Goa Tourism: इडली-सांभर और वड़ा-पाव ने विदेशी पर्यटकों का क्या बिगाड़ा, क्यों कम हो गए सैलानी ?
Goa Tourism News: गोवा के बीजेपी एमएलए माइकल लोबो ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा है कि समुद्र तटों पर वड़ा-पाव और इडली-सांभर की बिक्री विदेशी पर्यटकों की घटती संख्या की एक बड़ी वजह हो सकती है। उन्होंने इस संकट के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह केवल सरकार की जवाबदेही नहीं है।
माइकल लोबो ने कहा कि गोवा के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है। उन्होंने कई फैक्टर को इस गिरावट के लिए जिम्मेदार बताया है, लेकिन इसमें इडली-सांभर और वड़ा-पाव को भी शामिल किया है।

Goa Tourism: समुद्र तटों पर वड़ा-पाव और इडली-सांभर बेचने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन प्रभावित-बीजेपी विधायक
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार,लोबो ने इस बात पर नाराजगी जताई कि गोवा के स्थानीय लोग समुद्री तटों पर स्थित अपनी झोपड़ियों (शैक्स) को बाहरी कारोबारियों को किराए पर दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग बेंगलुरु से आकर समुद्र तटों पर वड़ा-पाव और इडली-सांभर बेच रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन प्रभावित हो रहा है।
Goa Tourism News: विदेशी पर्यटकों नहीं आए तो गोवा का पर्यटन उद्योग अंधकारमय-विधायक
बीजेपी एमएल ने गोवा पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित लोगों से अनुरोध किया है कि वे इस समस्या के समाधान के लिए एक संयुक्त बैठक करें और यह समझने की कोशिश करें कि हाल के वर्षों में विदेशी पर्यटक गोवा आना क्यों बंद कर रहे हैं?
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस संकट को सुलझाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो गोवा का पर्यटन उद्योग अंधकारमय दिनों की ओर बढ़ सकता है।
Goa Tourism: रूस-यूक्रेन युद्ध और टैक्सी ऑपरेटरों के मतभेदों को भी बताया सैलानियों की घटती संख्या के लिए जिम्मेदार
लोबो ने यह भी कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण गोवा में आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी देखी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सोवियत संघ के देशों से आने वाले पर्यटक अब गोवा नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने राज्य में कैब एग्रीगेटर्स और स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों के बीच मतभेदों को भी पर्यटन उद्योग के लिए बाधा बताया।
Goa Tourism: क्या वड़ा-पाव और इडली-सांभर वास्तव में जिम्मेदार हैं?
गोवा हमेशा से अपने समुद्र तटों, नाइटलाइफ और स्थानीय कोंकणी व्यंजनों के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन,यह कहना कि वड़ा-पाव और इडली-सांभर की बिक्री से विदेशी पर्यटकों की संख्या घट रही है, एक विवादित दावा माना जा सकता है।
कई जानकारों का मानना है कि बढ़ते होटल किराए, पर्यावरणीय समस्याएं, महंगे हवाई किराए और स्थानीय व्यापार से जुड़ी समस्याएं भी पर्यटन में गिरावट के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।
गोवा की अर्थव्यस्था में पर्यटन उद्योग एक रीढ़ की तरह है, और इसकी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलकर काम करने की जरूरत है।












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