RPSC: राजस्थान लोक सेवा आयोग की साख पर फिर धब्बा, प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और गड़बड़ी के बढ़ते केस

विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था राजस्थान लोक सेवा आयोग स्वयं संदेह के घेरे में है। पूर्व में शिक्षक भर्ती परीक्षा में आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा पेपर लीक के मामले में पहले से ही जेल में हैं।

तो अब कांग्रेस नेता एवं राज्य घूमंतू जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) गोपाल केसावत सहित चार लोगों को ईओ भर्ती में पास कराने के नाम पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने घूस लेते गिरफ्तार किया है।

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अन्य आरोपियों में हनुमानगढ़ टाउन निवासी अनिल कुमार धरेन्द्र, दिल्ली निवासी ब्रह्मप्रकाश व टिब्बी हनुमानगढ़ निवासी रवींद्र शर्मा शामिल हैं। इन्होंने नौकरी दिलाने के नाम चार अभ्यर्थियों से सौदा किया था। प्रत्येक से ₹40 लाख मांगे, बाद में ₹25 लाख में सौदा तय हुआ। इनमें से एक अभ्यर्थी से ₹18.50 लाख लेते इनको रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

परीक्षा में पास कराने के लिए लाखों रुपए मांगे
हरियाणा के परिवादी ने एसीबी की सीकर इकाई को चारों के खिलाफ शिकायत दी थी। परिवादी का कहना था कि आरोपी उसे धमका रहे थे कि पैसे नहीं दिये तो पास नहीं हो पायेगा। एसीबी के डीआईजी कालूराम रावत के निर्देशन में सीकर एसीबी के एडिशनल एसपी राजेश जांगिड़ ने शिकायत का सत्यापन किया। 14 जुलाई को सीकर में अनिल व ब्रह्मप्रकाश को परिवादी से कुल ₹18.50 लाख लेते रंगेहाथ और देर रात रवींद्र शर्मा को पकड़ा। तीनों से पूछताछ में पता चला कि राशि जयपुर में गोपाल केसावत को देने वाले है। इसके बाद शनिवार को गोपाल केसावत को उक्त राशि लेते प्रतापनगर से गिरफ्तार किया था। सोमवार को चारों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया और तीन दिन के रिमांड पर लिया है।

अफसरों संग फोटो डालकर सोशल मीडिया पर लुभाता था
गोपाल केसावत आरपीएससी व कर्मचारी आयोग की भर्तियों की सूचनाएं सोशल मीडिया पर डालकर अभ्यर्थियों को लुभाता था। वह अधिकारियों एवं नेताओं के साथ अपने फोटो भी डालता था। दावा करता था कि आरपीएससी व आयोग अधिकारियों तक उसकी पहुंच है। वह परीक्षा में पास करवा सकता है। आरपीएससी में किन अफसर-कार्मिकों की भूमिका है, एसीबी इसकी भी जांच कर रही है।

परिवादी हरदीपसिंह सुंदरिया का दावा है कि उसके रिश्तेदार विकास को आरोपी अनिल जयपुर सचिवालय में मिला था। कहा था कि ₹40 लाख लगेंगे। 14 मई को परीक्षा के बाद कहा कि दो मेंबर के जरिए ओएमआर शीट निकलवाई तो आपके 62 सवाल सही निकले। विकास ने बहन को भी पास करवाने को कहा तो अनिल ने छानबीन कर कहा कि उसने परीक्षा नहीं दी। लेकिन तेरा काम करा दूंगा, आयोग चेयरमैन के घर तुझे चाय भी पिलाकर लाऊंगा।

अब 145 पदों की भर्ती भी सवालों के घेरे में
आयोग की वरिष्ठ अध्यापक व एसआई भर्ती के बाद अब लोकल सेल्फ गवर्नमेंट डिपार्टमेंट में रेवेन्यू ऑफिसर ग्रेड सेकंड, एक्जीक्यूटिव ऑफिसर क्लास फोर्थ व असिस्टेंट इंजीनियर के 145 पदों की भर्ती पर सवाल खड़े हो गये है।

केसावत घूसकांड में सदस्य शर्मा और आर्य का नाम भी
ईओ भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा देकर ₹18.50 लाख रुपए की घूस में पकड़े गए पूर्व मंत्री गोपाल केसावत के मामले में उसके दलाल अनिल ने परिवादी से रिश्वत लेने के लिए आरपीएससी मेंबर मंजू शर्मा के साथ संगीता आर्य का भी नाम लिया था। एसीबी की एफआईआर में लिखा है कि परिवादी से इन दोनों के अलावा एक अन्य व्यक्ति सुरजीत मल के नाम से भी रुपये मांगे थे।

पूर्व में भी आरपीएससी अध्यक्ष और सदस्यों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
इससे पहले आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड सेकंड प्रतियोगी परीक्षा पेपर तीक प्रकरण में एसओजी की गिरफ्त में आया। वह अभी जेल में है। आरएएस-2018 इंटरव्यू में पास कराने के बदले घूस के आरोप पूर्व सदस्य राजकुमारी गुर्जर के पति भैरोसिंह पर लगे। आयोग के पूर्व अध्यक्ष हबीब खान गौराण पर 2013 का पेपर लीक कराने के आरोप लगा। आयोग के पूर्व अध्यक्ष शिव सिंह राठौड़ पर आरएएस परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।

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