Ultra Rich: रूस - यूक्रेन युद्ध ने दुनिया के धन कुबेरों पर भी की स्ट्राइक
Ultra Rich: पिछले दो सालों से चल रहे रूस - यूक्रेन युद्ध ने विश्व के अरबपतियों के लिए भी अनेक प्रकार की आर्थिक समस्याएं खड़ी कर दी हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के बीच दुनिया में अरबपतियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर भी अल्ट्रारिच लोगों की संख्या में 5.4 प्रतिशत की सीधे गिरावट आयी है। लेकिन दूसरी ओर एशिया खासकर भारत में अरबपतियों की वैश्विक संपत्ति में हिस्सेदारी लगातार बढ़ती जा रही है।
वैसे इस युद्ध में मानव नुकसान भी दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे अधिक हुआ है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, युद्ध में लगभग 500,000 सैनिक या तो मारे गए या घायल हुए हैं। लगभग 120,000 रूसी सैनिक मारे गए हैं और 170,000 से 180,000 घायल हुए हैं। वहीं, यूक्रेन की सेना में 70,000 मारे गए और 100,000 से 120,000 घायल हुए हैं। युद्ध ने वस्तु और ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता और वृद्धि की है, जिससे दुनिया भर के कई क्षेत्रों में भोजन की कमी बढ़ गई और मुद्रास्फीति बढ़ गई। इस कारण 2023 में खाद्य आपूर्ति चुनौतियां बनी रहेंगी।

शीर्ष 10 देशों में अरबपतियों की संख्या घटी
दुनिया में 3 लाख 95 हजार 70 ऐसे लोग है, जिनके पास 3 करोड़ डॉलर यानी लगभग 2.48 अरब रुपए की संपत्ति है। अल्ट्राटा वर्ल्ड अल्ट्रा वेल्थ रिपोर्ट 2023 से यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन युद्ध के बीच 2022 में भारत को छोड़कर दुनिया के शीर्ष 10 देशों में अल्ट्रारिच यानि धनवानों की संख्या घटी है। वैश्विक स्तर पर भी अल्ट्रारिच लोगों की संख्या में 5.4% की कमी देखी गई हैं और अब इनकी संपत्ति करीब 45 लाख करोड़ डॉलर ही रह गई है। इसमें सबसे ज्यादा कमी जापान और हांगकांग में देखी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के सबसे अधिक अमीर अमरीका में हैं और इसके बाद चीन का नंबर आता है।
अमेरिका पहले, एशिया दूसरे नंबर पर लेकिन पश्चिमी एशिया में बढ़े अमीर
दुनियाभर में उत्तरी अमरीका में सबसे ज्यादा धनी लोग रहते हैं। जिनकी संख्या 1,42,990 है। हालांकि ये संख्या 2021 की तुलना में 4 प्रतिशत कम है। दूसरे नंबर पर एशिया है, जहां 1,08,370 अमीर हैं। यहां भी अमीर 10.9 प्रतिशत कम हुए हैं। तीसरे नंबर पर 1,00,850 अमीर लोग यूरोप में हैं और इनमें 7.1 प्रतिशत की कमी आई है। जबकि तेल समृद्ध पश्चिमी एशिया में रहने वाले अमीरों की संख्या पिछले वर्षों में 15.7 प्रतिशत बढ़ी है, जिसके बाद अब वहां के देशों में 21,640 अति धनी लोग रहते हैं। लेटिन अमरीका और द कैरेबियन भी अब अमीरों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। इसके अलावा कनाडा में 13,320, जर्मनी में 19590, चीन में 47,190, ब्रिटेन में 14,005, जापान में 14,940, फ्रांस में 11,980, अमरीका में 129,665, हांगकांग में 12,615, इटली में 8,930 तथा भारत में 8,880 धन कुबेर रहते हैं।
भारत के सबसे ज्यादा अरबपति मुंबई में
मुकेश अंबानी और गौतम अडानी जैसे अमीरों को मिलाकर भारत में सबसे ज्यादा अरबपति मुंबई में रहते हैं। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट के अनुसार, मुंबई में 72 अरबपतियों का ठिकाना है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में 51 अरबपतियों के घर है। वहीं एशिया के अरबपतियों की वैश्विक संपत्ति में हिस्सेदारी लगातार बढ़ती जा रही है। वर्ष 2004 में यह 15 प्रतिशत थी, जो 2022 में 27 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वर्ष 2028 तक इसके 29 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।












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