देखिए, मोदी ने जहां चाय बेची वो दुकान बनेगी अब टूरिज्म स्पॉट, ₹100 करोड़ से बदल जाएगी तस्वीर
गांधीनगर। गुजरात में महेसाणा जिले में स्थित वडनगर कस्बे को सरकार टूरिज्म साइट के रूप में डेवलप कर रही है। वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहनगर है। यहां के रेलवे स्टेशन पर मोदी बचपन में चाय बेचते थे। वह दुकान वहां अब भी है। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने उस दुकान को भी री-इस्टेब्लिश करने की तैयारी शुरू कर दी हैं। महेसाणा सिटी और वडनगर में पर्यटन व्यवस्थाओं के लिए करीब 100 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। मंत्री प्रहलादसिंह पटेल के अनुसार, वडनगर को और ज्यादा स्मार्ट बनाया जाएगा। यहां वर्ष 1907 में ट्रेन का आवागमन शुरू हुआ था। वर्ष 1933 में वडनगर में ट्रेन के जरिए ही व्यापार होने लगा था। कहा जाता है कि मोदी जब जब 6 साल के थे, तब उन्होंने यहां चाय बेचकर पिता के काम में हाथ बंटाया।

यहां मोदी ने 6 साल की उम्र में बेची चाय
वडनगर रेलवे स्टेशन पर एक साइड में एक दुकान आज भी स्थित है। इसे मोदी की चाय की दुकान कहा जाता है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस यादगार जगह को देखने की लोगों की बहुत दिलचस्पी है। इसलिए, यहां अब चाय की केबिन को ग्लास-कवर से सिक्योर किया जाएगा। जंग नहीं लगे, इसकी व्यवस्था भी की जाएगी। इससे पहले वर्ष 2017 में सरकार ने वडनगर को टूरिज्म साइट के रूप में डेवलप करने का फैसला लिया था।

2017 में 8 करोड़ रुपए रेलवे स्टेशन के लिए आए
वडनगर में शर्मिष्ठा सरोवर है, जहां प्राचीन बौद्ध मठ के अवशेष मिल चुके हैं। प्रवासन मंत्रालय के साथ पुरातन विभाग के अधिकारी भी यहां का दौरा कर चुके हैं। अप्रैल 2017 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने वडनगर रेलवे स्टेशन को विकास कार्य के लिए 8 करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की थी।

केंद्र सरकार ने दिया धन मुहैया कराने का आश्वासन
अहमदाबाद डिविज़न के डीआरएम दिनेश कुमार ने भी सुझाव दिया कि करीब 100 करोड़ की लागत से वडनगर और महेसाणा को बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में डेवलप किया जा सकता है। जिसके बाद पर्यटन मंत्रालय ने राज्य के पर्यटन विभाग को धन मुहैया कराने का आश्वासन दिया।












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