World Toilet Day 2020: हर साल क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड टॉयलेट डे, जानिए इसका महत्व और थीम
नई दिल्ली। हर साल दुनियाभर में 'वर्ल्ड टॉयलेट डे' मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य शौचायल की जरूरतों के प्रति लोगों को जागरुक करना है। आज के समय में भी दुनिया में कई पिछड़े स्थानों पर लोगों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। भारत सरकार ने खुले में शौच मुक्त अभियान भी चलाया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को आज शौचालय की सुविधा मिल रही है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, स्वच्छता की दृष्टि से शौचालय का ना होगा काफी खतरनाक होता है। खुले में शौच का मतलब बीमारियों को न्योता देना है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती है।
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'वर्ल्ड टॉयलेट डे' के इतिहास की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र ने 19 नवंबर, 2001 को वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की थी। इसी दिन वर्ल्ड टॉयलेट समिट का उद्घाटन किया गया। साल 2013 में सिंगापुर की सरकार ने इस ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर 'स्वच्छता सभी के लिए' नामक अभियान चलाया था। जिससे 122 देश जुड़े। इन सभी ने मिलकर स्वच्छता और शौचालय क्षेत्र में साफ-सफाई को लेकर प्रयास किए। उसी समय से हर साल अलग-अलग थीम के साथ वर्ल्ड टॉयलेट डे मनाया जाता है।
इस साल की थीम 'सस्टेनेबल सैनिटेशन एंड क्लाइमेट चेंज' है। ये थीम वाकई लोगों के लिए थोड़ी जिज्ञासा वाली हो सकती है। लेकिन अगर हम शौचालय और जलवायु के संबंध की बात करें तो पता चलेगा कि कैसे शौचालय से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ जलवायु को प्रभावित करता है। वहीं अगर शौचालय साफ सुथरा रहे, तो जलवायु भी प्रभावित नहीं होती है। वहीं सस्टेनेबल सैनिटेशन प्रक्रिया के माध्यम से शौचालय से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ का इस्तेमाल हरियाली के लिए किया जा सकता है। इससे उन गौसों पर भी रोकथाम लग सकेगी, जो जलवायु को प्रभावित करती हैं।












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