UAE: एक ऐसा देश जो मंत्री बनाने के लिए मांग रहा है जनता से आवेदन
क्या आपने किसी ऐसे देश का नाम सुना है, जो मंत्री बनाने के लिए अपनी जनता से आवेदन मांग रहा हो। जी हाँ, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने यह नई पहल की है। उन्होंने अपने देश में मंत्री पद के लिए युवाओं से एप्लीकेशन देने को कहा है। शेख मोहम्मद ने युवाओं से अपील की है कि वह मंत्री के पद के लिए खुले दिल से आवेदन करें।
इस आवेदन के जरिए मंत्री पद के लिए सही उम्मीदवार की तलाश की जा रही है। मंत्री पद के लिए दिए गए विज्ञापन में कहा गया है कि जो यूएई के प्रति वफादार हो और अपने कर्तव्यों को बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकते हों वे आवेदन कर सकते हैं। मंत्री पद के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को युवाओं के मुद्दों और समस्याओं की जानकारी होना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में यूएई सरकार उनके हितों के लिए कार्य कर सके।

शेख मोहम्मद राशिद ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट में पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि आवेदन करने वाले व्यक्ति को यूएई के बारे में जानकारी होनी चाहिए, वह बहादुरी से अपने देश का प्रतिनिधित्व कर सके और मातृभूमि की सेवा करने के लिए तैयार रहे। इसके लिए संयुक्त अरब अमीरात के युवा नागरिक आवेदन भेज सकते हैं।
शेख मोहम्मद राशिद के इस पोस्ट के कुछ घंटे बाद ही हजारों अमीरातियों ने यूएई कैबिनेट में मंत्री बनने के लिए आवेदन कर दिया। इसके अलावा देश की सेवा करने के लिए कुछ उत्सुक उम्मीदवारों ने एक्स पर भी अपनी उम्मीदवारी पेश की। एक उम्मीदवार ने लिखा "मैं इतिहास में युवाओं का सबसे अच्छा मंत्री बनने के लिए नौजवानों और समाज के बीच अच्छा कार्य करूंगा।" वहीं कई यूजर्स ने मंत्री पद के लिए चुनाव का नया तरीका खोजने के लिए यूएई कैबिनेट की तरीफ की है, जबकि इस घोषणा को यूएई के भविष्य के लिए प्रगतिशील और पारदर्शी बताया है।
संयुक्त अरब अमीरात
खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात की ताकत का डंका बजता है। अमीरात शब्द अरबी भाषा से लिया गया है और इसका मतलब रियासत या राज्य से होता है। इसके अलावा अमीरात शब्द का इस्तेमाल ऐसे राजनैतिक क्षेत्र या राज्य के लिए किया जाता है, जहां पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही राजा के वंश का शासन रहता है।
संयुक्त अरब अमीरात कुल सात अमीरात से मिलकर बना है। इस देश में काम की तलाश में भारतीय भी बड़ी संख्या में जाते हैं। इस देश में कुल आबादी में से लगभग 30 प्रतिशत भारतीय नागरिक ही हैं, जबकि 12 प्रतिशत अमीरात के स्थानीय नागरिकों की आबादी है। इसके अलावा भी यूएई में अलग अलग देशों से लोग नौकरी और रोजगार की तलाश में आते हैं।
यूएई में शासन व्यवस्था
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) एक सत्तावादी संघीय राजशाही है, जहां प्रत्येक अमीरात को राजनीतिक स्वतंत्रता दी जाती है। लेकिन उन सभी अमीरातों को संघीय सर्वोच्च परिषद के फैसलों के हिसाब से काम करना पड़ता है, ताकि देश में कानून और न्यायिक व्यवस्था बनी रही।
यूएई की राजनीतिक प्रणाली में राजशाही शैली की शासन व्यवस्था है और इस व्यवस्था को एक संघीय सर्वोच्च परिषद द्वारा संभाला जाता है, जिसे "शेखडोम" के नाम से जाना जाता है। प्रत्येक अमीरात से राजस्व का एक प्रतिशत संयुक्त अरब अमीरात के केंद्रीय बजट में आवंटित किया जाता है, जिससे विभिन्न अमीरातों के विकास कार्यों और योजनाओं का खर्च वहन किया जाता है।
यूएई में "शेख" शब्द का इस्तेमाल उन अमीरात के शासकों के लिए किया जाता है, जिन्हें शासन व्यवस्था में अपने साथियों के साथ साझा निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त होता है। यूएई के अल नाहयान परिवार का मुखिया अमीर राष्ट्रपति पद विराजमान होता है। इसका मुख्यालय अबू धाबी में है। अल मकतूम परिवार का मुखिया देश में प्रधानमंत्री पद संभालता है। मुख्यालय दुबई में है।
यूएई की संघीय सरकार तीन शाखाओं से बनी होती है, जिसमें निर्णय लेने और कार्य करने की शक्तियों का विभाजन होता है। यूएई में संघीय सर्वोच्च परिषद और सलाहकार संघीय राष्ट्रीय परिषद (एफएनसी) होती हैं, जो विधायकी और सरकारी कार्यों को प्रबंधित करने में मदद करती हैं। यूएई में राष्ट्रपति सशस्त्र बलों का मुखिया भी होता है। यूएई में न्यायिक प्रणाली में सर्वोच्च न्यायालय और निचली संघीय अदालतें हैं, जो न्यायिक मामलों को सुनने और निर्णय देने के लिए जिम्मेदार हैं।












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