नई शिक्षा नीति को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय करेगा खास पहल, होंगे ये फायदे
DDU University Gorakhpur: मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर एवं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन एनईपी ओरिएंटेशन एवं सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम का शुभारंभ 4 अक्टूबर से किया जाएगा। यह कार्यक्रम 12 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। इस ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से लगभग 60 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। उद्घाटन सत्र का आयोजन 4 अक्टूबर को अपराह्न 2 बजे से किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे उत्कल विश्वविद्यालय, ओडिशा के कुलपति प्रो. जगनेश्वर दंडपाट, एवं विशिष्ट अतिथि होंगे सांसद देवरिया शशांक मणि त्रिपाठी।
कार्यक्रम की संरक्षिका, प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने इस अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि -"नई शिक्षा नीति देश की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आई है। इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों को समझने और उसे अपने शैक्षिक कार्य में प्रभावी रूप से लागू करने का अवसर मिलेगा। मुझे विश्वास है कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।"

कार्यक्रम निदेशक प्रो. चंद्रशेखर, निदेशक यूजीसी-एमएमटीटीसी, समन्वयक डॉ. तुलिका मिश्रा एवं सह-समन्वयक डॉ. राकेश पांडेय हैं। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य नई शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत शिक्षकों का अभिमुखीकरण एवं संवेदनशीलता बढ़ाना है, ताकि "Education for All, Excellence for Each" की संकल्पना को साकार किया जा सके।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में 12 किलो लीटर प्रति दिवस (KLD) क्षमता का अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से यह परियोजना विवेकानंद छात्रावास के पीछे लगभग 36 × 50 मीटर क्षेत्रफल में ₹6.11 करोड़ की लागत से निर्मित की जा रही है। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इस प्लांट में एसटीपी पंपिंग रूम, कलेक्शन टैंक, सक्रिय कीचड़ (Activated Sludge) टैंक, प्लांट बेड्स और ट्रीटेड वाटर टैंक जैसी व्यवस्थाएँ शामिल होंगी।












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