशस के निकट फ्रांस के रीयूनियन टापू में यूरोपीय संघ द्वारा वित्त पोषित पोस्टडॉक्टरल शोध आरंभ करना है।
उनके शोध का उद्देश्य दक्षिणी गोलार्ध में एरोसोल गुणों के विकास की जांच एक बहु-स्तरीय दृष्टिकोण के माध्यम से करना है। एरोसोल के उत्सर्जन स्रोतों पर एरोसोल विशेषताओं की पुनर्प्राप्ति, एकीकृत इन-सीटू और रिमोट सेंसिंग पर्यवेक्षण का उपयोग करके उनके परिवर्तन और परिवहन का विश्लेषण, और प्लम एजिंग प्रक्रियाओं की मॉडलिंग का कार्य उन्हें करना है।

भौतिकी के प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी के मार्गदर्शन में इन्होने इसरो प्रायोजित एरोसोल रेडिएटिव फोर्सिंग ओवर इंडिया (ARFI) परियोजना के तहत मध्य इंडो-गन्जेटिक प्लेन (गंगा के तराई छेत्र) पर एरोसोल परिवर्तनशीलता का अध्ययन किया है, जिसेके रिजल्ट्स महत्वपूर्ण जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
इंडो-गन्जेटिक मैदान जटिल वायुमंडलीय गतिशीलता और उल्लेखनीय वायु गुणवत्ता चुनौतियों वाला क्षेत्र है। अध्ययन ने एरोसोल के भौतिक और विकिरण गुणों के बारे में मूल्यवान जानकारी प्रदान की, जिसमें विभिन्न मौसमों के दौरान लंबी दूरी के परिवहन और परिवर्तन तंत्र पर जोर दिया गया। प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी तथा डॉ प्रभुनाथ प्रसाद के साथ किये गए उनके शोध ने क्षेत्रीय एरोसोल-जलवायु अंतःक्रियाओं की व्यापक समझ में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब यही अनुभव ले कर वे सेंट डेनिस स्थित लेबोरेटरी ऑफ़ अटमोस्फेर एंड साय्क्लोंन में विश्व स्तर पर एयरोसोल का पर्यावरण एवं जलवायु से सम्बन्धों का विश्लेषण करेंगे। उनकी पोस्टडॉक्टरल शोध फेलोशिप का कार्यकाल तीन साल के लिए है।












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