Winter Session: राज्यसभा ने पूरा किया ऐतिहासिक 250वां सत्र, जानिए खास बातें
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नई दिल्ली। आज भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा ने अपना 250वां सत्र पूरा कर लिया, इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित किया, अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि 250 सत्रों के दरम्या जिन-जिन ने योगदान दिया है वे सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं, इस सदन ने इतिहास बनाया भी है और इतिहास बनते देखा भी है, मालूम हो कि राज्य सभा ने पहला विधेयक द इंडियन टैरिफ (द्वितीय संशोधन विधेयक) के रूप में पारित किया था, जो आबादी के हिसाब से सांसदों की संख्या तय करने से संबंधित था, समाज सुधारों को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक स्पेशल मैरिज बिल भी 1954 में उच्च सदन से मंजूर हुआ था, वर्तमान में सदन में 245 सीटें हैं।
चलिए राज्य सभा के बारे में जानते हैं कुछ खास बातें

भारतीय लोकतंत्र की ऊपरी प्रतिनिधि सभा है राज्यसभा
राज्य सभा भारतीय लोकतंत्र की ऊपरी प्रतिनिधि सभा है, लोकसभा निचली प्रतिनिधि सभा है, राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। जिनमें से 12 सदस्य भारत के राष्ट्रपति के द्वारा नामांकित होते हैं। इन्हें 'नामित सदस्य' कहा जाता है जबकि अन्य सदस्यों का चुनाव होता है। राज्यसभा में सदस्य 6 साल के लिए चुने जाते हैं, जिनमे एक-तिहाई सदस्य हर 2 साल में सेवा-निवृत होते हैं।
क्यों हुआ राज्यसभा का गठन
किसी भी संघीय शासन में संघीय विधायिका का ऊपरी भाग संवैधानिक बाध्यता के चलते राज्य हितों की संघीय स्तर पर रक्षा करने वाला बनाया जाता है। इसी सिद्धांत के चलते राज्य सभा का गठन हुआ है। राज्यसभा का गठन एक पुनरीक्षण सदन के रूप में हुआ है जो लोकसभा द्वारा पास किये गये प्रस्तावों की पुनरीक्षा करे, ऊपरी सदन में सभी 22 भारतीय भाषाओं में एक साथ व्याख्या की सुविधा है।भारत के उपराष्ट्रपति (वर्तमान में वैकेया नायडू) राज्यसभा के सभापति होते हैं। राज्यसभा का पहला सत्र 13 मई 1952 को हुआ था।

राज्यसभा के पास तीन विशेष शक्तियां होती है
- अनु. 249 के अंतर्गत राज्य सूची के विषय पर 1 वर्ष का बिल बनाने का हक
- अनु. 312 के अंतर्गत नवीन अखिल भारतीय सेवा का गठन 2/3 बहुमत से करना
- अनु. 67 ब उपराष्ट्रपति को हटाने वाला प्रस्ताव राज्यसभा में ही लाया जा सकेगा
69 साल में मात्र 11% महिला सदस्य बढ़ीं
1952 में संसद का उच्च सदन शुरू हुआ। उस वक्त 15 महिलाएं राज्यसभा सदस्य थीं और वर्तमान में 26 महिला सदस्य हैं जो कि मात्र 10.83 प्रतिशत की वृद्धि है। यह संख्या 2014 में सदस्य रहीं 31 महिलाओं से कम है।

कुछ खास बातें
- राज्यसभा की पहली बैठक 13 मई 1952 में हुई थी। इस सदन में सबसे अधिक 7 बार डॉक्टर महेंद्र प्रसाद पहुंचे थे।
- जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह छह बार निर्वाचित होकर सदन में पहुंचे
- 5 वीं बार उच्च सदन में सांसद गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी पहुंचे हैं।
- 11 सदस्य ऐसे हैं जो पांच कार्यकाल पूरे कर चुके हैं, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी।
- 45 सदस्य ऐसे हैं जो चौथी बार सांसद बने, इसमें वेंकैया नायडू भी हैं।












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