Temples of India: भारत के इन मंदिरों के नाम दर्ज हैं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में
दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक परिसर से लेकर सबसे बड़े रथ तक, भारत के मंदिर प्राचीन आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग की असाधारण उपलब्धियों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।

भारत एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला देश है, और भारत के मंदिर इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। भारत में ऐसे कई मंदिर हैं जो अपनी असाधारण विशेषताओं और उपलब्धियों के लिए जाने जाते हैं। उनमें से कई मंदिरों के नाम तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी शामिल हैं। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक परिसर से लेकर सबसे बड़े रथ तक, भारत के मंदिर प्राचीन आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग की असाधारण उपलब्धियों को बताते हैं। आइए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाने वाले इन उल्लेखनीय मंदिरों में से कुछ पर नजर डालते हैं।
अक्षरधाम मंदिर, नई दिल्ली
दुनिया का सबसे व्यापक हिंदू मंदिर होने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के नाम दर्ज है। यह देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। यह मंदिर 8,021.43 वर्गमीटर के कुल क्षेत्रफल के साथ 356 फीट लंबा, 316 फीट चौड़ा और 141 फीट ऊंचा हैं। मंदिर आमजनों के लिये 6 नवंबर 2005 को खोला गया। इस मंदिर को 11,000 कारीगरों ने बिना स्टील के 5 सालों में बनाया था। दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर होने का भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स अक्षरधाम मंदिर के नाम ही है।
श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, श्रीरंगम
तमिलनाडु के श्रीरंगम स्थित रंगनाथस्वामी मंदिर के नाम एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह मंदिर 72 मीटर की ऊंचाई के साथ दुनिया के सबसे ऊंचे हिंदू मंदिर का रिकॉर्ड रखता है। यह मंदिर भगवान रंगनाथ को समर्पित है, जो भगवान विष्णु के स्वरूप है। श्रीरंगम का यह मंदिर एक हजार साल से भी अधिक पुराना है। हालांकि इसका निर्माण उस समय पूरा नहीं हुआ था। लेकिन वर्ष 1987 में अहोबिला मठ धार्मिक संस्था के नेतृत्व में इस मंदिर का काम पूरा किया गया था।
गोविंद देवजी मंदिर, जयपुर
जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में सबसे चौड़ी सिंगल स्पैन आरसीसी छत है। जिसका मतलब है कि बीच में कोई खंभा नहीं है, जो भक्तों के दर्शन में बाधा नहीं डालता है। मंदिर के सत्संग हॉल में 36.27 मीटर कंक्रीट सीमेंट फ्लैट की छत है। जो 2009 में बनाई गई थी। इसी के चलते मंदिर का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस में अंकित है। जयपुर का यह मंदिर भगवान कृष्ण और श्रीराधा को समर्पित है। और देवताओं की मूर्तियों को वृंदावन से जयपुर के संस्थापक राजा सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा लाया गया था।
तिरुमला मंदिर, तिरुपति
तिरुमाला तिरुपति मंदिर के पास दुनिया में सबसे ज्यादा दर्शनार्थियों को एकसाथ संभालने वाले हिंदू मंदिर के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह मंदिर आंध्र प्रदेश में स्थित है। यहां प्रति दिन अनुमानित 30,000-40,000 दर्शनार्थी और नये साल के दिन 75,000 भक्त अपने भगवान के दर्शन को आते हैं। यह मंदिर $57.02 मिलियन के वार्षिक बजट के साथ दुनिया के सबसे अमीर हिंदू मंदिर की लिस्ट में भी शामिल है। इस मंदिर का निर्माण दक्षिण भारतीय वास्तुकला में किया गया है और माना जाता है कि इसका निर्माण 300 ईस्वी से शुरू हुआ था।
जगन्नाथ मंदिर, पुरी
जगन्नाथ मंदिर के नाम सबसे बड़े रथयात्रा रथ के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस में शामिल है। यह मंदिर ओडिशा के क्योंझर जिले में स्थित है। जगन्नाथ मंदिर में स्थित रथ की ऊंचाई 22 मीटर, लंबाई और चौड़ाई 14 मीटर है। इस रथ के लिए 2 अगस्त, 2019 को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दिया गया था। 300 से अधिक वर्षों की परंपरा के रूप में हर साल इस रथ को सजाया जाता है।
बाल हनुमान मंदिर, जामनगर
गुजरात के जामनगर स्थित बाल हनुमान मंदिर 1 अगस्त 1964 से 'श्री राम, जय राम, जय जय राम' मंत्र के निरंतर जाप के लिए प्रसिद्ध है। इस उपलब्धि के लिए मंदिर को दो बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मिल चुका हैं। मंत्र का बिना रुके जाप "राम धुन" के रूप में जाना जाता है और यह आज भी जारी है। यह मंदिर जामनगर में लखोटा झील के दक्षिण-पूर्व कोने पर स्थित है। इस स्थान को "छोटी काशी" के रूप में भी जाना जाता है।
पद्मनाभस्वामी मंदिर, तिरुवनंतपुरम
तिरुवनंतपुरम में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के नाम दुनिया का सबसे अमीर हिंदू मंदिर होने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, 2011 में मंदिर के पास £12 बिलियन की संपत्ति थी। मंदिर की संपत्ति में सोना, कीमती पत्थर और कलाकृतियां शामिल हैं। मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, और भगवान की मूर्ति ब्रह्मा को उनकी नाभि से एक कमल पर उठते हुए दर्शाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आज के समय में मंदिर की कुल संपत्ति ₹1,00,000 करोड़ से भी ज्यादा की है।
खोडलधाम मंदिर, राजकोट
राजकोट के कागवाड़ में स्थित खोडलधाम मंदिर के नाम राष्ट्रगान के सबसे बड़े सामूहिक गायन के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड है। 2017 में जब यह भव्य मंदिर बना तब देवी खोडियार की मूर्ति की स्थापना के दौरान 3,50,000 से अधिक लोगों ने भारतीय राष्ट्रगान "जन गण मन" गाया। पिछला रिकॉर्ड बांग्लादेश के पास था, जिसमें 2,54,537 लोगों ने 2014 में बांग्लादेशी राष्ट्रगान गाया था। खोडलधाम मंदिर देवी खोडियार को समर्पित है, जिन्हें समृद्धि और शक्ति की देवी माना जाता है।












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