सोमनाथ मंदिर पर खर्च होंगे 200 करोड़, मुगलों ने 17 बार तोड़ा था, सरदार पटेल ने पुनरुद्धार कराया

गांधीनगर। गुजरात में अरब सागर के तट पर स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के आसपास बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे पहले सरकार ने 80 करोड़ रुपये दिए थे। अब सरकार की प्राथमिकता समुद्र की तरफ डेढ़ किमी लंबा रास्‍ता बनाने की भी है। गुजरात टूरिज्‍म के प्रबंध निदेशक जीनू देवन ने बताया कि जरूरतों पर काम किया जा रहा है। बता दें कि, यह मंदिर वेरावल में स्थित है। इसे देश के 12 ज्‍योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।

17 बार तोड़ा गया यह प्रसिद्ध हिंदू मंदिर

17 बार तोड़ा गया यह प्रसिद्ध हिंदू मंदिर

ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, मुस्लिम आक्रांताओं ने 17 बार इस मंदिर को क्षति पहुंचाई थी। हालांकि, कोई न कोई राजा इसे बनवा देता था। जब देश आजाद हुआ, तो पहले गृहमंत्री सरदार वल्‍लभभाई पटेल ने इसका पुनरुद्धार कराया था। ऐसा माना जाता है कि सोमनाथ मंदिर गुजरात में बीजेपी के उद्भव का प्रतीक है। यहीं से सितंबर 1990 में लालकृष्‍ण आडवाणी ने अयोध्‍या के लिए रथयात्रा निकाली थी। इसके अलावा गुजरात के पूर्व मुख्‍यमंत्री केशुभाई पटेल की अध्‍यक्षता वाले मंदिर ट्रस्‍ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और लालकृष्‍ण आडवाणी सदस्‍य भी रहे हैं।

मंदिर तक पहुंचाने वाले रास्ते भी दुरुस्त किए जाएंगे

मंदिर तक पहुंचाने वाले रास्ते भी दुरुस्त किए जाएंगे

जीनू देवन के मुताबिक, मंदिर में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक सलाहकार को नियुक्‍त कर दिया गया है। गुजरात के टूरिज्‍म डिपार्टमेंट ने मंदिर के स्‍वरूप को बेहतर बनाने क‍ि लिए बैठक शुरू कर दी है। केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद 200 करोड़ रुपये ज्‍यादा हो सकती है। यात्रियों की संख्‍या हर साल बढ़ रही है। ऐसे में मंदिर पहुंचाने वाले रास्तों पर भी काम किया जाएगा।

मान्यता- शिवलिंग की स्थापना खुद चंद्रमा ने की थी

मान्यता- शिवलिंग की स्थापना खुद चंद्रमा ने की थी

यह मंदिर गुजरात के वेरावल बदंरगाह से कुछ ही दूरी पर प्रभास पाटण में स्थित है। शिव महापुराण में सभी ज्योतिर्लिंगों के बारे बताया गया है। इस ज्योतिर्लिंग के संबंध में मान्यता है कि सोमनाथ के शिवलिंग की स्थापना खुद चंद्रमा ने की थी। चंद्र के द्वारा स्थापना की जाने की वजह से इस शिवलिंग का नाम सोमनाथ पड़ा।

मंदिर की ऊंचाई 155 फीट

मंदिर की ऊंचाई 155 फीट

सोमनाथ मंदिर की ऊंचाई लगभग 155 फीट है। इस मंदिर के चारों ओर विशाल आंगन है। इसके अलावा मंदिर का प्रवेश द्वार कलात्मक है। मंदिर तीन भागों में विभाजित है- नाट्यमंडप, जगमोहन और गर्भगृह।

वल्लभभाई पटेल, रानी अहिल्याबाई की मूर्तियां भी लगी

वल्लभभाई पटेल, रानी अहिल्याबाई की मूर्तियां भी लगी

मंदिर के बाहर वल्लभभाई पटेल, रानी अहिल्याबाई आदि की मूर्तियां भी लगी हैं। समुद्र किनारे स्थित ये मंदिर बहुत ही सुंदर दिखाई देता है।

ट्रस्ट के पास 36 किलो सोना उपलब्ध

ट्रस्ट के पास 36 किलो सोना उपलब्ध

सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह और इसकी दीवारों पर सोने की परत पहले ही चढ़ाई जा चुकी है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के ट्रस्ट के पास अभी 36 किलो सोना रिजर्व में रखा हुआ है। गर्भगृह को सोने की परत से मढ़ने की योजना का पता चलने पर गुजरात के श्रद्धालु दिलीप लखी ने सालभर पहले 110 किलो सोना दान में दिया था। इसके अलावा सोमनाथ ट्रस्ट ने पिछले दिनाें मंदिर के 1250 कलशाें को सोने से मढ़ने का भी निर्णय लिया है।

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