BRICS: क्या है ब्रिक्स समूह, जिसमें जुड़ने की 19 देशों ने जाहिर की है इच्छा
ब्रिक्स के विस्तार को लेकर चर्चाएं होने लगी है। गौरतलब है भारत इस अंतरराष्ट्रीय संगठन का एक प्रमुख सदस्य देश है। अगर यह विस्तार होता है तो दुनिया के अन्य संगठनों जैसे G-20 के समकक्ष यह एक बड़ा संगठन बन जायेगा।

BRICS: जल्दी ही ब्रिक्स समूह का सालाना शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। इस सम्मेलन से पहले 19 देशों ने इस समूह में जुड़ने की अपनी इच्छा जाहिर की है। ब्रिक्स के दक्षिण अफ्रीका के शेरपा अनिल सूकलाल ने ब्लूमबर्ग को बताया कि ब्रिक्स को 13 औपचारिक और 6 अनौपचारिक अनुरोध पत्र प्राप्त हुए हैं। इन देशों में अल्जीरिया, अर्जेंटीना, बहरीन, बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, ईरान, मैक्सिको, नाइजीरिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब, सूडान, सीरिया, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, वेनेजुएला और जिम्बाब्वे शामिल हैं। जबकि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि लगभग 20 देश ब्रिक्स में शामिल होना चाहते है। अनिल सूकलाल ने कहा कि ब्रिक्स विस्तार योजना पर चर्चा के लिए जून में केपटाउन में बैठक बुलाई जाएगी।
क्या है ब्रिक्स?
ब्रिक्स (BRICS) पांच देशों का समूह है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ब्रिक्स शब्द मूल रूप से एक अर्थशास्त्री द्वारा 2001 में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं का वर्णन करने के लिए किया गया था। इन देशों का सामूहिक रूप से 2050 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबदबा होगा। ब्रिक्स एक अनौपचारिक समूह है जिसके पास कोई चार्टर, निश्चित सचिवालय या इसकी गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए धन नहीं है। हालांकि, ब्रिक्स देशों में दुनिया की आबादी का 42.58% भाग रहता है। सिल्क रोड ब्रीफिंग की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिक्स देश अब वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 31.5% योगदान करते हैं, जबकि जी7 देश सिर्फ 30% ही जीडीपी में योगदान दे रहे हैं।
क्या है ब्रिक्स के उद्देश्य
ब्रिक्स का उद्देश्य इसके सदस्य देशों के बीच शांति, सुरक्षा, विकास और सहयोग को बढ़ावा देना है। ब्रिक्स का गठन इसलिए भी किया गया था ताकि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक और आर्थिक शक्तियों का आपसी प्रबंधन एवं समन्वय किया जा सके। ब्रिक्स इन देशों के बीच संवाद और विभिन्न विषयों पर चर्चा करने का एक अंतरराष्ट्रीय मंच भी है। आगामी सालों में ब्रिक्स का लक्ष्य सदस्य देशों के बीच स्थाई रूप से संपर्क और सहयोग का विस्तार करना है। आपको बता दें कि आपसी हित और अंतरराष्ट्रीय मसलों के समाधान पर चर्चा करने के लिए ब्रिक्स देशों की सालाना बैठक भी होती है।
ब्रिक्स का इतिहास
ब्रिक्स का विचार गोल्डमैन सैक्स के मुख्य अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने दिया था। उन्होंने साल 2001 में "बिल्डिंग बेटर ग्लोबल इकोनॉमिक ब्रिक्स" नामक एक अध्ययन में इसका प्रारूप रखा था। फिर 2006 में उनके इस विचार को ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने मिलकर आधारभूत रूप प्रदान किया। इन देशों के समूह को ब्रिक यानी BRIC कहा गया। पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन रूस के येकातेरिनबर्ग में हुआ, जहां चारों देशों के प्रमुख नेताओं ने औपचारिक रूप से अपनी सदस्यता की घोषणा की। इसके बाद, दक्षिण अफ्रीका को दिसंबर 2010 में इस समूह में शामिल किया गया। अतः इस संगठन का नाम ब्रिक्स यानी BRICS कर दिया गया।
भारत और ब्रिक्स
भारत 2006 में इसकी स्थापना के समय से ब्रिक्स का सदस्य रहा है। फरवरी 2023 की टीवी ब्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत को ब्रिक्स का एक महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता है, क्योंकि यह वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और जीडीपी (पीपीपी) के हिसाब से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत अन्य ब्रिक्स सदस्यों के साथ विभिन्न संयुक्त परियोजनाओं में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है, जैसे कि भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) डायलॉग फोरम, जिसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाना है।
भारत में अब तक ब्रिक्स की कितनी मीटिंग हो चुकी है?
ब्रिक्स 2022 शिखर सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ब्रिक्स नेताओं ने 2021 के अंत तक 13 औपचारिक बैठकें बुलाई हैं। पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2009 में रूस में आयोजित किया गया था। भारत ने 2016 में एक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। यानी अभीतक भारत में एकबार ब्रिक्स की बैठक आयोजित हो चुकी है।
ब्रिक्स से संबंधित कुछ तथ्य
● अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिक्स देशों में बेरोजगारी दर 2022 में घटकर 4.8 प्रतिशत हो गयी है और 2023 में इसके और घटकर 4.7 प्रतिशत होने का अनुमान है।
● विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) के मुताबिक साक्षरता के मामले में, भारत को छोड़कर अन्य ब्रिक्स देशों में 90 प्रतिशत से ऊपर साक्षरता दर है। डबल्यूएचओ के मुताबिक भारत में 81 प्रतिशत पुरुष और 63 प्रतिशत महिलाएं साक्षर है।
● वॉल स्ट्रीट मोजो की रिपोर्ट के मुताबिक $20 ट्रिलियन की संयुक्त जीडीपी के साथ ब्रिक्स देशों में दुनिया की सबसे बड़ी संयुक्त अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है।












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