World Lupus Day: जानें क्या है ल्यूपस बीमारी, और किन अंगों को प्रभावित करती है?
इस वर्ष 2023 में विश्व ल्यूपस दिवस की थीम 'Make Lupus Visible' है। इस अभियान का उद्देश्य ल्यूपस के निदान के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना और इसके मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आर्थिक परिणामों को उजागर करना है।

World Lupus Day: हर साल 10 मई को विश्व ल्यूपस दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता लाने की कोशिश की जाती है। यह बीमारी इंसान के मस्तिष्क, त्वचा और किडनी सहित अन्य अंगों को प्रभावित करती है। ल्यूपस बीमारी किन कारणों से होती है, इस बारे में अभी तक सही से पता नहीं चला है। लेकिन कुछ फैक्टर्स जैसे हारमोंस, जींस ल्यूपस होने की संभावनाओं को बढ़ाते हैं। सबसे अहम बात यह है कि ल्यूपस रोग पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को 9 गुना ज्यादा शिकार बनाता है। यह बीमारी काफी गंभीर है और यह बच्चों, पुरुषों और बुजुर्गों में भी देखने को मिलती है।
साल 2023 की थीम
ल्यूपस एक ऐसी बीमारी है जो किसी को भी प्रभावित कर सकती है लेकिन आमतौर पर 15 से 44 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में अधिक देखी जाती है। यह एक जटिल और दुर्बलता लाने वाली बीमारी है जो घातक हो सकती है। फिर भी इसकी स्थिति के बारे में सामान्य जागरूकता बेहद कम है। इस वर्ष विश्व ल्यूपस दिवस की थीम 'Make Lupus Visible' है। इस अभियान का उद्देश्य ल्यूपस के निदान के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना और इसके मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आर्थिक परिणामों को उजागर करना है। इसके अतिरिक्त, यह अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन से ल्यूपस को वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकता के रूप में मान्यता देने का भी आह्वान करेगा। अध्ययनों का अनुमान है कि वैश्विक स्तर पर कम से कम 50 लाख लोग ल्यूपस से पीड़ित हैं।
क्या है ल्यूपस डिजीज
सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि आखिर यह ल्यूपस डिजीज क्या होती है? तो आपको बता दें कि यह एक गंभीर और ऑटोइम्यून बीमारी है, जो शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है। ल्यूपस को पहचान पाना आसान नहीं होता। इससे मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, गुर्दे और त्वचा सहित शरीर के अधिकांश अंग प्रभावित हो सकते हैं। धूप में जाने पर यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। शुरुआत में ही इसके पता चलने और सावधानीपूर्वक चिकित्सा से रोग के लक्षणों को नियंत्रित करने और अंग क्षति के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
मेयो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, ल्यूपस नाम की यह खतरनाक बीमारी शरीर को कई तरह से प्रभावित करती है। इतना ही नहीं, ल्यूपस होने से स्ट्रोक या मिर्गी का दौरा भी पड़ सकता है। साथ ही बेहोशी और सिर दर्द हो सकता है।
सेलेना गोमेज हो चुकी हैं इस बीमारी का शिकार
वर्ल्ड फेमस सिंगर सेलेना गोमेज भी इन दिनों ल्यूपस से जूझ रही हैं। गोमेज ने टिकटॉक के लाइव सेशन के दौरान इस बात का खुलासा किया कि वह ल्यूपस नाम की एक बीमारी से जूझ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस बीमारी का इलाज पूरी तरह से दवाओं पर टिका हुआ है। वहीं हेल्थ संबंधी वेबसाइट Health.com के अनुसार सिंगर सेलेना गोमेज ही नहीं बल्कि कई सेलीब्रिटी इस बीमारी का शिकार हो चुके हैं। जिनमें चार्ल्स कुराल्ट, कोरी ब्रॉडस, फ्लैनरी ओ'कॉनर, टोनी ब्रेक्सटन जैसे नाम शामिल हैं।
भारत में ल्यूपस की बीमारी
संयुक्त राष्ट्र की ऑफिशियल बेवसाइट 'नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रणालीगत ल्यूपस एरिथेमेटोसस (SLE) की व्यापकता 14 से 60 प्रति एक लाख के बीच बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में SLE का प्रसार तुलनात्मक रूप से कम है। हालांकि कम प्रसार के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है कि एसएलई आधुनिकीकरण की एक बीमारी है और इसलिए भारत जैसी मुख्य रूप से ग्रामीण आबादी में इसका प्रसार कम है। भारत में ल्यूपस के मरीजों की संख्या बहुत कम है। भारत में प्रति दस लाख लोगों में से करीब 30 लोगों के बीच ही इस बीमारी की मौजूदगी के लक्षण मिलते हैं।












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