इतिहास के पन्नों से-अपने भारत के ‘घर’ कब आएंगे नवाज शरीफ
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो पाकिस्तान जाएंगे, पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपने भारत के घर कब आएंगे। वे उस अमृतसर के जट्टी उमरा नाम के गांव का दौरा कब करना चाहेंगे,जिधर उनके पुरखों ने वक्त गुजारा, जिधर वे चिर निंद्रा में हैं। ये गांव अमृतसर शहर से कुछ दूरी पर है।
लाहौर गए थे
नवाज शरीफ के पिता मियां मोहम्मद शरीफ इसी जट्टी उमरा गांव से देश के विभाजन के वक्त लाहौर चले गए थे। अपनी मिट्टी को छोड़ना आसान नहीं था उनके लिए। पर हालात ही तब कुछ इस तरह के थे कि उनके लिए जट्टी उमरा में रहना मुमिकन नहीं था। दंगे हो रहे थे। नफरत के आगे सब फीका पड़ रहा था।
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दो साल पहले शरीफ के अनुज और पाकिस्तान के पंजाब सूबे के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ जट्टी उमरा आए थे। वे उस जगह खासतौर पर गए थे,जिधर उनके पुरखों का घर था। आंखें भर आईं थी शाहबाज की। उन्होंने वहां की मिट्टी को चूमा था। वे उस कब्रिस्तान पर भी गए थे जहां पर उनके खानदान के पुरखे अब चिर निद्रा की अवस्था में हैं।
गहरा नाता
शरीफ परिवार का अपने इस गांव से इतना भावनात्समक संबंध है कि उन्होंने अपने लाहौर वाले भव्य घर का नाम जट्टी उमरा ही रख दिया। कहने वाले कहते हैं कि पिछले साल जब शरीफ मोदी के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली आए थे तब वे अपने गांव भी जाना चाहते थे।
पर तब कुछ कारणों के चलते वे जट्टी उमरा नहीं जा सके थे। पर वे निश्चित रूप से जट्टा उमरा तो जाना चाहते हैं। बता दें कि देश के विभाजन के समय तक अमृतसर शहर में मुसलमानों की आबादी हिन्दुओं और सिखों से ज्यादा थी। विभाजन के कारण ज्यादातर मुसलमान सरहद के उस पार चले गए थे। पर उनकी अपने वतन की मिट्टी को लेकर यादें कभी फीकी नहीं पड़ी।













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