Modi and Workers: श्रमसाधकों के सम्मान की परंपरा बना चुके हैं मोदी

Modi and Workers: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण हेतु श्रम करने वालों पर फूलों की वर्षा की। एक बार फिर प्रधानमंत्री श्रमयोगियों का सम्मान करना नहीं भूले।

किसी प्रधानमंत्री द्वारा श्रम को सराहने और उसके प्रति अपनी कृतज्ञता सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने की परंपरा भारत में मोदी ने ही शुरू की है।

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भले ही मंदिर निर्माण में लगी अलग-अलग कंपनियों ने अपने अपने मजदूरों को वेतन और भत्ते आदि दिए हों, लेकिन सबका एक साथ सम्मान हुआ तो सभी लोग आत्मविभोर हो गए। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा श्रमसाधकों के सम्मान की अब एक श्रृंखला बन गई है।

जब काशी में श्रमिकों के साथ भोजन प्रसाद लिया पीएम ने

दिसंबर, 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम के कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने कॉरिडोर को बनाने वाले मजदूरों के साथ मिलकर उनका हाल-चाल जाना, खूब बातें की और उनके सम्मान के साथ उन पर फूल बरसाए। इसके साथ ही पीएम मोदी ने उनके साथ टेबल पर बैठकर दोपहर का खाना भी खाया। यह सम्मान मजदूरों के लिए अद्वितीय था।

श्रमिकों के पैर धोकर किया उनका सम्मान

फरवरी, 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचे थे। जहां पीएम मोदी ने पीतल की थाली में 5 सफाईकर्मियों के पैर धोए और उन्हें अंगवस्त्र देकर उनका आभार जताया। पीएम मोदी ने गंगा पंडाल में स्वच्छताग्रहियों और सुरक्षा कर्मियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने दो नाविकों, राजू निषाद और लल्लन निषाद को भी पुरस्कार दिया था।

तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सफाई कर्मियों के कारण ही इस बार कुंभ की पहचान स्वच्छ कुंभ के रूप में हुई। दिव्य कुंभ को भव्य कुंभ बनाने में सबसे बड़ा योगदान इनका ही था। कुंभ में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा गया, ये बड़ी जिम्मेदारी थी। मोदी ने इन्हें असली कर्मयोगी बताया था।

रियाद में श्रमिकों के साथ नाश्ता

अप्रैल, 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एलएंडटी कर्मचारियों के आवासीय परिसर में पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी ने उन भारतीय श्रमिकों के साथ बैठकर नाश्ता किया था। तब प्रधानमंत्री मोदी ने एक तस्वीर ट्वीट करके लिखा, सउदी अरब में एलएंडटी वर्कर्स आवासीय परिसर में एकसाथ भोजन करते हुए और एक दूसरे के विचार एवं अनुभव सुनते हुए। श्रमिकों ने भी प्रधानमंत्री की इस सद्भावना के लिए उनकी काफी प्रशंसा की थी।

कतर में भी मजदूरों से मिले पीएम मोदी

जून, 2016 में प्रधानमंत्री कतर पहुंचे। वहाँ राजधानी दोहा में वर्कर्स मेडिकल कैंप में भारतीय कामगारों से मिले और उनके साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय मजदूरों की उन समस्याओं को भी सुना, जो खाड़ी देशों में भारतीयों को उठानी पड़ती है।

पीएम मोदी ने खाड़ी देश कतर में रहने वाले भारतीय मजदूरों से मिलने के बाद आश्वासन दिया था कि वह यहाँ के नेताओं के साथ होने वाली अपनी बातचीत में उनकी समस्याओं को उठाएंगे। साथ ही यह भी कहा था कि भारतीय कामगारों को यहां लाने वाली कंपनियों को आने वाली दिक्कतों का भी उन्हें ज्ञान है और उसे दूर करने की कोशिश वह करेंगे।

संसद भवन के श्रमिकों की प्रशंसा

सितंबर, 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक नए संसद भवन की निर्माण साइट पर पहुंच गए। जहां उन्होंने साइट पर काम कर रहे मजदूरों से बातचीत की और साइट का निरीक्षण किया। पीएम मोदी ने श्रमिकों से कहा कि वे एक पवित्र और ऐतिहासिक कार्य में लगे हुए हैं। उन्होंने उनके योगदान की खूब प्रशंसा की।

उत्तरकाशी में फंसे 41 मजदूरों से फोन पर की बातचीत

नवंबर, 2023 में जब उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल में 17 दिनों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाला गया, तब पीएम मोदी ने उनकी मेडिकल जांच के तुरंत बाद सभी 41 मजदूरों से फोन पर बातचीत की। उनका हाल-चाल जाना और उनका हौसला बढ़ाया।

साथ ही पीएम मोदी ने रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने वाले जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।

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