Ghazipur News: जानिए कौन हैं Afzal Ansari?, 2 बार सांसद बने और दोनों बार गए जेल, अब सपा ने तीसरी बार दिया टिकट

Ghazipur News: समाजवादी पार्टी द्वारा लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए सोमवार को अपने 11 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की गई। जारी सूची में गाजीपुर के नेता अफजाल अंसारी का भी नाम शामिल है।

अफजाल अंसारी साल 2019 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर सांसद बने थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मनोज सिन्हा को भारी मतों से पराजित किया था। अफजाल अंसारी को सपा और बसपा गठबंधन होने का फायदा मिला था।

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अफजाल अंसारी को समाजवादी पार्टी द्वारा गाजीपुर लोकसभा सीट से टिकट दिए जाने के बाद अंसारी परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतर कर अखिलेश यादव ने डैमेज कंट्रोल करने का भी प्रयास किया है।

क्योंकि हाल ही में बदायूं के पूर्व सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सलीम इकबाल शेरवानी में सपा में मुस्लिम समाज के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव द्वारा मुस्लिम प्रत्याशी को उतार कर मुस्लिम समाज की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया गया है। यह कदम सपा के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

लेकिन अगर अफजाल अंसारी के राजनीतिक करियर की बात करें तो गाजीपुर के लोगों के बीच अफजल को लेकर खास चर्चा ये है कि जब भी अफजाल अंसारी सांसद बने, उन्हें जेल जाना पड़ा।

अफजाल अंसारी ने 1985 में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। पहली बार वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक बने थे। उसके बाद 1996 तक लगातार चुनाव जीतते रहे लेकिन साल 2002 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

उसके बाद साल 2004 में समाजवादी पार्टी द्वारा उन्हें गाजीपुर संसदीय सीट से टिकट दिया गया। इस चुनाव में अफजाल अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को पीछे छोड़ते हुए गाजीपुर के सांसद बने।

गाजीपुर सांसद बनने के बाद साल 2005 में कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में साजिश के आरोप में उनको जेल जाना पड़ा। लंबा राजनीतिक सफल तय करने के बाद भी पहली बार सांसद बनते ही उन्हें जेल जाना पड़ा।

हालांकि इसके बाद अफजाल अंसारी साल 2009 2014 में भी चुनाव लड़े लेकिन उन्हें हर का सामना करना पड़ा। अफजाल अंसारी ने कौमी एकता दल नाम से अपनी एक पार्टी भी बनाई थी लेकिन बाद में पार्टी अस्तित्व में नहीं रही।

उसके बाद साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन हुआ। गठबंधन होने के बाद अफजाल अंसारी बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत दर्ज की।

हालांकि दूसरी बार सांसद बनने के बाद 29 अप्रैल 2023 को गैंगस्टर के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 4 साल की सजा सुनाई थी। उसके बाद से यह चर्चा होने लगी की अफजाल अंसारी जब भी सांसद बने उन्हें जेल जाना पड़ा। अब तीसरी बार समाजवादी पार्टी द्वारा उन्हें पुनः लोकसभा चुनाव मैदान में गाजीपुर से टिकट दिया गया है। जिसे लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा चल रही है।

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