इन 8 शहरों में सांस लेने पर मिलेगी मौत
नयी दिल्ली। प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। हवा में प्रदूषण के कण इस कदर फैल गए है कि लोगों के जीवन के लिए खतरनाक हो गया है। कहने का ये तात्पर्य ये है कि दुनिया के कुछ शहरों का प्रदूषण स्तर इस कदर बढ़ गया है कि लोगों के लिए इन शहरों में सांस लेना जानलेवा हो गया है।
आपको हम ऐसे ही 8 शहरों के बारे में बताते है जहां सांस लेना आपके जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।

नयी दिल्ली
भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अपने मानक स्तर से कई गुणा ज्यादा बढ़ गया है। दिल्ली में पिछले 30 सालों में वाहनों की संख्या 1.8 लाख से बढ़ कर 35 लाख हो गई है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। इतना ही नहीं शहर में और शहर के आसपास फैक्ट्रियों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में दिल्ली प्रदूषण में 80 फीसदी इजाफा हुआ है।

चीन की राजधानी बीचिंग में है खतरनाक
चीन की राजधानी बीजिंग में प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ सालों में अचानक से बढ़ा है। इससे पीछे शहर के फैक्ट्री और वाहनों की तादात है। यहां धुंध का यह हाल है कि वैज्ञानिक इसे रिहाइश के लिए लगभग असुरक्षित घोषित कर दिया है। बीजिंग में 2 करोड़ लोग रहते है, लेकिन हर साल यहां तकरीबन 35 लाख लोग वायु प्रदूषण के कारण जान गंवा रहे हैं।

पाकिस्तान भी अव्वल
पाकिस्तान की राजधानी लाहौर में वायु प्रदूषण बड़ा मुद्दा है। लाहौर में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। शहर के आसपास के रेतीले जगहों से आने वाली रेतीली हवा के अलावा धूल और वाहनों से निकलने वाले धुंआ वायु प्रदूषण के मुख्य कारक है।

उलान बतोर, मंगोलिया
मंगोलिया का शहर उलान बतोर शहर सबसे ठंडी राजधानी के तौर पर जानी जाती है। शहर में धुंध का 70 फीसदी हिस्सा सर्दी के महीनों में कोयला और लकड़ी जलाने से होता है। यहां के वायु प्रदूषण के स्तर को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे सांस लेने के सुरक्षित पैमानों से सात गुणा ज्यादा खतरनाक करार दिया है।

रियाध, साऊदी अरब
सऊदी अरब का रियाध में रेत तूफान वायु प्रदूषण के सबसे मुख्य कारक है। गाड़ियों से निकले वाले धुंए और ये रेतीले धूल मिलकर ओजोन बनाती हैं।

मिस्र की राजधानी काहिरा
मिस्र की राजधानी काहिरा में वायु प्रदूषण के कारण लोगों में बीमारियों की स्तर बढ़ गया है। श्वास से संबंधित बीमारियां यहां आम हो गई है। यहां प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों की बढ़ती ताजात और औद्योगिक विस्तार है।

मेक्सिको
मेक्सिको शहर तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा है। यहां हवा में हाइड्रोकार्बन और सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा मानक स्तर से कहीं अधिक है, जिसकी वजह से इसे दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में एक माना जाता है। हलांकि सरकार ने इसके लिए पहल की और कुछ फैक्ट्रियों को बंद किए जाने और यातायात नियमों में परिवर्तन से हालात कुछ बेहतर हुए।

ढाका, बांग्लादेश
बंग्लादेश की राजधानी ढ़ाका में वायु प्रदूषण बड़ी समस्या है। जर्मन शहर माइंस के माक्स प्लांक इंस्टीट्यूट के मुताबिक ढाका में हर साल करीब 15 हजार लोग वायु प्रदूषण के कारण मरते हैं।












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