हार्दिक के लिए करना चाहती थीं प्रचार मगर वो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, निर्दलीय ही मैदान में आईं रेशमा
Gujarat News in Hindi, गांधीनगर। गुजरात में पाटीदार महिला नेता व हार्दिक पटेल की दोस्त रहीं रेशमा पटेल ने पोरबंदर लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है। उन्हें किसी पार्टी ने टिकट नहीं दिया गया तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला लिया। इसके लिए वे बीते काफी दिनों से पोरबंदर में प्रचार-अभियान में जुटी हुई थीं। 16 मार्च को उन्होंने भाजपा में अपनी सदस्यता से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद उन्होंने कहा था कि मैं हार्दिक पटेल को अच्छे से जानती हूं। वो भाजपा को सबक सिखाने के लिए चुनाव लड़ें, मैं तो उनके लिए प्रचार भी करूंगी। मगर, हाईकोर्ट से झटका खाने के बाद हार्दिक इस बार कोई चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ऐसे में रेशमा का ध्यान अब खुद के प्रचार पर है।

ऐसे भाजपा में जुड़ीं और फिर अलग हो गईं
बता दें कि, गुजरात में 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति का जब गठन किया गया था तब रेश्मा पटेल हार्दिक पटेल के साथ शरीक हुई थीं। उन्होंने घूम-घूमकर गुजरात सरकार और नरेंद्र मोदी के खिलाफ स्टेटमेंट्स दिए और कई मौकों पर अकेले भी हार्दिक के साथ नजर आईं।
हालांकि, गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले रेश्मा पटेल पाटीदार नेताओं का साथ छोडकर भाजपा में शामिल हो गईं। भाजपा में आने के बाद वे हार्दिक पटेल के खिलाफ बयान देने लगीं। हालांकि, यहां कोई पद नहीं मिलने की वजह से वह भाजपा से नाराज रहने लगीं। लोकसभा चुनाव से पहले ही रेश्मा पटेल ने खुद चुनाव लड़ने की सोची और भाजपा से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद से वह भाजपा के खिलाफ जमकर बयान दे रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और एकम अध्यक्ष जीतू वाघानी को लेकर भी तीखी बातें की हैं।

कांग्रेस- भाजपा हल्के में ले रहीं रेशमा को
रेशमा पटेल ने पहले घोषणा की थी कि हार्दिक पटेल जहां से चुनाव लड़ेंगे, उनका साथ देंगी, लेकिन अदालत के आदेश के कारण हार्दिक पटेल चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में रेश्मा पटेल ने पोरबंदर निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है। हालाँकि, भाजपा और कांग्रेस के अगुवा मानते हैं कि वे उनके उम्मीदवारों के रहते चुनाव नहीं जीत सकतीं, लेकिन पाटीदार युवा नेता उनके द्वारा दी गई उम्मीदवारी से हैरान हैं।

बोलीं- मेरी हार या जीत का कोई महत्व नहीं
रेशमा पटेल ने कहा है कि मेरी हार या जीत का कोई महत्व नहीं है लेकिन मुझे इस धरती पर राजनीतिक काम करने का अवसर मिला है, जो मेरे लिए खास है।" रेशमा पटेल ने विधानसभा चुनाव लड़ने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मैं मानावदर सीट पर उपचुनाव में खड़ा होने जा रही हूं। रेशमा ने यह नहीं बताया कि किस पार्टी के टिकट के बलबूते पर वह लडेंगी, लेकिन यह साफ हो गया है कि वह लोकसभा औऱ विधानसभा का उपचुनाव लड़ने के लिये तैयार हैं।












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