Wimbledon: शुरु हो गया है टेनिस का महाकुंभ, जानिए इस टूर्नामेंट के कुछ दिग्गजों के बारे में
Wimbledon: टेनिस का 100 साल से ज्यादा पुराना टूर्नामेंट विम्बलडन शुरु हो चुका है। विंबलडन का 136वां संस्करण लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में खेला जा रहा है। 16 जुलाई 2023 तक चलने वाले इस टूर्नामेंट को भारतीय समय अनुसार दोपहर 3.30 बजे से स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देखा जा सकता है। रिटायरमेंट की घोषणा के कारण दिग्गज खिलाड़ी रोजर फेडरर इस बार टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने अपने करियर में आठ विंबलडन खिताब जीते हैं। इसके अतिरिक्त इस बार चोट के कारण राफेल नडाल भी विम्बलडन टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं होंगे।
आज हम आपको विम्बलडन के कुछ दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में जानकारी देंगे। जिन्होंने विभिन्न वर्गों में सबसे अधिक बार विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया है। साल 1877 में शुरु हुए इस खेल प्रतियोगिता के पहले टूर्नामेंट में पुरूष वर्ग का खिताब इंग्लैंड के स्पेन्सर गोरे ने अपने नाम किया था। फिर साल 1884 में जब पहली बार विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में महिला वर्ग के मैच खेले गए थे तो महिला वर्ग में पहला खिताब माउड वाटसन ने जीता था। इसके अलावा 1884 में ही पुरूष युगल वर्ग के मैच खेले गये थे। तब यह मैच विलियम रेंशॉ और एर्नेस्ट रेंशॉ ने जीता था। आइए अब आपको इस खेल के अन्य दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं।

रोजर फेडरर
8 अगस्त 1981 को स्विट्जरलैंड के बेजिल में जन्में रोजर फेडरर 14 साल की उम्र में स्विट्जरलैंड के नेशनल जूनियर चैंपियन बने थे। इसके बाद उनका चयन स्विस नेशनल टेनिस सेंटर में ट्रेनिंग के लिए हुआ। 2003 में उन्होंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम विंबलडन के रूप में जीता था। इसके बाद 2004, 2005, 2006, 2007, 2009, 2012 और 2017 में भी विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब रोजर फेडरर ने जीता था। दुनिया के सभी पूर्व और वर्तमान टॉप टेनिस खिलाड़ी उन्हें आज भी बेस्ट टेनिस प्लेयर मानते हैं। बता दें कि आठ बार के चैंपियन फेडरर ने पिछले साल 2022 में प्रोफेशनल टेनिस से संन्यास की घोषणा की थी।
विलियम रेनशॉ
अपने जमाने के महान टेनिस खिलाड़ी खिलाड़ी विलियम रेनशॉ ने वर्ष 1881 से लेकर 1882, 1883, 1884, 1885, 1886 और 1889 में विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता था। इनका जन्म 3 जनवरी 1861 को इंग्लैंड में हुआ था। रेनशॉ ने कुल बारह विंबलडन खिताब जीते थे। 1888 में रेनशॉ को ब्रिटिश लॉन एसोसिएशन का पहला अध्यक्ष चुना गया था। विंबलडन के पहले 30 वर्षों में ब्रिटिश खिलाड़ियों का प्रभाव रहा था। उस दौरान विलियम रेनशॉ और अर्नेस्ट रेनशॉ दोनों ने इसका नेतृत्व किया। यह जोड़ी जिन्होंने खेल को लोकप्रिय बनाने के लिए कार्य किया था, उन्हें "रेनशॉ रश" के नाम से जाना जाता था।
लिएंडर पेस
भारत के टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस सर्वाधिक बार विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट जीतने वाले भारतीय हैं। उन्होंने अलग-अलग वर्गों में 5 बार विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता है। इसमें पुरूष युगल 1999 में महेश भूपति के साथ मिलकर उन्होंने पहला खिताब अपने नाम किया था। इसी वर्ष 1999 में ही लीसा रेमंड के साथ मिलकर मिश्रित युगल का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने अन्ना कुर्निकोवा और जोन्स बोर्कमैन की जोड़ी को हराया था। इसके बाद 2003 में एक बार फिर मिश्रित युगल का खिताब साथी खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा के साथ मिलकर लिएंडर पेस ने अपने नाम किया था। इसके बाद 2010 में कारा ब्लैक के साथ मिलकर पेस ने मिश्रित युगल प्रतियोगिता अपने नाम की थी। तब उनके प्रतिद्वंदी लिसा रेमंड और वेस्ले मूडी थे। इसके बाद साल 2015 में मार्टिना हिंगिस के साथ मिलकर इन्होंने एलेग्जेंडर पिया और टिमाया बाबोस को हराकर यह खिताब अपने नाम किया था।
महेश भूपति
विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट जीतने वाले भारतीयों में महेश भूपति दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने अलग-अलग वर्गों में 3 बार विंबलडन टूर्नामेंट जीता है। इसमें सबसे पहले 1999 में पुरूष युगल में लिएंडर पेस के साथ मिलकर उन्होंने पहला खिताब अपने नाम किया था। उस समय उनका मुकाबला पॉल हैरिस और जेएर्ड पाल्मर से हुआ था। इसके बाद 2002 में मिश्रित युगल का खिताब महेश ने एलीना लिखोत्सेवा के साथ मिलकर जीता था। तब इस जोड़ी ने लीसा रेमंड और माइक ब्रायन की जोड़ी को पटकनी दी थी। इसके बाद मिश्रित युगल प्रतियोगिता 2005 का खिताब इन्होंने मैरी पियर्स के साथ मिलकर जीता था। तब इनके मुकाबले में पॉल हेनली और तातिना पेरेबियनिस की जोड़ी मैदान में उतरी थी।
सानिया मिर्जा
भारतीयों में सानिया मिर्जा सर्वाधिक बार विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट जीतने के मामले में तीसरे स्थान पर हैं। सानिया विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट जीतने वाली पहली और अभीतक एकमात्र भारतीय महिला खिलाड़ी है। साल 2015 में मार्टिना हिंगिस के साथ मिलकर महिला युगल का खिताब सानिया ने अपने नाम किया था। तब इस जोड़ी ने एकाटेरीना मकारोवा और एलीना वेस्निना की जोड़ी को हराया था। महिला युगल वर्ग में एक बार ही सानिया ने विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता है।
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