Rajya Sabha Elections: कौन हैं राज्य सभा के लिए यूपी से भाजपा के नए चेहरे?

Rajya Sabha Elections: देश के 15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को चुनाव होने जा रहा है। इनमें ज्यादातर उम्मीदवार निर्विरोध जीतकर आने वाले हैं। कुछ सीटों पर चुनाव होने की भी संभावना बन सकती है।

केंद्र में सत्तारुढ़ भाजपा ने राज्यसभा के लिए होने वाले आगामी चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से अपने उम्मीदवारों के नाम का रविवार को ऐलान कर दिया।

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यूपी में सुधांशु त्रिवेदी के अलावा कोई रिपीट नहीं

उत्तर प्रदेश से भाजपा ने सुधांशु त्रिवेदी, आरपीएन सिंह, चौधरी तेजवीर सिंह, साधना सिंह, अमरपाल मौर्य, संगीता बलवंत और नवीन जैन को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा ने यूपी में सुधांशु त्रिवेदी के अलावा किसी को रिपीट नहीं किया है। यूपी से सुंधाशु त्रिवेदी के साथ ही भाजपा नेता अनिल अग्रवाल, अनिल जैन, अशोक वाजपेयी, कांता कर्दम, विजय पाल सिंह तोमर, हरनाथ यादव अब तक राज्यसभा सदस्य थे। पिछले साल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह को यूपी से मौका दिया गया है।

भाजपा ने अपने कई दिग्गजों को भी चौंकाया

भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर सालों से उम्मीद में बैठे अपने कई दिग्गजों को भी चौंका दिया है। हालांकि, अपने उम्मीदवारों की लिस्ट से भाजपा ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े रहने वाले नेताओं को वह खाली हाथ भी नहीं रहने देती। राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश से उम्मीदवार बनाए गए भाजपा नेताओं के बारे में जानते हैं।

सुधांशु त्रिवेदी: भाजपा के तेज-तर्रार राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी जाति से ब्राह्मण हैं। सुधांशु त्रिवेदी का जन्म, उनकी शिक्षा और उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत लखनऊ शहर से हुई। यूपी के मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों पदों पर रहने के दौरान राजनाथ सिंह के राजनीतिक सलाहकार रहे सुधांशु त्रिवेदी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री ली हुई है। भाजपा ने यूपी से केवल सुधांशु त्रिवेदी को ही रिपीट किया है।

राष्ट्रीय नीति, राजनीतिक, सामाजिक मुद्दों और विशेष रूप से भाजपा के वैचारिक पहलुओं पर बेबाकी से राय रखने वाले सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा चुनाव 2014 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस दौरान वे भाजपा के मीडिया और कम्युनिकेशन की मुख्य टीम का हिस्सा थे। टीम में रहते हुए उन्होंने सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अमित शाह के लिए प्रचार किया। लोकसभा चुनाव 2019 में उन्हें राजस्थान की जिम्मेदारी दी गई थी।

आरपीएन सिंह: रतनजीत प्रताप नारायण सिंह उर्फ आरपीएन सिंह पूर्वी यूपी में कुशीनगर के पडरौना सैंथवार राजपरिवार से आते हैं। वह 1996-2009 तक कांग्रेस विधायक रहे। इसके बाद कुशीनगर से सांसद चुने गए। यूपीए सरकार में वह सड़क एवं परिवहन, पेट्रोल एंड कॉरपोरेट अफेयर्स जैसे मंत्रालय संभाल चुके हैं। कुर्मी बिरादरी से आने वाले आरपीएन सिंह पिछले साल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे।

चौधरी तेजवीर सिंह: भाजपा ने जाट बिरादरी से आने वाले चौधरी तेजवीर सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। तेजवीर सिंह 1996, 1998 और 1999 में तीन बार मथुरा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। मथुरा के शाहपुर में 2 दिसंबर 1959 को जन्मे तेजवीर सिंह यूपी में सहकारिता की सबसे बड़ी संस्था यूपी कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के चेयरमैन भी रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में जाट बिरादरी और किसानों वोटों को इकट्ठा करने में वह कारगर हो सकते हैं।

संगीता बलवंत: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में गाजीपुर सदर विधानसभा की भाजपा प्रत्याशी बनकर डॉ संगीता बलवंत लोगों को चौंका चुकी हैं। निषाद समाज की संगीता बलवंत जमीनी राजनीति करने वाली नेता मानी जाती हैं। गाजीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री संगीता बलवंत शुरुआत में बसपा से राजनीति करती थीं। लेकिन बाद में वह भाजपा में आ गईं। साल 2022 में सदर सीट से विधायक बनने के बाद महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति और फिर सहकारिता राज्य मंत्री बनीं। एलएलबी, बीएड, और मध्यकालीन इतिहास में पीएचडी कर चुकी संगीता बलवंत को किताब लिखने का शौक है।

साधना सिंह : चंदौली के बबुरी में रहने वाली राजपूत जाति की साधना सिंह के जरिए भाजपा ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। ग्रेजुएशन तक पढ़ी साधना सिंह व्यापारी संगठनों से जुड़ी हुई हैं। साल 1993 में साधना सिंह ने भाजपा में आकर राजनीतिक करियर की शुरुआत की।

चंदौली भाजपा महिला मोर्चा की दो बार अध्यक्ष रहीं साधना सिंह ने साल 2017 में भाजपा के टिकट से मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर भारी अंतर से जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने साधना सिंह की जगह इस सीट से रमेश जायसवाल को उम्मीदवार घोषित किया था। टिकट नहीं मिलने का मलाल जताए बिना साधना सिंह भाजपा के साथ जुड़ी रहीं। दो साल बाद भाजपा ने उन्हें सब्र का मीठा फल दिया है।

नवीन जैन: आगरा के मेयर और आल इंडिया मेयर काउंसिल के अध्यक्ष रह चुके नवीन जैन भाजपा के प्रदेश सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। यूपी के बेहद अमीर नेताओं में गिने जाने वाले नवीन जैन को राज्यसभा भेजकर भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 में फतेहपुर सिकरी और फतेहाबाद सीट के दावेदारों को राहत दी है। वहीं, वैश्य समाज और जैन समुदाय में पैठ गहरी की है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक से अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत करने वाले नवीन जैन ने साल 1989 में राजनीति में कदम रखा।

अमरपाल मौर्य: भाजपा के यूपी से राज्यसभा के प्रत्याशियों की सूची में प्रतापगढ़ के रहने वाले कोइरी समुदाय के अमरपाल मौर्य का भी नाम है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य को विधानसभा चुनाव 2022 में रायबरेली की ऊंचाहार सीट पर हार मिली थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा संगठन में लंबे समय तक काम कर चुके अमरपाल मौर्य 11 साल तक उमा भारती के पीए रह चुके हैं। यूपी की राजनीति में उन्हें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का विकल्प भी माना जाता है।

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