DDU University में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया EcoBrick प्रशिक्षण, इसके हैं कई फायदे
DDU University Gorakhpur Latest News Hindi Uttar Pradesh: United Youth Association of Purvanchal (UYAP) द्वारा संचालित "नील गगन पूर्वांचल" अभियान के दूसरे चरण का समापन आज दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के Delegacy में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य गतिविधि रही EcoBrick Training Session, जिसमें विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों एवं युवा स्वयंसेवकों ने भाग लेकर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की तकनीक सीखी। इस सत्र में कुल 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की।
EcoBrick Training: समाधान और संकल्प
EcoBrick तकनीक के माध्यम से प्रतिभागियों ने सीखा कि किस प्रकार घरेलू प्लास्टिक कचरे को साफ करके PET बोतलों में भरकर इको-ईंट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन ईंटों का उपयोग स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और जागरूकता कार्यों में निर्माण हेतु किया जा सकता है। प्रशिक्षण का संचालन स्वयं वरुण, शिखा और प्रिंस ने मिलकर किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल डेमो और स्टेप बाय स्टेप मार्गदर्शन दिया। आयोजन की व्यवस्थाओं में इन युवाओं की भागीदारी सराहनीय रही।

विशिष्ट जनों की प्रतिक्रिया
डॉ. मनीष पांडेय (सहायक प्रोफेसर):
"EcoBrick जैसी तकनीकें हमें यह सिखाती हैं कि कचरा भी संसाधन बन सकता है। इस तरह के कार्यक्रम छात्रों में पर्यावरणीय नेतृत्व का भाव जगाते हैं।"
डॉ. अपरा मणि त्रिपाठी (सहायक प्रोफेसर, भौतिकी विभाग):
"नील गगन पूर्वांचल केवल गतिविधि नहीं, यह एक सामाजिक चेतना की लहर है। हम गर्व महसूस करते हैं कि विश्वविद्यालय इसका अंग बना।"
रंग बिहारी पांडे (समाजसेवी):
"हमने वर्षों से पर्यावरण पर बात की, पर अब UYAP जैसी युवा टीमों के प्रयासों में हमें समाधान की झलक दिख रही है। यह अभियान जन-जन तक पहुँचना चाहिए।"
UYAP का नेतृत्व और अभियान विस्तार
इस पूरे अभियान का संचालन UYAP के अध्यक्ष श्री नारायण दत्त पाठक के मार्गदर्शन में हुआ, जिन्होंने युवाओं को संयोजन, प्रशिक्षण और अनुशासन के माध्यम से नेतृत्व का अवसर दिया।
संस्थापक एवं रणनीतिक प्रमुख अभय सिंह ने बताया:
"नील गगन पूर्वांचल का उद्देश्य युवाओं को न केवल पर्यावरणीय रूप से जागरूक बनाना है, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल देना है जिससे वे समुदाय के लिए प्रभावशाली भूमिका निभा सकें।"
प्रशिक्षण प्रमाण पत्र एवं सम्मान
सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (Training Certificate) प्रदान किया गया, साथ ही Green Pledge दिलवाया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और हरित जीवनशैली के संकल्प लिए गए।

दूसरा चरण पूर्ण, तीसरे की तैयारी
यह प्रशिक्षण सत्र नील गगन पूर्वांचल अभियान के दूसरे चरण का अंतिम कार्यक्रम था। इससे पहले वृक्षारोपण, जागरूकता रैली, कचरा पृथक्करण ड्राइव, पोस्टर/निबंध प्रतियोगिता, और "Bring Your Own Bottle" अभियान जैसे कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं। अब अभियान 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने तीसरे एवं अंतिम चरण में प्रवेश करेगा।
"नील गगन पूर्वांचल" अब केवल एक जागरूकता अभियान नहीं रहा, यह पूर्वांचल के युवाओं का हरित आंदोलन बन गया है - जो शिक्षा, प्रशिक्षण और जन-भागीदारी के माध्यम से सतत विकास की ओर अग्रसर है। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में वरुण, शिखा और प्रिंस ने तकनीकी सहायता, मंच संचालन और आयोजन प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी सक्रिय सहभागिता और समर्पण ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया, साथ ही सभी को पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने हेतु Green Pledge (हरित संकल्प) भी दिलाया गया। UYAP द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान जून 2025 तक चलेगा, जिसमें वृक्षारोपण, कचरा पृथक्करण, जागरूकता रैली, BYOB अभियान और सार्वजनिक स्थानों को गोद लेने जैसी कई गतिविधियाँ सम्मिलित हैं।
नील गगन पूर्वांचल अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पूर्वांचल के युवाओं द्वारा गढ़ा गया हरित आंदोलन बनता जा रहा है।
UYAP ने छह महीनों में 500+ लोगों को दिलाई पर्यावरणीय शपथ - हरित पूर्वांचल की दिशा में युवा नेतृत्व का उल्लेखनीय प्रयास
पूर्वांचल के विभिन्न स्थानों पर आयोजित अभियानों और कार्यक्रमों के माध्यम से 1100 से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
यह संकल्प युवाओं, छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों के प्रति जागरूक और प्रतिबद्ध बनाने के उद्देश्य से लिया गया।
"हमारा लक्ष्य केवल पौधे लगाना या कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि युवाओं और नागरिकों के भीतर दीर्घकालिक सोच और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का संस्कार उत्पन्न करना है। शपथ दिलाना इस जागरूकता का पहला ठोस कदम है।"
नारायण दत्त पाठक,अध्यक्ष, UYAP ने कहा -
"हमारी टीम जनभागीदारी के साथ लगातार गांवों, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कार्य कर रही है। हर व्यक्ति जो हरित सोच से जुड़ रहा है, वह पूर्वांचल को एक स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ दिशा में ले जा रहा है।"
इस अभियान के दौरान UYAP द्वारा विश्वविद्यालयों, स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और ग्राम पंचायतों में जाकर सैकड़ों युवाओं को "हरित पूर्वांचल की शपथ" दिलाई गई, जिसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण हेतु व्यक्तिगत और सामाजिक योगदान देने का वादा किया।
यह शपथ अभियान और वृक्षारोपण, इकोब्रिक, सिग्नेचर वॉल जैसे कार्यक्रमों का समन्वित रूप से संचालन किया जा रहा है।












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