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गुजरात में जब्त हुए 57 हजार हथियार, वोटिंग से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने किए चौंकाने वाले खुलासे

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Lok sabha elections 2019 News, गांधीनगर। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए गुजरात में 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। वोटिंग से एक दिन पहले चुनाव आयोग (election commission of india) के हवाले से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। चुनाव आयोग, पुलिस एवं चुनाव से जुड़ी अन्य एजेंसियों के संयुक्त अभियानों में राज्य में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गईं। यहां इस बार 56,907 लाइसेंसी हथियार धारकों से उनके ह​थियार थानों में जमा करा लिए गए। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से राज्यभर में 67,417 से अधिक गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। जबकि, कुल 3,03,377 लोगों को विभिन्न सीआरपीसी अधिनियमों के तहत हिरासत में भी लिया गया।

544 करोड़ का सामान जब्त किया गया

544 करोड़ का सामान जब्त किया गया

चुनाव आयोग के गुजरात में मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. मुरली कृष्णा के मुताबिक, गुजरात में 524.34 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया जा चुका है। 20 अप्रैल तक हुई कार्रवाईयों में कुल 130.73 किलोग्राम ड्रग्स, 11.13 करोड़ की 3.90 लाख लीटर शराब और कुल 7.58 करोड़ रुपये की नकदी और 1.88 करोड़ रुपये कीमत का सोना-चांदी जब्त किया गया। कुल जब्त नकदी/वस्तुओं की कुल राशि 544.94 करोड़ रुपए होती है।

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आचार संहिता के उल्लंघन की 186 शिकायतें दर्ज हुईं

आचार संहिता के उल्लंघन की 186 शिकायतें दर्ज हुईं

बकौल मुरली कृष्णा, ‘चुनाव आयोग (election commission of india) ने सभी तरह की गतिविधियों पर निगरानी रखी। जिसके चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों से करोड़ों की नकदी, सोना और ड्रग्स आदि जब्त कराए गए। यहां आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की 186 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। कई मामलों में आयोग ने तात्कालिक कार्रवाई भी की।

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गैरहाजरी के चलते क्लर्क का भी गिरफ्तारी वारंट इश्यू हो गया

गैरहाजरी के चलते क्लर्क का भी गिरफ्तारी वारंट इश्यू हो गया

चुनावी ड्यूटी में राज्यभर में हजारों कर्मचारी लगाए गए हैं। हालांकि, कई कर्मचारी अपनी इस जिम्मेदारी निभाने से कतराते भी देखे गए। इस क्रम में राजकोट कलेक्टर ने गैरहाजिर रहे वीरपुर के एक क्लर्क का गिरफ्तारी वारंट इश्यू करा दिया। यहां जिला कलेक्टर राहुल गुप्ता और चुनाव अधिकारी द्वारा वीरपुर के जलारामजी विद्यालय के क्लर्क विनोदभाई मूलजीभाई वेकरिया को पोलिंग ऑफिसर-1 नियुक्त किया गया था। 16 अप्रैल को जेतपुर में उसे ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया।हालांकि, किसी भी प्रकार की पूर्व जानकारी दिए बिना विनोदभाई इस ट्रेनिंग में गैरहाजिर रहे। उनके इस रवैये को चुनाव कामगीरी की अवहेलना मानकर कलेक्टर ने कार्रवाई कराने के आदेश दे डाले।

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English summary
Gujarat: Chief Electoral Officer S Murali Krishna's surprising disclosures before voting
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