Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश: रखें ये सावधानियां, नहीं होगा नुकसान
Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी (क्रिप्टो) के बारे में अब हर कोई जानता है। क्रिप्टो में निवेश के जरिये अरबपति बनने या अरबों के घोटाले होने की ख़बरें अक्सर आती रहती हैं। यह कहना कि क्रिप्टो में कुछ खास लोगों का ही निवेश है, अब सही नहीं है। हेनले एंड पार्टनर्स की क्रिप्टो वेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया में 425 मिलियन निवेशक क्रिप्टो से जुड़े हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बिटकॉइन के निवेशक हैं, जिनकी संख्या 210 मिलियन है। जिसमें 40,500 तो अरबपति हैं। एथेरियम और अन्य डिजिटल मुद्राओं के भी लाखों ग्राहक हैं। इन आकड़ों को देख कर कोई भी लालच कर सकता है और किसी के भी चंगुल में फंस कर अपनी जमा पूंजी गवां सकता है, इसलिए जानना जरुरी है कि क्रिप्टो ट्रेडिंग में कैसे निवेश करें और क्या क्या सावधानियां बरतें।
सबसे पहले अच्छा प्लेटफॉर्म तय करें
ऑनलाइन क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्रोकर और ऐप्स की इस समय मार्केट में भरमार है। अतीत में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें डिजिटल मुद्रा एक्सचेंजों को हैक कर लिया गया या अचानक बंद कर दिया गया। ऐसे एक्सचेंज से सावधान रह कर यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आपके द्वारा चुना गया एक्सचेंज सरकार द्वारा निगरानी किया जाने वाला एक वैध प्लेटफार्म है। एक्सचेंज से जुड़ी तमाम जानकारी हासिल करें और उसके भौतिक पते की भी जानकारी रखें। खाता बनाने से पहले, जिस एक्सचेंज पर आप विचार कर रहे हैं उस पर गहन शोध करें।

आजकल पब्लिक रिव्यु हर चीज की आती है इसलिए अन्य उपयोगकर्ता एक्सचेंज के बारे में क्या कहते हैं, यह जानना भी जरूरी है। क्या पहले कोई उस एक्सचेंज की कोई शिकायत आयी है, अगर हाँ, तो उसका समाधान कैसे किया, यह जानकारी रखने के बाद धोखा खाने की आशंका कम होती है । सोलाना, कार्डानो और पॉलीगॉन सहित कई क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफार्म की शिकायतें 2023 में खूब आयी हैं।
क्रिप्टो कारोबार की मूलभूत जानकारी जरूरी
एक क्रिप्टो निवेशक के रूप में सुनिश्चित करें कि आप जान चुके हैं कि इसका विनिमय कैसे किया जाता है। यदि आप कुछ शैक्षिक पाठ्यक्रम लेने के इच्छुक हैं तो इस संबंध में निःशुल्क क्रिप्टोकरेंसी जानकारी वाले वेबसाइट पर ज्ञान भी अर्जित कर सकते हैं। इसके अलावा समय समय पर सरकार एवं निगरानी संस्थान भी लोगों को आगाह करते रहते हैं। भारत में यह काम आरबीआई कर रहा है। सरकार ने क्रिप्टो बिज़नेस के नियमन के लिए गाइड लाइन भी तय की हैं। भारत ने जी20 की बैठक में क्रिप्टो करेंसी पर सख्त विनियमन नियम बनाने पर भी जोर दिया।
बिचौलियों से बचना जरूरी
क्रिप्टो एक्सचेंज, वित्तीय सलाहकार, निवेश बैंक, म्यूचुअल फंड, क्रेडिट यूनियन और निवेश ट्रस्ट जैसे वित्तीय संस्थान मध्यस्थ के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसमें कोई दिक्कत भी नहीं हैं। लेकिन दिक्कत उन बिचौलियों से है जो न कहीं पंजीकृत हैं और न क्रिप्टो एक्सचेंज से अधिकृत ही। वे अक्सर व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर बिज़नेस में घुस आते हैं और मौका देखकर हमारा बड़ा नुकसान कर देते हैं। यदि कोई निवेशक अपनी डिजिटल संपत्ति को मध्यस्थ के प्लेटफॉर्म पर वॉलेट में रखता है, तो वह आपके फंड को जोखिम में डाल सकता है। फिर कुछ लोग ऑफ़लाइन प्लेटफार्म भी चलाते हैं। उनके कारण भी क्रिप्टो को खराब प्रतिष्ठा मिली है। इसलिए, किसी मध्यस्थ को चुनने से पहले शोध करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। खासकर ट्रेडिंग वॉल्यूम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने वाली कंपनियों से बचना जरूरी है ।
रिस्क भी जानना आवश्यक
यह समझना जरूरी है कि आपका निवेश हमेशा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता, अगर बाज़ार में गिरावट आती है तो इससे आपका घाटा भी बढ़ जाता है। इसलिए क्षमता से अधिक निवेश करने से बचना चाहिए। ब्रोकर के कहने से पैसा उधार लेकर कभी निवेश न करें। अन्यथा आप अपनी कमाई बढ़ाने के बजाए गवां सकते हैं। यदि बाजार दूसरी दिशा में जाता है, तो आपको अधिक नुकसान होने का भी जोखिम है। 2019 -20 में बिटकॉइन की कीमत इतनी गिर गई कि लागत को कवर करने के लिए लोगों को अपनी हिस्सेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बेचना पड़ा। जब क्रिप्टो की बात आती है, तो विशेषज्ञ केवल उतना ही निवेश करने की सलाह देते हैं जितना आप खोने की क्षमता रख सकते हैं।












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