Rinku Singh: क्रिकेटर बनने से पहले रिंकू करते थे सफाईकर्मी का काम, अब कमाते हैं लाखों
क्रिकेटर रिंकू सिंह आज जिस मुकाम पर है, उस पर पहुंचने के लिए उनकी लगभग एक दशक की मेहनत और संघर्ष शामिल है। रिंकू और उनके परिवार ने अच्छे दिन देखने से पहले अनगिनत बुरे दिन देखे हैं।

Rinku Singh: आईपीएल 2023 के एक मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के रिंकू सिंह ने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 48 रन बनाये। वह 21 गेंदों में 48 रन बनाकर नाबाद रहे और अंतिम ओवर में पांच गेंदों में पांच छक्के लगाकर कोलकाता नाइट राइडर्स को जोरदार तरीके से जीत दिलाई।
रिंकू सिंह की कहानी
रिंकू सिंह, उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज है। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1997 को एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता लखनऊ में एक एलपीजी एजेंसी में काम करते थे और लोगों के गैस सिलेंडर डिलीवरी किया करते थे। रिंकू ने भी स्वीपर और क्लीनर के तौर पर काम किया है। भले ही परिवार की आर्थिक स्थिति उन्हें ज्यादा बड़े सपने देखने की अनुमति नहीं देती थी, लेकिन फिर भी रिंकू में हमेशा क्रिकेट में कुछ करने की ललक थी।
परिवारजन करते थे छोटे-मोटे काम
रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह लखनऊ में घरों में एलपीजी सिलेंडर पहुंचाते थे। पिता की आय से उनके घर का खर्च निकलना मुश्किल हो रहा था, जिसकी वजह से रिंकू के परिवार के अधिकांश सदस्य गुजारा करने के लिए छोटे-मोटे काम करने लगे। जैसे बड़ा भाई ऑटो रिक्शा चलाता है और दूसरा भाई एक कोचिंग सेंटर में काम करता है। जबकि परिवार एलपीजी वितरण केंद्र के परिसर में दो कमरों के भंडारण परिसर में रहता था जहां उनके पिता काम करते थे।
एक दशक पहले क्रिकेट से जुड़े
रिंकू सिंह ने लगभग एक दशक पहले क्रिकेट खेलना शुरू किया। शुरुआत में रिंकू अपने मोहल्ले में ही क्रिकेट खेला करते थे जहां पर कुछ स्थानीय कोच ने रिंकू की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें प्रोफेशनल क्रिकेट में प्रवेश करने की सलाह दी। बहुत समय तक मेहनत करने के बाद 2013 में रिंकू को उत्तर प्रदेश की अंडर-16 टीम में चुना गया। कुछ साल बाद, उन्हें एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में उनकी प्रतिभा के लिए उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में भी चुन लिया गया। रिंकू ने लिस्ट ए क्रिकेट में अपनी शुरुआत की जब उन्होंने 16 साल की उम्र में मार्च 2014 में पहली बार उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम के लिए खेला, और उन्होंने उस मैच में 83 रन बनाए। रिंकू ने बाद में नवंबर 2016 में उत्तर प्रदेश की टीम के लिए प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया और जबरदस्त पारियां खेलीं।
रिंकू की उपलब्धियां
रिंकू सिंह की सबसे मुख्य उपलब्धि 9 अप्रैल 2023 को थी, जब उन्होंने आईपीएल मैच के आखिरी ओवर की आखिरी 5 गेंदों में लगातार 5 छक्के लगाकर कोलकाता नाइट राइडर्स को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मैच जीतने में मदद की थी। घरेलू क्रिकेट में रिंकू ने 40 मैचों और 59 पारियों में 59.89 की औसत से 2875 रन बनाए हैं। रिंकू ने मुंबई इंडियंस द्वारा आयोजित एक शिविर के दौरान एक मैच में 31 गेंदों में 95 रनों की रोमांचक पारी खेली थी। रणजी ट्रॉफी के 2018-19 सीजन में, रिंकू ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उत्तर प्रदेश के लिए 10 मैचों में 953 रन बनाए थे।
कैसे सुधरी आर्थिक स्थिति?
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रिंकू सिंह और उनके परिवार की शुरुआत से ही कठिन आर्थिक स्थिति रही है। उनका परिवार 5 लाख रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था। रिंकू और उनका परिवार इस कर्ज को उतारने में असमर्थ नजर आ रहा था लेकिन क्रिकेट रिंकू की आशा की किरण के रूप में उभरा। रिंकू उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम के लिए खेलते हुए मिलने वाले मामूली दैनिक भत्ते को बचाते रहे, और धीरे-धीरे उनका कर्ज उतरता चला गया। रिंकू को 2018 में कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा ₹80 लाख में खरीदा गया था और आईपीएल 2022 की नीलामी में ₹55 लाख में केकेआर द्वारा उन्हें रीटेन किया गया था।
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