ये है इलाहाबाद का दशहरा मेला, जहां रात भर बजता है भोंपू लगते हैं ठुमके
इलाहाबाद। जब भी आप बचपन के बिताये पल याद करते होंगे तो गांव का मेला जरूर याद करते होंगे। जहां आप अपने घरवालों के साथ ढेर सारी मस्ती करने के लिए जाते थे। गुब्बारे से लेकर, खिलौने और बड़े-बड़ झूले झूलना हर चीज के लिए आपने अपने मां-बाप से जिद की होगी। आज हम आपको फिर से उन यादों में लेकर चलेंगे जहां मेले में चावल के दानों पर नाम लिखाने से लेकर भोंपू बजाना और मेले की मिठाई सब कुछ आपको याद आयेगा।
जहां सीता पीती हैं कोल्ड ड्रिंक, हनुमान दौड़ते हैं सड़क पर
इलाहाबाद में हर दशहरे के पर कई सालों से झांकियों के निकलने की परंपरा चली आ रही है। यहां रात भर लोग मेले का लुत्फ लेते हैं और झांकियां देखते हैं। इलाहाबाद में अलोपी बाग से लेकर लेबर चौराहे के बीच चलने वाले इस मेले की धूम देखते ही बनती है।

ये मेला की कोल्ड ड्रिंक है
यहां हर तरह की कोल्ड ड्रिंक सिर्फ 5 रुपए में मिलती है। हालांकि यह स्वाद में थोड़ी अलग होती है।

हर पहलू है मौजूद
रात भर चलने वाले मेले में थक कर सो भी जाते हैं दुकानदार।

मेले की मिठाई
मेले की मिठाई बाकी दुकानों में मिलने वाली मिठाइयों से काफी अलग होती है। यह आम से बनी अमावट है।

मेले की मिठाई
हर तरह के स्वदेशी मिठाई यहां आपको मिल जायेगी।

चावल पर नाम लिखायें
हर मेले में आपको यह काउंटर जरूर मिल जायेगा जिसमें चावल पर नाम लिखाने की बोर्ड लगा होगा।

जमकर बिकते हैं भोंपू
मेले का मुख्य आकर्षण हैं ये भोंपू।

सारी रात लड़के बजाते हैं भोंपू
मेला घूमने आने वाले बच्चे और बड़े सारी रात यहां भोंपू बजाते हैं।

जबरदस्त भीड़ देखने को मिलती है रात भर
इस मेले में बड़ी संख्या में लोग मेला देखने के लिए उमड़ते हैं।

और ये है सर्फ के गुब्बारे
सर्फ के गुब्बारे आपको तकरीबन हर मेले में मिलेंगे।

मेले का बादाम शेक
यह कोई मल्टीनेशनल कंपनी का बादाम शेक नहीं है यह है स्वदेशी बादाम शेक जो सिर्फ 5 रुपए का मिलता है।

ये खेल जरा निराला है
इस केल में आपको एक नंबर चुनना होता है और लकी ड्रा के माध्यम से आपके तरह-तरह के इनाम मिलते हैं।

बच्चों के भी सपने पलते हैं
तमाम बच्चों के साथ मेला घूमने आने वालों के लिए यह दृश्य थोड़ा असहज जरूर करेगा।

डिब्बी में भगवान
ये विशेष तरह के भगवा के फोटो हैं इसमें कांच की डिब्बी में भगवान की फोटो हैं जो आपको 3डी इफेक्ट देगी।

युवाओ का टशन
रात में चलने वाले इस मेले में आपको आधी रात में काला चश्मा लगाये युवक भी दिख जायेंगे।

गुड़िया के बाल
कोई भी मेला बिना इस गुड़िया के बाल के पूरा नहीं होता है।

रात भर लगते हैं जमकर ठुमके
दशहरे के इस मेले की खासियत यह है कि यहां रात भर थोड़ी-थोड़ी दूर पर लगने वाले डीजे पर रात भर लोग थिरकते नजर आते हैं।












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