Rajinikanth: क्या है फिल्म अभिनेता रजनीकांत की भारी लोकप्रियता का कारण
फोर्ब्स इंडिया ने रजनीकांत को वर्ष 2010 का सबसे प्रभावशाली भारतीय नामित किया था। एशियावीक द्वारा भी रजनीकांत को दक्षिण एशिया के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक नामित किया जा चुका है। फिलहाल रजनीकांत अपनी एक फिल्म को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।
उनकी सबसे ताजा फिल्म जेलर ने अपनी रिलीज के 11 दिनों के भीतर वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर ₹500 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। पिछले दस वर्षों में यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह दूसरी तमिल फिल्म है। फिल्म का निर्देशन नेल्सन दिलीपकुमार ने किया है और इसमें रजनीकांत और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में हैं।

एक्टिंग की अनूठी शैली
रजनीकांत की अभिनय शैली उनके बहुत ज्यादा फेमस होने के पीछे सबसे बड़ा कारण है। उनकी एक्टिंग करने की स्टाइल एक ट्रेडमार्क बन चुकी है। जैसे रोबोट फिल्म में उनका सिग्नेचर जेस्चर, जिसमें उन्होंने बड़ी चतुराई से सिगरेट को हवा में उछाला और उसे अपने होठों के बीच पकड़ लिया, उसे रजनीकांत के फैंस और फिल्म दर्शकों द्वारा बहुत पसंद किया गया था।
बहुत विनम्र स्वभाव के है रजनीकांत
वास्तविक जीवन में रजनीकांत अपनी विनम्रता और सादगी के लिए जाने जाते हैं। एक सुपरस्टार होने के बावजूद, वह सम्मानजनक और व्यावहारिक होने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में देखा गया था कि जब रजनीकांत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे थे तो उन्होंने गाड़ी से उतरते ही सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी के पैर छुए। रजनीकांत से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बोला कि "योगियों और सन्यासियों के पैर छूना मेरी आदत है, भले ही वह मुझसे छोटे क्यों न हो।"
परोपकारी कार्यों के लिए मशहूर हैं रजनीकांत
रजनीकांत अपने परोपकारी कार्यों के लिए जाने जाते हैं। 'रजनीकांत: द डेफिनिटिव बायोग्राफी' के लेखक नमन रामचन्द्रन के अनुसार, रजनीकांत ज्यादातर परोपकारी गतिविधियां बिना किसी पब्लिसिटी के करते हैं। 80 के दशक में, जब तमिलनाडु में अंधविश्वास की वजह से लोगों ने नेत्रदान करना बंद कर दिया, तब रजनीकांत ने लोगों को नेत्रदान करने के लिए फिर से जागरूक करने के लिए अभियान चलाया था। आंत्रप्रेन्यर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार रजनीकांत को "द फिलैंथ्रोपी गॉड" उपनाम दिया गया है।
धर्म और संस्कृति के प्रति हैं समर्पित
रजनीकांत की हिंदू धर्म में बहुत आस्था है और वह आध्यात्मिकता में विश्वास रखते हैं। रजनीकांत अपनी हर फिल्म की रिलीज से पहले प्रमुख हिंदू मंदिरों में दर्शन करते हैं। बीते दिनों ही वह अयोध्या में राम मंदिर में भी पहुंचे थे और रामलला का आशीर्वाद प्राप्त किया था। वह योग और ध्यान भी करते हैं, और उनके धार्मिक स्वभाव ने उनकी लोकप्रियता में योगदान दिया है। रजनीकांत ज्यादातर अपनी पारंपरिक वेशभूषा, शर्ट और लुंगी/धोती में ही नजर आते हैं, और इस माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति को बहुत बढ़ावा दिया है।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्में लगातार हिट
अगर 'जेलर' को हटाकर देखा जाए तो पिछले लगभग 10 सालों में रजनीकांत की आठ फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इन 8 फिल्मों में से केवल रजनीकांत की एक ही फिल्म ने ₹100 करोड़ से कम का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया है, उनकी बाकी सात फिल्मों ने तो ₹100 करोड़ से ज्यादा का ही बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया है। पिछले 10 साल में रिलीज हुई रजनीकांत की इन आठ फिल्मों का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन लगभग ₹2,100 करोड़ है।
विदेश में भी रजनीकांत के हजारों चाहने वाले
रजनीकांत के बहुत सारे फैंस भारत से भी बाहर है। न्यूज नाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में रजनीकांत के हजारों प्रशंसकों उनकी फिल्म 'जेलर' देखने के लिए हजारों किलोमीटर की यात्रा कर भारत पहुंचे थे। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में अकेले टोक्यो में रजनीकांत फैन क्लब के लगभग 3,000 सदस्य हैं। ऐसे और भी फैन क्लब जापान के बड़े शहरों में सक्रिय हैं।
अलग-अलग भाषाओं में उनकी फिल्में
रजनीकांत को न केवल उनके राज्य कर्नाटक में, बल्कि पूरे देश और यहां तक कि अन्य देशों में भी पसंद किया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी फिल्मों को बहुत सी भाषाओं में डब किया जाता है ताकि जो लोग उनकी भाषा नहीं समझते वे भी उनकी फिल्मों का आनंद ले सकें। अपने पांच दशक से अधिक लंबे करियर में रजनीकांत ने 160 से अधिक फिल्में की हैं, जिनमें तमिल, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली और मलयालम फिल्में भी शामिल हैं।
जीते हैं अनेक खिताब
रजनीकांत को कई सारे औपचारिक और फिल्म उद्योग से संबंधित पुरस्कारों से नवाजा गया है। कला में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत के शीर्ष नागरिक पुरस्कारों में से दो, पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2016) से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, उन्हें विभिन्न फिल्म संस्थानों और राज्य सरकारों से पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। रजनीकांत को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2019 में सिनेमा के क्षेत्र में सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा गया था।












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