DDU University और सभी सम्बद्ध महाविद्यालयों में होगा ‘एक साथ सूर्य नमस्कार', इस समय पर होगा खास कार्यक्रम
DDU University Latest News Hindi Uttar Pradesh: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने सभी सम्बद्ध महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे आगामी 21 जून 2025 को प्रातः 7:00 बजे आयोजित होने वाले 'एक साथ सूर्य नमस्कार योग मुद्रा' कार्यक्रम में पूर्ण सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ भाग लें। यह आयोजन अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में एक साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विश्व कीर्तिमान स्थापित करना है।
यह निर्देश माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के मार्गदर्शन में राज्यपाल सचिवालय, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी पत्र (संख्या ई-3458/32-जीएस/2025 दिनांक 27.05.2025) के अनुसार दिये गए हैं।

विश्व कीर्तिमान के लिए एकजुट प्रयास
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी सम्बद्ध महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने परिसरों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों, NSS/NCC/Scout इकाइयों, नागरिक संगठनों, ग्रामीण समुदायों एवं स्थानीय समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करें। योग सत्र की जियो टैग की गई तस्वीरें, अधिकतम 30 सेकंड का वीडियो, प्रतिभागियों की संख्या और कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट 24 जून 2025 तक राज्यपाल सचिवालय को भौतिक रूप से भेजनी होगी। इसके अतिरिक्त, डिजिटल सूचना संप्रेषण हेतु विश्वविद्यालय द्वारा पृथक रूप से गूगल फॉर्म लिंक और ईमेल आईडी साझा की जाएगी।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन का संदेश: समाज के सभी वर्ग आगे आएं
डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने इस अवसर पर कहा:
"माननीय उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर रहे हैं। 'एक साथ सूर्य नमस्कार' केवल एक योग क्रिया नहीं, बल्कि यह भारत की प्राचीन परंपरा, स्वास्थ्य जागरूकता, सामूहिक अनुशासन एवं वैश्विक सद्भाव का प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से हम संपूर्ण विश्व को यह संदेश देना चाहते हैं कि योग मानवता को जोड़ने का माध्यम है।"
उन्होंने यह भी अपील की:
"मैं समाज के सभी वर्गों - विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, चिकित्सा, सुरक्षा, व्यापारिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संगठनों - से आग्रह करती हूं कि वे इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करें और डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ मिलकर इस विश्व रिकॉर्ड को स्थापित करने की ऐतिहासिक पहल में सहभागी बनें।"
योग से यश की ओर: मिलकर बनाएँ कीर्तिमान
विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम को न केवल एक रिकॉर्ड बनाने की दिशा में, बल्कि एक जनआंदोलन के रूप में देखता है, जो भारत की योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक होगा। यह आयोजन विद्यार्थियों और समाज को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।












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