Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Narco Test: जानिए नार्को टेस्ट के बारे में सब कुछ, वे चर्चित केस जिनमें नार्को टेस्ट किया गया

Narco Test: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉकर की महरौली में बेरहमी से हत्या करने वाले आफताब अमीन पूनावाला के नार्को टेस्ट की मंजूरी दे दी। आखिर यह नार्को टेस्ट होता क्या है? और कैसे किया जाता है? और कौन यह टेस्ट करता है? वनइंडिया फीचर में आपके लिए यह सब जानकारी हम लेकर आए हैं।

what is narco test Know everything about about narco test process

बता दें कि नार्को टेस्ट से पहले उस व्यक्ति का शारीरिक परीक्षण जरूरी होता है। जिसमें जांच होती है कि वह व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त तो नहीं है। बुजुर्ग/वृद्ध, मानसिक रूप से कमजोर, नाबालिग या गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों का नार्को टेस्ट नहीं किया जाता है।

22 मई, 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 'आरोपित या फिर संबंधित व्यक्ति की सहमति से ही उसका नार्को एनालिसिस टेस्ट हो सकता है। किसी की इच्छा के खिलाफ ब्रेन मैपिंग भी नहीं हो सकती। पॉलीग्राफ टेस्ट के बारे में भी यही बात लागू होगी।' अर्थात जिस व्यक्ति का नार्को टेस्ट होगा, पहले उसकी अनुमति जरूरी है।

नार्को टेस्ट होता क्या है?

नार्को टेस्ट, नार्को एनालिसिस टेस्ट होता है। नार्को टेस्ट को नार्को सिंथेसिस सोडियम एमाइटल इंटरव्यू या एमोबार्बिटल इंटरव्यू या एमाइटल इंटरव्यू भी कहा जाता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20 के आधार पर किसी भी अपराधी को खुद की गवाही के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा होता है तो कोर्ट उसे स्वीकार नहीं करता। इस हालत में नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर आदि तकनीकें ही कारगर हो सकती हैं। पुलिस द्वारा नार्को टेस्ट का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कोई अपराधी सच नहीं बता रहा होता है। अर्थात नार्को टेस्ट किसी व्यक्ति के मन से सत्य निकलवाने के लिए किया जाता है।

नार्को टेस्ट कैसे होता है?

नार्को टेस्ट में संबंधित शख्स को सामान्य तौर पर पर ट्रूथ ड्रग नाम की एक साइकोऐक्टिव दवा दी जाती है। इसके पश्चात् सोडियम पेंटोथोल का इंजेक्शन लगाया जाता है। इस दवा के प्रभाव से अमुक व्यक्ति अर्धबेहोशी की हालत में चला जाता है और उसका दिमाग संज्ञा शून्य बन जाता है। साथ ही मस्तिष्क की तरंगों, पल्स रेट और ब्लड प्रेशर को रेकॉर्ड किया जाता है। ऐसी स्थिति में उससे पूछे जाने वाले सवालों का वह सही-सही जवाब देता है। चूंकि वह शख्स अर्धबेहोशी की हालत में होता है, इसलिए वह झूठ गढ़ पाने में नाकाम होता है।

नार्को टेस्ट कौन करता है?

यह टेस्ट फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जांच अधिकारी, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक आदि की टीम एकसाथ मिलकर करती है। इस दौरान सुस्त अवस्था में सोच रहे व्यक्ति से सवाल-जवाब घटनाक्रम आदि के बारे में पूछा जाता है, जिसका वह सही जवाब देता है।

नार्को टेस्ट कितना भरोसेमंद?

अभी तक नार्को या ब्रेन मैपिंग टेस्ट के नतीजे 100 प्रतिशत सही ही आएं हैं। कई ऐसे मामले भी सामने आये हैं जिसमें कुछ हार्डकोर क्रिमिनल ऐसे टेस्ट को भी चकमा देने में कामयाब हुए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नार्को टेस्ट को ठीक ढंग से किया जाए तो नतीजे सही ही निकलते हैं।

कहां पर होता है नार्को टेस्ट?

नार्को टेस्ट करना काफी जटिल प्रक्रिया है। इसलिए यह टेस्ट हाई प्रोफाइल केस में ही किया जाता है। यह टेस्ट भारत के सभी राज्यों में नहीं होता। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद इत्यादि बड़े शहर में यह टेस्ट किया जाता है। इसके लिए स्पेशल लैब होती है। जहां पर अपराधियों से सच उगलवाया जाता है। नार्को टेस्ट की वीडियोग्राफी होती है।

नार्को टेस्ट में जान को भी खतरा

नार्को टेस्ट के दौरान किसी शख्स की जान जाने का खतरा भी होता है। टेस्ट के दौरान सोडियम पेंटोथॉल की एक सही मात्रा देनी होती है। अगर यह मात्रा थोड़ी भी ज्यादा हो जाए, तो शख्स कोमा में जा सकता है या उसकी जान भी जा सकती है।

भारत में नार्को टेस्ट के चर्चित मामले

भारत में नार्को टेस्ट सबसे पहले 2002 के गोधरा कांड में किया गया था, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इसमें बिलाल हाजी, कासिम अब्दुल सत्तार, अब्दुल रज्जाक, अनवर मोहम्मद और इरफान सिराज पर नार्को टेस्ट किया गया था।

तत्पश्चात् 2007 में हैदराबाद में हुए दो बम धमाकों के आरोपितों अब्दुल कलीम और इमरान खान का भी नार्को टेस्ट किया गया था। इन बम धमाकों में 42 लोगों की मौत हुई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

वर्ष 2008 में नोएड़ा में हुए आरुषि तलवार मर्डर केस में आरुषि के पिता राजेश तलवार के सहायक कृष्णा का नार्को टेस्ट कराया गया था।

वर्ष 2010 में महाराष्ट्र के कुर्ला में 9 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में भी पुलिस ने आरोपित मोहम्मद अजमेरी शेख का नार्को टेस्ट कराया था।

यह भी पढ़ें: Delhi Murder Case : मुंबई के फ्लैट में पति-पत्नी बनकर रहते थे Aftab और Shraddha, रोज होते थे झगड़े

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+