DDU University और आईसीएमआर बीच हुआ एमओयू, फायदे जान रह जाएंगे हैरान
DDU University Gorakhpur News: अकादमिक सहयोग और ज्ञान-साझाकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) और रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर - आईसीएमआर (आरएमआरसी), गोरखपुर के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समारोह विश्वविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ, जिसने जैविक विज्ञान अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के एक नए युग की शुरुआत को चिह्नित किया।
इस एमओयू के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर सहयोग किया जाएगा -
उभरते एवं अंतःविषय क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ।
शिक्षकों और छात्रों के आदान-प्रदान कार्यक्रम ताकि शैक्षणिक exposure बढ़ सके।

शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग जिसमें पुस्तकालय, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और प्रयोगशालाएँ शामिल हैं।
कौशल आधारित कार्यक्रम जो रोजगारोन्मुखी नवाचार को बढ़ावा देंगे।
संयुक्त संगोष्ठी, कार्यशालाएँ एवं सम्मेलन जिससे मजबूत शोध नेटवर्क का निर्माण हो सके।
यह शैक्षणिक साझेदारी अंतरविषयक अनुसंधान, पाठ्यक्रम विकास तथा क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक मानकों की उन्नति में सहायक सिद्ध होगी।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अंतर-संस्थागत सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा -
"ऐसे प्रयास शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाते हैं, सीखने की संभावनाओं का विस्तार करते हैं और हमारे विद्यार्थियों को नवाचार, विकास तथा समाज में सार्थक योगदान के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं।"
एमओयू पर हस्ताक्षर प्रो. हरी शंकर जोशी, निदेशक, आईसीएमआर-आरएमआरसी; प्रो. दिनेश यादव, निदेशक (अनुसंधान एवं विकास) एवं विभागाध्यक्ष, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, डीडीयूजीयू; डॉ. रामवंत गुप्ता, निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ; तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए। इनमें से प्रमुख थे - डॉ. राजीव सिंह और डॉ. गौरव राज द्विवेदी (आईसीएमआर-आरएमआरसी) तथा प्रो. सरद कुमार मिश्र, डॉ. पवन कुमार दोहरे और डॉ. गौरव सिंह (जैव प्रौद्योगिकी विभाग, डीडीयूजीयू)।












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