Profile: कौन है धरती की जन्नत में नफरत की आग सुलगाने वाला आतंकी यासीन मलिक, जिसे हुई उम्रकैद?
नई दिल्ली, 25 मई। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को आज टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस वक्त कश्मीर घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और यासीन मलिक के घर पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। चलिए आपको बताते हैं कश्मीर की आजादी की मांग करने वाला आतंक का सरगना आखिर 56 वर्षीय यासीन मलिक है कौन?
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अस्सी के दशक में ' ताला पार्टी ' का गठन
3 अप्रैल 1966 को मैसुमा, श्रीनगर में जन्मे यासीन मलिक के पिता गुलाम कादिर मलिक एक सरकारी बस ड्राइवर थे, यासीन की पूरी पढ़ाई-लिखाई श्रीनगर में ही हुई है और उसने श्री प्रताप कॉलेज से ही स्नातक किया है। यासीन मलिक का कहना है कि उसने कश्मीर में सेना का जुल्म देखा था और उसी नफरत में उसने हथियार उठाने का फैसला किया था और इसी वजह से उसने अस्सी के दशक में ' ताला पार्टी ' का गठन किया था, जिसके चलते उसने घाटी में कई बार नफरत की आग सुलगाई थी।
'ताला पार्टी' का नाम बदलकर 'आईएसएल' कर दिया
साल 1986 में मलिक ने 'ताला पार्टी' का नाम बदलकर 'इस्लामिक स्टूडेंट्स लीग यानी आईएसएल' कर दिया था, जिसमें केवल कश्मीर के युवाओं को शामिल किया गया, जिनका मकसद सिर्फ कश्मीर को भारत से अलग करना था। इसके सदस्यों में अशफाक मजीद वानी, जावेद मीर और अब्दुल हमीद शेख जैसे आतंकी शामिल थे, जिन्होंने आजाद कश्मीर के नाम पर दुनिया की जन्नत में केवल हिंसा फैलाने का काम किया।

JKLF का एरिया कमांडर
1987 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यासीन मलिक के नेतृत्व में इस्लामिक स्टूडेंट्स लीग, मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट (MUF) में शामिल हो गई थी। हालांकि संविधान पर भरोसा ना होने के कारण आईएसएल ने किसी भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ा लेकिन उसने श्रीनगर के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में एमयूएफ के लिए प्रचार करने की जिम्मेदारी ली। इसके बाद यासीन मलिक 1988 में Jammu Kashmir Liberation Front (JKLF) का एरिया कमांडर बन गया।

भारत विरोधी कामों में लिप्त मलिक
मलिक पर भारतीय वायुसेना कर्मियों पर आतंकी हमला करने का आरोप है, जिसमें स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना सहित चार वायुसेना कर्मी मारे गए थे। उसने 1990 में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से बेदखल करने में भी अहम रोल निभाया है।
भारत विरोधी कामों में लिप्त मलिक
वो कई कट्टर पाकिस्तानी आंतकियों के संपर्क में रहते हुए भारत विरोधी कामों में शामिल रहा है। धीरे-धीरे वो JKLF प्रमुख बन गया और 1994 में इसने लिबरेशन फ्रंट को एक राजनीतिक दल के रूप में पेश करने की कोशिश की।

मकबूल भट्ट को मानता था आदर्श
वो JKLF प्रमुख मकबूल भट्ट को अपना आदर्श मानता आया है। गौरतलब है कि अलगाववादी नेता मकबूल भट्ट को साल 1984 में फांसी के तख्त पर लटकाया जा चुका है।
पाकिस्तानी चित्रकार मुशाल हुसैन मलिक से शादी की
मालूम हो कि यासीन मलिक ने 22 फरवरी 2009 को एक पाकिस्तानी चित्रकार मुशाल हुसैन मलिक से शादी की थी, जिससे उसे रजिया सुल्तान नाम की एक बेटी भी है।












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