जानिए क्यों अमेरिका को कहते हैं अंकल सैम
वाशिंगटन। चार जुलाई को वह दिन है जब दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की स्थापना हुई यानी चार जुलाई अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस है। अमेरिका को आज दुनिया 'अंकल सैम' के नाम से भी जानते हैं। अमेरिका का यह नाम सन् 1813 में मिला था और इस नाम से आज अमेरिका की एक अलग ही धाक दुनिया में नजर आती है।

अंकल सैम, इस नाम के पीछे भी एक अच्छा खास इतिहास छिपा हुआ है। एक ऐसा नाम जिसने अमेरिका को एक नई पहचान दी और जिसकी वजह से आज अमेरिकी की एक अलग ही ताकत दुनिया को नजर आने लगी है।
आइए आज आपको बताते हैं कि आखिर अमेरिका को कैसे यह नाम मिला और इसके पीछे कौन सा व्यक्ति जिम्मेदार था।
सन 1813 से हुई शुरुआत
- सात सितंबर 1813 को अमेरिका को इसका निकनेम 'अंकल सैम' मिला।
- इस नए नाम का ताल्लुक न्यूयॉर्क के ट्रॉय के मीट पैकर सैम्युल विल्सन के साथ था।
- विल्सन 1812 में एक युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना को बीफ सप्लाई करते थे।
- विल्सन ने बीफ के सभी बैरल पर यूनाइटेड स्टेट्स यानी यूएस लिखा था।
- लेकिन सैनिकों ने इसे 'अंकल सैम' के नाम से पुकारना शुरू कर दिया।
- उस समय ही किसी लोकल न्यूजपेपर ने इस घटनाक्रम को पब्लिश किया।
- धीरे-धीरे 'अंकल सैम' यह नाम हर किसी की जुबां पर था।
- इसके बाद लोगों ने अमेरिकी सरकार को 'अंकल सैम' कहकर बुलाना शुरू कर दिया।
अमेरिका ने बताया राष्ट्रीय प्रतीक
- सन 1870 में कार्टूनिस्ट थॉमस नैस्ट ने अंकल सैम की एक फोटो के साथ इस निकनेम को पॉपुलर किया।
- नैस्ट ने सफेद दाढ़ी और स्ट्राइप्स और सितारों वाला सूट पहने एक आदमी की तस्वीर डिजाइन की।
- यही तस्वीर आज अंकल सैम के साथ जोड़ी जाने लगी है और अक्सर आपको यही तस्वीर नजर आएगी।
- लेकिन कहा जाता है कि आर्टिस्ट जेम्स मोंटोगोम्री फ्लाग ने अंकल सैम की तस्वीर तैयार की जो ज्यादा मशहूर हुई।
- फ्लाग की तस्वीर में अंकल सैम को एक लंबे टॉप और नीले रंग की जैकेट में दिखाया जाता है।
- वर्ल्ड वॉर वन के समय यह तस्वीर अंकल सैम के एक वाक्य के साथ काफी मशहूर हुई।
- अंकल सैम के साथ तस्वीर में लिखा था, 'आई वांट यू फॉर यूएस आर्मी।'
- यही तस्वीर जुलाई 1916 में लेज्ली के कवर पेज पर पब्लिश हुई और फिर इसे नई कामयाबी मिली।
- सितंबर 1916 में अमेरिकी कांग्रेस ने 'अंकल सैम' को राष्ट्रीय प्रतीक बताया।












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