ढलती उम्र और मां बनने की चिंता से बचने के लिए ये रास्ता अपना रही हैं महिलाएं
कोलकाता। बढ़ती उम्र के साथ जल्दी शादी और बच्चों की चिंता से निजात पाने के लिए महिलाओं ने अब नया तरीका अपनाया है। कोलकाता में महिलाएं 'एग फ्रीजिंग' के जरिए खुद की आजादी खुलकर सेलिब्रेट कर रही हैं।

पेशे से इंजीनियर सुस्मिता झा पर भी उम्र के साथ शादी का दबाव भी बढ़ रहा था, ताकि सही समय पर वह फैमिली प्लानिंग कर पाएं। इस सब से बचने के लिए उन्होंने बीते महीने 'एग फ्रीजिंग' करा ली। अब वह अपने लिए मनचाहा पार्टनर खोजने के लिए निश्चिंत हैं।
सुस्मिता ने कहा, 'मैं चाहती हूं कि मेरा भी एक परिवार बसे, लेकिन इस मतलब नहीं है कि रिप्रोडक्टिव एज निकलने की टेंशन में मैं जल्दबाजी में शादी कर लूं। एग फ्रीजिंग के जरिए अब मैं बेफिक्र हूं। मैं अपने लिए मनचाहा पार्टनर खोज सकती हूं और अगर शादी नहीं भी करूं तो भी मेरा बायोलॉजिकल बच्चा हो सकता है।'
सुस्मिता शहर की उन तमाम महिलाओं में से एक है जो सिर्फ बच्चे पैदा करने की सही उम्र निकलने की टेंशन में शादी के लिे जल्दबाजी नहीं करना चाहती। आंकड़ों में पता चला है कि बीते तीन सालों में एग फ्रीजिंग के चलन में चार गुना बढ़त हुई है।
60 फीसदी महिलाएं 40 साल से कम की
एक्सपर्ट के मुताबिक, कोलकाता में जिन महिलाओं ने एग फ्रीजिंग कराई है उनमें से करीब 60 फीसदी महिलाएं 30 से 40 साल की उम्र के बीच की हैं। जबकि कुछ ने मेडिकल कारणों से यह रास्ता अपनाया है। खासकर कैंसर पीड़ितों में गर्भधारण की क्षमता में कमी आती है।
कैंसर पीड़ितों के लिए रास्ता आसान
ऑनकोलॉजिस्ट गौतम मुखोपाध्याय ने कहा, 'युवा महिलाएं जो कैंसर से पीड़ित हैं, उनके लिए यह एक वरदान की तरह है। गर्भाशय में कैंसर या जननांगों में कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए कीमियोथेरेपी के बाद भी गर्भधारण करना मुश्किल है, लेकिन काफी संख्या में महिलाएं इलाज से पहले एग फ्रीजिंग करा रही हैं।'












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