विश्व पुस्तक दिवस: किताबों से सच्चा और अच्छा दोस्त कोई नहीं
बैंगलुरू। कहते हैं अगर सच्ची दोस्ती चाहिए तो किताबों को दोस्त बना लो क्योंकि वो कभी दगा नहीं देती है और ना ही बेवफाई करती हैं लेकिन कंप्यूटर और मोबाइल युग में इंसान आज किताबों से काफी दूर हो गया है इसी बात के मद्देनजर और लोगों के दिलों में किताबों के प्रति प्रेम जगाने और उससे होने वाले लाभ के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व पुस्तक दिवस की शुरूआत हुई।
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आईये जानते है इस खास दिवस के बारे में रोचक और उपयोगी बातें...
- 23 अप्रैल को पूरे विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है।
- लेकिन यूनाईटेड किंग्डम में मार्च के पहले गुरुवार को विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है।
- इस दिवस की शुरूआत यूनेस्को द्वारा 23 अप्रैल 1995 में हुई थी।
- इस दिवस से करीब 100 से ज्यादा देश सेलिब्रेट करते हैं।
- लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि मशहूर लेखक मीगुएल डी सरवेंटस को श्रद्दांजलि देने के लिए 23 अप्रैल को पुस्तक दिवस मनाया जाता है।
- क्योंकि स्पेन के महान लेखक मीगुएल डी सरवेंटस की 23 अप्रैल को पुण्यतिथि है।
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विश्व पुस्तक दिवस: किताबों से सच्चा और अच्छा दोस्त कोई नहीं
विश्व पुस्तक दिवस: किताबों से सच्चा और अच्छा दोस्त कोई नहीं
विश्व पुस्तक दिवस: किताबों से सच्चा और अच्छा दोस्त कोई नहीं।
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