BJP के गढ़ गांधीनगर में अमित शाह के मुकाबले कांग्रेस उम्मीदवार सीजे चावड़ा ने दोगुना खर्च किया
Lok sabha elections 2019 News, गांधीनगर। गुजरात की वीवीआईपी लोकसभा सीट गांधीनगर पर चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार सीजे चावड़ा ने सबसे अधिक खर्च किया है। चुनाव आयोग ने यहां मतदान होने से पहले उम्मीदवारों के खर्च का आंकलन किया, तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। यहां से चुनाव लड़ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी दोगुना खर्च सीजे चावड़ा ने किया है। चुनाव प्रचार में शाह का खर्च 14 लाख रुपए हुआ तो वहीं, सीजे चावड़ा ने 26 लाख रुपए से भी ज्यादा खर्च कर दिए। हालांकि, खर्च का ये आंकड़ा अंतिम नहीं है, मतदान होने के 30 दिन के अंतराल पर प्रत्याशियों के चुनावी खर्च का पूरा ब्यौरा सामने आएगा।

भाजपा का गढ़ रही गांधीनगर सीट पर कुल 17 प्रत्याशियों ने लड़ा चुनाव
गांधीनगर निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के प्रभाव वाली सीटों में से एक है। यह वही सीट है, जहां से अटल बिहारी बिहारी वाजपेई जीतकर संसद गए थे। अटल के समय से ही यह सीट भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रही है। साथ ही, गुजरात की राजधानी भी है। इस बार, 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां कुल 17 प्रत्याशी मैदान में उतरे।

2014 में थे 18 उम्मीदवार, जिनमें आडवाणी 6वीं बार जीते
साल 2014 में यहां 18 उम्मीदवार थे और तब मतदाताओं की संख्या 1,135,495 थी, जबकि 17 लाख 33 हजार 972 कुल निर्वाचक थे। उन 18 उम्मीदवारों में से एक भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी जीत कायम रखी। उन्हें 7 लाख 73 हजार 539 वोट मिले। इतना ही नहीं, वह यहां से 6वीं बार सांसद चुने गए और 1998 से लगातार जीतते आ रहे थे। इस बार इस सीट पर भाजपा ने अमित शाह को चुनाव में उतारा।
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मुख्य मुकाबला इस बार अमित शाह और सीजे चावडा के बीच ही
शाह के मुकाबले के लिए कांग्रेस ने अपने विधायक सीजे चावडा को टिकट दिया। शाह जहां राष्ट्रीय स्तर के नेता रहे हैं, वहीं सीजे चावड़ा स्थानीय राजनीति में प्रभावी रहे हैं। कांग्रेस से अनबन होने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा एनसीपी लीडर शंकरसिंह वाघेला भी सीजे चावड़ा के लिए प्रचार करने आए, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि, वे सीजे चावडा के करीबी दोस्त हैं।
यदि सीजे चावडा चुनाव हारते हैं, तो उनका विधायक पद बना रहेगा और यदि अमित शाह यहां से चुनाव जीतते हैं तो उनको गुजरात से मिला राज्यसभा का पद त्यागना पड़ेगा। अगर, मोदी की सरकार बनी और शाह ने भी गांधीनगर से चुनाव जीता तो वह आगामी केंद्र सरकार में बड़े पद के भागीदार होंगे।












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