स्वस्थ रहना है तो गोरखपुर के इन जगहों से बनाए रखें दूरी, हवा हुई जहरीली
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकडों के मुताबिक गोरखपुर में गोलघर व गीडा की हवा जहरीली हो चुकी है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकार है।

Gorakhpur News: गोरखपुर के कुछ जगहों की हवा में प्रदूषण मात्रा इस कदर बढ़ गयी है कि वो जहरीली हो चुकी हैं। इन जगहों पर हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखने को मिली है। प्रदूषण एंव नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकडों के मुताबिक गोरलघ व गीडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) की भी हवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताई गयी है।
आंकडों के मुताबिक,गीडा की हवा की गुणवत्ता सूचकांक 300 है, जबकि गोलघर इलाके का सूचकांक 250 से ऊपर है। एमएमएमयूटी की हवा गुणवत्ता सूचकांक 125 से ऊपर है। जानकारी के मुताबिक सौ एक्यूआई की हवा सेहत के लिए संतोषजनक मानी जाती है। इससे ज्यादा प्रदूषित हवा सभी के लिए हानिकारक होती है। इससे कई तरह की बीमारियां होती हैं तो स्वास्थ संकट के रुप में हैं। जानकारी के मुताबिक, शून्य से पचास एक्यूआई सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। जबकि 51-100 संतोषजनक माना जाता है।
गोरखपुर में तीन स्थानों पर ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने हवा की गुणवत्ता मापने का यंत्र लगाया गया है। आवासीय क्षेत्र के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एमएमएमयूटी परिसर में रेस्पिरेबल डस्ट सैंपलर मशीन लगाई है। इसी तरह गोलघर व गीडा में मशीन लगाई गयी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि शहर के कुछ जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स मापने की मशीनें लगाई जानी हैं। इन स्थानों में गोलघर, रामगढ़ताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और बैंक रोड शामिल है। इस संबंध में प्रस्ताव केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा जा चुका है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इन स्थानों पर मशीनों को लगा दिया जाएगा।












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