'गंभीर' राजनीति का जरा हट के अंदाज
नई दिल्ली। देश में इस समय लोकसभा चुनाव का माहौल है और जैसे जैसे पारा चढ़ रहा है, यह माहौल भी रंग बदल रहा है। कहीं कोई पार्टी छोड़कर जा रहा है तो कहीं कोई किसी पार्टी का हिस्सा बन रहा है। जहां अरविंद केजरीवाल इस समय कई पार्टियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं तो वहीं मीडिया को जेल में डालने की बात कहकर अरविंद नए विवाद कर केंद्र बन गए हैं। वहीं नरेंद्र मोदी पर दिए अपने बयान पर भी वह चर्चा में अाए, यह बात और है कि थोड़ी ही देर बाद वह अपने बयान से मुकर भी गए। ऐसी ही कुछ गंभ्ाीर बातों पर डालिए एक नजर लेकिन एक चुटीले अंदाज के साथ।

चुनाव के बदलते रिश्ते
चुनाव के समय पार्टी में शामिल नेताओं के रंग और रिश्ते बदल रहे हैं। पुरानी पार्टी को छोड़कर नई पार्टी में शामिल होना जैसे उनका शगल बनता जा रहा है।

हाल कैसा है
डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी पहले ही नरेंद्र मोदी के लिए वाराणसी सीट छोड चुके हैं और कुछ ऐसा ही हाल लाल कृष्ण आडवाणी का भी है। जोशी के बाद आडवाणी को अब मोदी की लोकप्रियता के चलते गांधी नगर सीट छोड़ने की पड़ेगी।

'आप' का केजरी
नरेंद्र मोदी वाराणसी से लड़ेंगे तो यहां उन्हें 'आप' पार्टी के अरविंद केजरीवाल से चुनौती मिल सकती है। शीला दीक्षित को हराने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज केजरीवाल, मोदी को हराएंगे उन्हें इसका पूरा भरोसा है।

ध्यान रहे आचार संहिता
जैसे ही चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम का ऐलान किया उसने आचार संहिता भ्ाी लागू कर दी। अब नेता बेचारे क्या करें, इस आचार संहिता के बोझ तले खुद को मजबूर महससू करने लगेे हैं।

कौन सी पार्टी में जाऊं
चुनावों को देखते हुए कई पार्टियों में नए चेहरों को जगह दी जा रही है और ऐसे में कुछ लोग तो इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि वह कौन सी पार्टी ज्वॉइन करें। कोई सवाल पूछता है तो जवाब होता है जहां से टिकट मिल जाएगा, वहीं चले जाएंगे।

कहां जाएंगे ये
सभी एग्जिट पोल्स और सर्वे में अब यह बात साबित हो चुकी है कि कांग्रेस और इसके गठबंधन यूपीए को चुनावों में कोई खास कामयाबी नहीं मिलने वाली।

अरविंद भेज देंगे जेल में
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान आप पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने मीडिया को जेल में डालने की बात कही तो हंगामा मच गया लेकिन अपनी आदत के मुताबिक अरविंद अपनी इस बात से साफ मुकर गए।












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