Rajiv Gandhi Assassination: 31 साल बाद जेल से बाहर आई नलिनी श्रीहरन, सोनिया गांधी ने खास वजह से किया था माफ

नलिनी श्रीहरन (Nalini Sriharan): आज देश के पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या में शामिल सभी 6 दोषी रिहा हो गए हैं। शुक्रवार सुबह ही सुप्रीम कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों को रिहा करने का आदेश सुनाया था। आपको बता दें कि 18 मई 2022 को अनुच्छेद 142 का प्रयोग करते हुए अदालत ने राजीव गांधी की हत्याकांड में दोषी एजी पेरारिवलन को रिहाई दी थी, जिसके बाद जेल में बंद सभी कैदियों ने भी इसी आधार पर खुद को छोड़े जाने की मांग की थी, जिस पर आज देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाया और उसके बाद सभी रिहा हो गए ।

Rajiv Gandhi Assassination

गौरतलब है कि 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान हुुए आत्मघाती हमले में पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या हो गई थी। इस मामले में कुल 41 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो चुकी थी और 19 लोगों को बरी कर दिया था और केवल 7 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया था। ये सात लोग थे नलिनी श्रीहरन, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार, और रॉबर्ट पॉयस और पेरारिवलन।

Rajiv Gandhi Assassination

जेल से बाहर आते ही नलिनी श्रीहरन ने कहा कि 'मैं कोई आतंकी नहीं हूं, पिछले 31 सालों से मैं संघर्ष कर रही थी, आज वो खत्म हुुआ है।' बता दें कि नलिनी श्रीहरन देश की सबसे लंबे समय तक जेल में रहने वाली भारतीय महिला कैदी है। जिस वक्त उसे अरेस्ट किया गया था, उस वक्त उसकी उम्र केवल 24 वर्ष थी और वो दो महीने की गर्भवती थी। वो और उसका पति श्रीहरन उर्फ मुरुगन राजीव गांधी की हत्या में शामिल थे।

Recommended Video

    Rajiv Gandhi Assassination Case: रिहा होने पर Nalini Sriharan ने क्या कहा | वनइंडिया हिंदी | *News
    Rajiv Gandhi Assassination

    मुरुगन एलटीटीई के लिए काम करता था। मालूम हो कि नलिनी श्रीहरन तमिलनाडु के एक पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर पी नारायणन की बेटी है, उसकी मां एक नर्स थी। नलिनी ने Ethiraj College से अंग्रेजी भाषा में स्नातक किया था, उसके मां-बाप ने कभी नहीं सोचा होगा कि जिस प्यार और लाड़ से उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया और काबिल बनाया, वो एक दिन ऐसे अपराध में लिप्त होगी ,जिसकी वजह से उन्हें दुनिया के सामने शर्मसार होना पड़ेगाा।

    Rajiv Gandhi Assassination

    जेल में जब वो बंद थी तब उसने तमिल भाषा में 500 पन्नों की एक किताब 'Rajiv Gandhi Assassination Hidden Truth' लिखी थी, जिसमें उसने विस्तार से अपने बारे में बताया था। श्रीहरन से प्यार और शादी करने से पहले वो एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। इसी कंपनी में काम करने के दौरान उसकी मुरुगन से मुलाकात हुई थी और फिर दोनों ने चंद मुलाकातों के बाद शादी कर ली थी। शादी के बाद वो एक किराए के घर में रहने लगे थे। जहां एक दिन मुरुगन ही धानू ( आत्मघाती हमलावर) को लेकर आया था लेकिन उन दोनों में किसी को नहीं पता था कि धानू राजीव गांधी की हत्या करने वाली है। ये बात तो उन्हें राजीव गांधी की हत्या होने के बाद पता चली थी।

    Rajiv Gandhi Assassination

    आपको बता दें कि जिस वक्त नलिनी अरेस्ट हुई थी, उस वक्त दो माह की गर्भवती थी। उसने जेल में ही अपनी बेटी को जन्म दिया था। अपनी किताब में नलिनी ने लिखा है कि जब सोनिया गांधी को पता चला था कि वो दो महीने की गर्भवती है तो उन्होंने कहा था कि 'उसके जुर्म के लिए उस बच्चे को कैसे दोषी ठहरा दूं, वो तो अभी दुनिया में आया नहीं है, इसलिए मैं उसे माफ करती हूं।' तो वहीं किताब में प्रियंका गांधी का भी जिक्र है, जो जेल में बंद नालिनी से मिलने गई थीं और उससे पूछा था कि 'आखिर तुमने मेरे पिता को क्यों मारा?' आपको बता दें कि जेल में बंद होने के दौरान नलिनी और मुरुगन ने इच्छा मृत्यु की भी मांग की थी।

    Rajiv Gandhi Assassination:

    क्यों हुई राजीव गांधी की हत्या?

    पूर्व पीएम राजीव गांधी ने श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी, जिससे तमिल विद्रोही संगठन लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) उनसे नाराज चल रहा था और इसी बात का बदला लेने के लिए 1991 में लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने श्रीपेरम्बदूर गए राजीव गांधी पर आत्मघाती हमला करवा दिया था।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+