Exam Paper Leaks: वो गैंग जो राजस्थान सहित कई राज्यों में चलाता है पेपरलीक का नेटवर्क

राजस्थान में किसी भी सरकारी भर्ती के लिए पेपर लीक होना सामान्य घटना बन गयी है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि हजारों लोग गलत तरीके अपनाकर सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं, और उनमें से कई पेपर लीक करवाने में सहयोग करते हैं।

rajasthan Exam Paper Leaks mastermind Jagdish Vishnoi Gang network in Gujarat, Delhi-NCR, and Haryana

Exam Paper Leaks: 24 दिसंबर 2022 को उदयपुर में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की द्वितीय श्रेणी की टीचर भर्ती परीक्षा का GK पेपर लीक हो गया। गौरतलब है कि 44 परीक्षार्थी चलती हुई एक प्राइवेट बस में प्रश्नपत्र सॉल्व कर रहे थे। बस से पकड़े गए परीक्षार्थियों से पुलिस पूछताछ कर रही है और अभीतक पेपर लीक के मास्टरमाइंड सुरेश विश्नोई को हिरासत में ले लिया है। सुरेश विश्नोई खुद एक सरकारी स्कूल में वाइस प्रिंसिपल है और उसके साथ कई अन्य सरकारी कर्मचारी पेपर लीक करवाने में जुड़े हुए हैं। सुरेश विश्नोई का जीजा सुरेश ढाका, जो जयपुर में एक कोचिंग सेंटर का संचालक है, और सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय रहता है, इस मामले में फरार है। उसके अलावा भूपेंद्र विश्नोई और भजनलाल विश्नोई भी इस मामले में संदिग्ध आरोपी हैं।

राजस्थान में पेपर लीक के मामले

कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा: राजस्थान सरकार द्वारा 4,438 रिक्त कॉन्स्टेबल पदों की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका पेपर परीक्षा के कुछ घंटों पहले ही लीक हो गया। इस परीक्षा के लिए लगभग 18 लाख से भी ज्यादा लोगों ने आवेदन भरा था। इस मामले में राजस्थान पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन लोगों का मानना है कि हजारों की संख्या में युवा गलत तरीके अपनाकर पुलिस में भर्ती हो गए और ऐसे पुलिसकर्मी ही पेपर लीक करने और नकल करवाने वाली गैंग की मदद करते हैं।

पटवारी भर्ती परीक्षा: राजस्थान सबोर्डिनेट एंड मिनिस्टीरियल सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा 23 और 24 अक्टूबर 2021 को लगभग 5,400 रिक्त पटवारी पदों पर भर्ती परीक्षा हुई। परीक्षा आयोजित होने से पहले ही पुलिस ने 32 लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने खुलासा किया कि पेपर लीक करने के लिए ₹12 लाख की डील की गई थी। गौरतलब है कि परीक्षा में डमी कैंडिडेट और ब्लूटूथ के साथ परीक्षार्थियों को भी पकड़ा गया था। इसमें भी कुछ ही लोग पकड़े गए, जबकि हजारों परीक्षार्थी पेपर लीक और नकल करने के बाद भी पकड़े नहीं गए।

REET पेपर लीक: 26 सितंबर 2021 को राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) द्वारा 31,000 रिक्त पदों के लिए राजस्थान एलिजिबिलिटी एग्जामिनेशन फॉर टीचर (REET) का एग्जाम हुआ, जिसमें 16 लाख से भी ज्यादा अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। एग्जाम होने के कुछ दिनों बाद पता चला कि प्रश्नपत्र तो 3 दिन पहले ही लीक हो चुका था।

JEN पेपर लीक: 6 दिसंबर 2020 को लगभग 530 रिक्त जूनियर इंजीनियर पदों के लिए राजस्थान सबोर्डिनेट एंड मिनिस्टीरियल सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (RSMSSB) ने परीक्षा का आयोजन किया था। इस परीक्षा के लिए 50000 लोगों ने आवेदन भरा था और एग्जाम आयोजित होने से पहले ही पेपर लीक हो गया।

लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा: 29 दिसंबर 2019 को RBSE द्वारा आयोजित किए जाने वाली लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा को पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया था। उस पेपर को 'आंसर की' के साथ व्हाट्सएप पर परीक्षा के 2 घंटे पहले वायरल कर दिया गया था।

इससे पहले भी राजस्थान में कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं या सरकार द्वारा रद्द करने पड़े हैं। जैसे 2019 में राज्य सरकार द्वारा फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा करने की घोषणा की गई लेकिन सरकार वह पेपर आज तक आयोजित नहीं कर पाई। इससे पहले, राजस्थान सरकार द्वारा 2,000 रिक्त पदों के लिए चिकित्सा भर्ती निकाली गयी, जिसका ऑनलाइन एग्जाम भी लिया गया लेकिन बाद में एग्जाम को रद्द कर दिया। यही नहीं, राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा के पेपर आउट होकर बेचे जाने के मामले कई बार हो चुके हैं और कई बार गिरफ्तारियां भी हुई हैं, लेकिन पेपर लीक और नकल करवाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

कौन है पेपर लीक का मास्टरमाइंड

पेपर लीक मामले में जगदीश विश्नोई गैंग का नाम कई बार सामने आता है। इसका सरगना जगदीश विश्नोई है जिसे 2020 में खाटूश्यामजी से गिरफ्तार किया गया था। राजस्थान पुलिस ने तब उस पर ₹50,000 का इनाम रखा हुआ था। जगदीश विश्नोई पर जूनियर अकाउंटेंट भर्ती परीक्षा, राजस्थान रोड़वेज कंडक्टर भर्ती परीक्षा, नर्सिंग भर्ती परीक्षा, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा, राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा, और राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा समेत कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करने का आरोप हैं।

राजस्थान पुलिस का दावा है कि जगदीश पिछले 20 सालों से पेपर लीक करवा रहा है। उसका सबसे पहले नाम साल 2002 में भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने के मामलें में सामने आया था। 2007 में उसे टोंक से गिरफ्तार कर जयपुर जेल में रखा गया था। पुलिस के अनुसार वह खुद भी एकबार भर्ती परीक्षा में बैठ चुका है और सरकारी टीचर बन गया लेकिन 2010 में उसे निलंबित कर दिया गया।

अप्रैल में REET का पेपर लीक करने के आरोप में राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने हनुमानराम विश्नोई और सुशीला विश्नोई को हिरासत में लिया था। पुलिस जांच में पता चला कि रीट पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड भजनलाल विश्नोई के साथ रामकृपाल मीणा, बत्तीलाल मीणा और अमृतलाल मीणा भी शामिल थे।

उदयपुर में हुए पेपर लीक का मास्टरमाइंड सुरेश विश्नोई भी ऐसी ही गैंग से जुड़ा है। गौरतलब है कि जगदीश बिश्नोई ने गुजरात, दिल्ली-NCR, और हरियाणा सहित नेपाल तक अपना नेटवर्क फैला रखा हैं। इसी नेटवर्क के माध्यम से वह देश के अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक का काम करता है। जगदीश विश्नोई का नाम ड्रग्स की तस्करी में भी सामने आ चुका है। राजस्थान के जोधपुर संभाग में विभिन्न अपराधों में ऐसे कई शातिर बदमाश वांछित हैं।

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