मंदिर के द्वार खुले तो अंदर घुस आया मगरमच्छ, सुबह लगी लोगों की भीड़ और 'मां' कहकर पूजने लगे
गांधीनगर। गुजरात में महिसागर जिला स्थित खोडियार माता मंदिर से एक अनोखी घटना सामने आई है। मंदिर के द्वार खुले थे तभी एक मगरमच्छ गर्भगृह में घुस आया। वह माता की मूर्ति के सामने आराम फरमाने लगा। वहां जैसे ही कुछ श्रद्धालु आए तो दंग रह गए। मंदिर के पुजारी और अन्य श्रद्धालु उसे खोडियार माता की कृपा बताने लगे। धीरे-धीरे इसकी चर्चा पूरे इलाके में होने लगी और वहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी लोग अपने-अपने तरीके से मगरमच्छ की पूजा करने लगे। यह सूचना वन विभाग की टीम को लगी। जिसके बाद टीम मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गई। हालांकि, वहां श्रद्धालुओं की भीड़ होने की वजह से रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ा।

आधी रात को मंदिर में घुस आया मगरमच्छ
संवाददाता के अनुसार, महिसागर जिले में खोडियार माता का 200 साल पुराना मंदिर है। मंदिर से कुछ दूरी पर एक तालाब है, जिसमें मगरमच्छ रहते हैं। वहीं से वह मंदिर में घुस आया। लोग पूजने लगे। शनिवार आधी रात को मगरमच्छ देखा गया। रविवार दोपहर को वन विभाग को इसकी जानकारी हुई। किंतु जैसे ही विभाग की टीम उसे पकड़ने के लिए आई तो गांववालों ने वन विभाग की टीम को मगरमच्छ को निकालने से रोक दिया। तब वन अधिकारी आरवी पटेल समेत कई लोगों से समझाया कि यह वाइल्डलाइफ प्रॉटेक्शन ऐक्ट का उंल्लघन है। ऐक्ट के शेड्यूल 1 में लिखा है कि जानवरों को उनके स्थान में वापस भेज देना चाहिए। काफी मशक्कत के बाद श्रद्धालुओं ने मगरमच्छ को वहां से निकालने दिया।

वनविभाग ने कराया रेस्क्यू
वनविभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अपने आस-पास सैकड़ों लोगों को देखकर मगरमच्छ थोड़ा आक्रामक हो गया था। हमने फिर भी उसे पकड़ लिया और उसी तालाब में वापस भेज दिया, जहां से वह आया होगा।''

भगाने का प्रयास किया था, लेकिन वह नहीं हटा
वहीं, एक श्रद्धालु ने कहा, 'यह मंदिर अपार श्रद्धा का प्रतीक है। संभवत: वह मगर तभी मंदिर के गर्भगृह में घुसा। वह उन देवी मां की मूर्ति के पास आ गया था। पहले तो उसे भगाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब वह नहीं गया तो हमें लगा कि वह कोई दैवीय शक्ति है। जिसके बाद लोगों की भीड़ होने लगी।'

दूर दूर से पहुंचे लोग, शुभ-संकेत बताया
देवी के मंदिर में मगरमच्छ होने की जानकारी मिलते ही दूर-दूर से लोग पहुंचने लगे। कुछ गर्भगृह के दरवाजे से तो कुछ लोग खिड़की की ग्रिल से झांककर उसे देखने लगे। कई लोग यह भी कह रहे थे कि यदि आधी को मगरमच्छ मंदिर में आई है तो यह शुभ संकेत है।












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