Rajasthan Districts: राजस्थान में चुनावी साल में 33 से हो गए 50 जिले, अभी संख्या बढ़ सकती है
Rajasthan Districts: राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पुनः सरकार बनाने के लिए कोई भी कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। चाहे प्रदेश में नये जिलों का गठन करना हो या विभिन्न जातियों, धर्म व समाज के बोर्ड व आयोग की घोषणा या महंगाई राहत कैंप लगाना। वह इस बार सबको खुश रखना चाहते हैं। गहलोत कहते भी हैं कि हमारी सरकार इतना देगी कि आप मांगते-मांगते थक जाओगे। गहलोत सरकार का सबसे बड़ा कदम प्रदेश में नये जिले की घोषणा करना है। आम जनता सोच रही थी कि सरकार केवल 5-6 नये जिलों का गठन करेगी लेकिन उन्होंने ताबड़तोड़ 15 बिलकुल नए जिलों की घोषणा कर दी और जयपुर एवं जोधपुर जिलों के दो दो भाग करके कुल 19 नए जिले बना दिए। अब राजस्थान में 50 जिले और 10 नए संभाग बन गये हैं।
सबको खुश रखने की कवायद
आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से राजस्थान आज सबसे बड़ा राज्य है। ऐसे में मूलभूत आवश्यकताओं को देखते हुए प्रदेश में जिले बढ़ाने की आवश्यकता से इंकार नहीं किया जा सकता। राजस्थान में एक जिले की औसत जनसंख्या 24 लाख है। वहीं छत्तीसगढ़ में 9 लाख और हरियाणा में 13 लाख की आबादी पर एक जिला है। मध्यप्रदेश में भी 55 जिले हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चुनावी साल में सबको खुश करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि उनका यह प्रयास कितना सफल होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा को भी इस प्रकार के फैसलों का तोड़ नजर नहीं आ रहा है।

मार्च में की घोषणा, विवाद के बाद सरकार ने बीच का मार्ग निकाला
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 17 मार्च 2023 में नये जिलों के गठन की घोषणा की थी। इसके तहत राजस्थान में 33 नहीं बल्कि पूरे नये व पुराने जिलों को मिलाकर 50 जिले हो नये हैं। साथ ही संभागों की संख्या भी 7 से बढ़कर 10 हो गई है। घोषणा में अनूपगढ़, बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना, दूदू, फलौदी, गंगापुर सिटी, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर शहर, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, कोटपूतली, खैरथल, नीमकाथाना, सलूम्बर, सांचौर और शाहपुरा को शामिल किया गया।
इस प्रकार सरकार ने 19 नए जिलों की घोषणा की थी। जयपुर उत्तर, जयपुर दक्षिण, जोधपुर उत्तर और जोधपुर दक्षिण जिलों की घोषणा पर विवाद हो गया। आमजन को दक्षिण-उत्तर में बांटना ठीक नहीं लगा। जिस पर सरकार ने बाद में बीच का रास्ता निकालते हुए इन जिलों का नाम जयपुर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर और जोधपुर ग्रामीण कर दिया। जयपुर और जोधपुर जिले पहले से ही थे, इसलिए 17 ही नए जिले अस्तित्व में आए। 33 जिले पहले से थे। अब इन नए 17 जिलों को मिलाकर प्रदेश में 50 जिले हो गए हैं।
अब सात की जगह 10 संभाग, जैसलमेर सबसे बड़ा जिला
सीएम अशोक गहलोत ने नये जिलों की घोषणा के साथ ही तीन नये संभाग भी बनाए। जिसमें बांसवाड़ा, पाली और सीकर में नये संभाग मुख्यालय खोलने की घोषणा की गई है। जबकि पूर्व में जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर व भरतपुर संभाग है। तो अब दूदू सबसे छोटा जिला बन गया है। क्षेत्रफल के हिसाब से जैसलमेर अभी भी सबसे बड़ा जिला है। नये जिलों के गठन को मंजूरी देने के साथ उनके मुख्यालय भी तय कर दिए गए हैं। जयपुर ग्रामीण और जयपुर दोनों जिलों के मुख्यालय जयपुर शहर में ही रहेंगे। जोधपुर और जोधपुर ग्रामीण, दोनों जिलों के मुख्यालय जोधपुर शहर में ही रहेंगे।
डीडवाना-कुचामन का मुख्यालय अस्थाई रूप से डीडवाना किया गया है। मिनी सचिवालय भवन बनने तक यह मुख्यालय डीडवाना रहेगा। कोटपूतली-बहरोड़ का मुख्यालय कोटपूतली-बहरोड़ ही रखा है। खैरथल-तिजारा जिले का मुख्यालय खैरथल होगा।
नवगठित जिलों में प्रशासनिक कार्य शुरू
गत बजट सत्र में 19 जिलों की घोषणा के बाद वर्तमान में नवगठित 15 जिलों में प्रशासनिक कार्य शुरू हो गया है। इसके तहत नए संभाग और जिलों में पुलिस प्रशासन के मुखिया लगा दिए गए हैं। अधिकांश संभागों में संभागीय आयुक्त और जिलों में कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक पहले से कार्यरत हैं। वही विशेष अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने नये जिलों के गठन की मांग को लेकर 21 मार्च 2022 को सेवानिवृत्त आईएएस रामलुभाया की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। उसी की अनुशंसा पर नये जिलों का गठन किया गया है।
कहीं आमजन की नाराजगी नहीं पड़ जाए भारी
लुभाया कमेटी के पास 60 शहरों को जिला बनाने के प्रस्ताव आए थे। लेकिन गहलोत सरकार ने 19 जिलों और तीन संभागों की घोषणा की है। इसके बाद से अनेक क्षेत्रों में जिलों के गठन को लेकर विरोध शुरू हो गया। जालोर के भीनमाल को जिला नहीं बनाने से स्थानीय लोग और जनप्रतनिधि आक्रोशित हैं। तो चूरू के सुजानगढ़, श्रीगंगानगर के सूरतगढ़, अलवर के तिजारा, टोंक के मालपुरा और जयपुर के फुलेरा कस्बे समेत कई शहरों के लोग जिला नहीं बनाने से नाराज हैं।
सरकार ने जयपुर जिले में शामिल दूदू को भी नया जिला बनाया, लेकिन जयपुर की बगरू तहसील दूदू में जाने को तैयार नहीं है। दरअसल बगरू और फुलेरा सहित अन्य तहसील तथा उपखंड दूदू जिले में शामिल किए जा रहे हैं। इसका बगरू विधानसभा के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी प्रकार झुंझुनूं जिले के गुढा को सीकर से तोड़कर नए बनाए गये नीमकाथाना जिले में मिलाने का विरोध किया जा रहा है। इन विरोध के स्वर को देखते हुए गहलोत सरकार आने वाले समय में और नये जिलों की घोषणा कर सकती है।
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