तीन स्टेप में बच्चों को धर्मांतरण के लिए बहला था मौलवी अब्दुल रहमान, सामने आई Whatsapp Chat से हुए कई खुलासे
Abdul Rehman Whatsapp Chat: गाजियाबाद पुलिस ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए चल रहे धर्मांतरण के खेल का खुलास करते हुए मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था।

Abdul Rehman Whatsapp Chat: ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए धर्मांतरण का मामले बीते दिनों उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से सामने आया था। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस ने मस्जिद के मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था। वहीं, अब उसकी whatsapp chat history भी सामने आ गई है, जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं। हालांकि, मौलवी ने खुद को बचाने के लिए अपने फोन से संबंधित सारी चैट व डाटा डिलिट कर दिया था।
ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से धर्मांतरण का खुलास उस वक्त हुआ, जब गाजियाबाद के कविनगर इलाके के निवाली एक शख्स ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस को दी गई तहरीर में शख्स ने बताया था कि कुछ दूसरे धर्म के लोगों द्वारा उनके नाबालिग बेटे को बहला फुसलाकर इस्लाम धर्म की ओर आकर्षित किया जा रहा है। जिसके बाद उनके बच्चे ने इस्लामिक क्रियाएं करना प्रारम्भ कर दिया था।
बच्चे के पिता ने तहरीर में बताया कि जब उन्होंने उसे रोका तो उसने कहा कि घर से निकालोगो तो मस्जिद में रह लूंगा। उसकी बातें सुनकर परिवार वालों के होश उड़ गए थे। पुलिस ने इस मामले में अभियोग पंजीकृत कर मामले की तफ्तीश शुरू की और एक जैन, 2 हिंदु लड़कों व उनके परिजनों से पूछताछ की। NANNI यानी अब्दुल रहमान उर्फ नन्नी व Baddo यानी खान शहनवाज मकसुद का नाम सामने आया।
गाजियाबाद पुलिस ने उब्दुल रहमान उर्फ नन्नी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, खान शहनवाज मकसुद को गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित कर दी है, जो उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस गिरफ्त में आए अबदुल रहमान उर्फ नन्नी ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले कई सालों से मस्जिद में नियमित तौर पर नमाज अदा करता है। साथ ही वह इस्लाम के लिए कार्य, प्रचार-प्रसार करना चाहता था।
इसलिए उसने गैर मुस्लिम लोगों को इस्लाम के बारे में बताया था। इसी क्रम में करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात दो गैर नाबालिग लड़कों से हुई, जो गेमिंग एप से भ्रमित होकर इस्लाम की ओर आकर्षित हो रहे थे। नन्नी ने उन्हे इस्लाम धर्म को सर्वोपरी बताकर उन्हें अपनी बातों से बरगलाया था। इस दौरान वह काफी हद तक अपने प्रयासों में सफल भी रहा था। किन्तु दोनों लड़कों के परिवालों को पता चल गया।
जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कर दी। नन्नी ने बताया कि मैंने पुलि से बचने के लिए अपने फोन से इससे मामले से संबंधित सारी चैट व डाटा डिलिट कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने उब्दुल रहमान उर्फ नन्नी के मोबाइल फोन में गैर-मुस्लिम युवकों को बरगलाकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरिक करने के कई साक्ष्य प्राप्त हुए है। वहीं, पुलिस ने बताया कि बच्चों को बहला-फुलसलाकर धर्मांतरण का ये सारा खेल तीन स्टेप में होता था।
पहले चरण में कुछ मुस्लिम युवक अन्य धर्मों के लड़कों के नाम से आईडी बनाकर मोबाइल व कंप्यूटर से FORT NITE गेम एप पर गेम खेलते थे। जिसमें कुछ लडके गेम हार जाते थे तो उन्हें गेम जीतने के लिए आयते पढवाते थे। इसके बाद उन्हें गेम जिताकर विश्वास व भरोसा कायम करते थे। वहीं, दूसर चरण में discord app के द्वारा मुस्लिम लड़के हिंदु यूजर्स आईडी बनाकर हिंदु लड़को से चैट करते थे।
इस दौरान उन्हें बहलाफुसलाकर इस्लामिक रितियां रिवाज अपनाने के लिए उकसाया जाता था। वहीं, तीसरे चरण में प्रतिबंधित इस्लामिक प्रवक्ता जाकिर नाईक के 2015 के कुछ वीडियो व इस्लामिक स्पीच दिखाई जाती थी। उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए बहकाया जाता था।












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