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2016 में भारतीय रेलवे ने लिए ये 16 अहम फैसले, ये खबर है आपके काम की

यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने में 2016 में भारतीय रेल मंत्रालय ने कुछ अहम फैसले लिए हैं। आइए उन पर एक नजर डालते हैं।

दिल्ली। 2016 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। यह समय एक बार फिर से पीछे मुड़कर देखने का है कि इस साल क्या अच्छा हुआ। 2016 में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कई अहम फैसले लिए हैं।

कुछ फैसले ऐसे भी हैं जिससे भारतीय रेलवे की छवि पहले से और बेहतर हुई है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ट्विटर के जरिए लोगों की शिकायतें सुनते रहते हैं और उनका समाधान करते भी देखे गए हैं।

2016 में रेलवे में काफी परिवर्तन हुए। रेल मंत्रालय एक तरफ बजटीय घाटे से जूझता दिखा तो दूसरी तरफ यात्रियों की चिंता करने में यह साल गुजरा। आइए, आपको रेलवे के 2016 में लिए गए 16 अहम फैसलों के बारे में बताते हैं।

1. हर ट्रेन में बढ़ेंगी आरएसी सीटें

1. हर ट्रेन में बढ़ेंगी आरएसी सीटें

2016 में दिसंबर के आखिरी दिनों में रेलवे ने अहम फैसला लेते हुए कहा कि सभी ट्रेनों में आरएसी सीटें बढ़ेंगी। स्लीपर में अब 7, थर्ड एसी में 4 और सेकंड एसी में 3 आरएसी सीटें होंगी। एक आरएसी सीट पर दो लोग बैठकर यात्रा करते हैं। रेलवे का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को ट्रेन यात्रा करने का मौका मिले इसलिए यह फैसला लिया गया है। 17 जनवरी 2017 से यह योजना लागू होगी।

2. रेल बजट बना यूनियन बजट का हिस्सा

2. रेल बजट बना यूनियन बजट का हिस्सा

इस साल यह सबसे बड़ा फैसला लिया गया कि अब रेल बजट सदन में अलग से पेश नहीं किया जाएगा।

92 साल से चली आ रही इस परंपरा को खत्म करते हुए केंद्र सरकार ने एलान किया कि रेल बजट को अब यूनियन बजट में ही पेश किया जाएगा।

2017 में जो यूनियन बजट पेश होगा, उसी में रेल बजट भी शामिल होगा।

3. रेलवे में अब करेगी सेवाओं की आउटसोर्सिंग

3. रेलवे में अब करेगी सेवाओं की आउटसोर्सिंग

यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि अब कैटरिंग और अन्य सेवाओं के लिए रेलवे आउटसोर्सिंग करेगी। इसका ठेका निजी कंपनियों को दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रेलवे में बेहतर सर्विस चाहनेवालों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

दरअसल लोगों की शिकायत रहती है कि ट्रेनों में खाना और अन्य सुविधाएं ढंग की नहीं मिलती। इस शिकायत को दूर करने के लिए सरकार ने इस साल कई कदम उठाए हैं।

4. फ्लेक्सी फेयर सिस्टम और इसमें सुधार

4. फ्लेक्सी फेयर सिस्टम और इसमें सुधार

9 सितंबर को रेलवे ने पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर फ्लेक्सी फेयर सिस्टम शुरू किया था जिसमें बुकिंग के आखिरी समय तक टिकट काफी महंगे हो जाते थे। इस सिस्टम के तहत टिकटों के दाम 50 प्रतिशत तक बढ़ जाते थे।

इसकी आलोचना हुई तो रेलवे ने इसमें अहम बदलाव किए। इस खबर में पढ़िए पूरी जानकारी।

5. लग्जरी हमसफर ट्रेन की शुरुआत

5. लग्जरी हमसफर ट्रेन की शुरुआत

इसी साल भारतीय रेलवे ने आधुनिक सेवाओं से युक्त कुछ नई ट्रेनों का परिचालन शुरू किया।

रेल मंत्रालय ने हमसफर ट्रेन की शुरुआत की जिसमें कॉफी, टी वेंडिंग मशीन से लेकर कई सुविधाएं है।

इस ट्रेन में सभी कोच एसी-3 हैं। सीसीटीवी जीपीएस, फायर और स्मोक डिटेक्शन सिस्टम भी इसमें लगे हैं। हवाई जहाज की तरह इसमें लगेज रखने की व्यवस्था है।

6. टिकटों को आधार कार्ड से जोड़ा गया

6. टिकटों को आधार कार्ड से जोड़ा गया

इसी साल टिकटों को आधार कार्ड से जोड़ा गया। रियायती दरों वाले टिकटों जैसे सीनियर सिटीजंस के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। यह योजना 1 अप्रैल से लागू की जाएगी। इसके पहले जनवरी से मार्च के बीच यह ऐच्छिक होगी।

हालांकि अभी सामान्य रिजर्वेशन टिकट की ऑनलाइन या काउंटर बुकिंग में आधार कार्ड नंबर देना ऐच्छिक है लेकिन इसे भी भविष्य में अनिवार्य करने की योजना है।

7. एसएमस के जरिए टिकट बुकिंग की सुविधा

7. एसएमस के जरिए टिकट बुकिंग की सुविधा

रेलवे ने इस साल एसएमएस के जरिए टिकट बुकिंग की सुविधा दी। 139 पर सारे डिटेल्स भेजने पर यह टिकट बुक कराए जाते हैं।

किसी वजह से ऑनलाइन बुकिंग न करा पाने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी अहम है।

139 से टिकट डिटेल्स आने के बाद मोबाइल से पेमेंट करना होता है। जिसके बाद रेलवे, टिकट बुकिंग का कनफर्मेशन भेज देता है।

8. ट्रांसजेंडर्स को मिला तीसरे जेंडर का दर्जा

8. ट्रांसजेंडर्स को मिला तीसरे जेंडर का दर्जा

रेलवे में हो रहे भेदभाव को खत्म करने के लिए इस साल ट्रांसजेंडर्स को तीसरे जेंडर का दर्जा दिया गया। अब रिजर्वेशन फॉर्म में जेंडर के तीन ऑप्शन होते हैं। पुरुष और महिला के अलावा ट्रांसजेंडर के लिए ऑप्शन फॉर्म में रखा गया है।

अप्रैल 2014 में NALSA Vs Union of India केस में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने जो फैसला दिया था, उसी के अनुसार रेलवे ने अब ट्रांसजेंडर को यह सुविधा दी है।

9. रेलवे में पहले से बेहतर हुई खाने की सुविधा

9. रेलवे में पहले से बेहतर हुई खाने की सुविधा

भारतीय रेलवे ने सेवा के आधुनिकीकरण की तरफ एक और कदम बढ़ाते हुए सीट पर भोजन उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियों को ई-कैटरिंग सर्विस देने के लिए आमंत्रित किया।

डोमिनो पिज्जा, केएफसी जैसी फूड कंपनियों से लेकर लोकल डिशेज देने वाली सर्विसेज अब ट्रेन में सेवाएं देने लगी हैं जिससे यात्रियों के खाने की संस्कृति में भी बदलाव आए हैं।

स्मार्टफोन ऐप से यात्री अब मनपसंद खाने का ऑर्डर देते हैं जो मिनटों के अंदर उनकी सीट पर डिलीवरीमैन पहुंचाने लगे हैं।

10. काउंटर टिकट को ऑनलाइन कैंसिल कराने की सुविधा

10. काउंटर टिकट को ऑनलाइन कैंसिल कराने की सुविधा

रेलवे ने इसी साल यात्रियों को एक राहत पहुंचाने वाली सुविधा दी। पहले काउंटर टिकट का कैंसिलेशन के लिए काउंटर पर ही जाना होता था लेकिन अब यह काम आईआरसीटीसी की साइट से ऑनलाइन हो जाता है।

इसके लिए डिटेल्स भरने होते हैं और टिकट बुकिंग के समय दर्ज कराए गए मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से टिकट कैंसिल हो जाता है और रिफंड मिल जाता है।

139 पर मैसेज करके भी टिकट कैंसिलेशन की सुविधा इसी साल दी गई, जिसका लाभ वेटिंग टिकट वाले भी उठा सकते हैं।

11. वेटिंग टिकट के कन्फर्मेंशन के लिए नया चार्टिंग सिस्टम

11. वेटिंग टिकट के कन्फर्मेंशन के लिए नया चार्टिंग सिस्टम

वेटिंग टिकट कन्फर्म न हो तो यात्रियों को बड़ी असुविधा होती है। रेलवे ने इस साल चार्टिंग सिस्टम में अहम बदलाव कर वेटिंग टिकट कन्फर्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया।

किसी स्टेशन के कोटे की सीटें बच जाने पर अब उतनी सोटों को अगले स्टेशन को ट्रांसफर करने का सिस्टम शुरू किया गया।

इससे वेटिंग टिकटों के कन्फर्म होने के चांस बढ़ गए हैं।

12. जान और माल के इंश्योरेंस की सुविधा

12. जान और माल के इंश्योरेंस की सुविधा

इसी साल रेलवे ने ट्रेन से सफर करने के दौरान हुई जान और माल की क्षति को बीमा कवर देने का फैसला लिया।

यात्री 92 पैसे चुकाकर 10 लाख रुपए का बीमा कवर ले सकते हैं। यह इंश्योरेंस लेना, न लेना आपकी इच्छा पर निर्भर है लेकिन इसके बहुत फायदे हैं।

इस स्कीम के तहत जान की क्षति पर नॉमिनी को 10 लाख रुपए मिलते हैं। घायलों को 2 लाख, मामूली चोटों के लिए 10,000 और सामान खोने पर 5,000 रुपए का इंश्योरेंस कवर किया जाता है।

13. विदाउट टिकट वालों को ट्रेन में मिलने लगे टिकट

13. विदाउट टिकट वालों को ट्रेन में मिलने लगे टिकट

कभी-कभी ऐसा भी होता है कि टिकट कटाने का समय नहीं बचता और ट्रेन में चढ़ना पड़ जाता है।

लेकिन इसी साल रेलवे ने यात्रियों को चलती ट्रेन में टिकट देने की सुविधा की शुरुआत की। हलांकि यह सुविधा अभी कुछ सुपर फास्ट ट्रेन में ही है। रेलवे ने कहा है कि टिकट वेंडिंग मशीन को अन्य ट्रेनों में भी टीटीई को मुहैया करवाया जाएगा।

टीटीई से जाकर कहना पड़ता है कि टिकट नहीं है, उसके बाद वो दस रुपए एक्स्ट्रा चार्ज लेकर मशीन से टिकट बनाकर देते हैं। अगर यात्री ऐसा नहीं करते हैं तो चेकिंग में पकड़े जाने पर जुर्माना भरना पड़ सकता है।

14. स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए भी चादर, तकिया, तौलिया

14. स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए भी चादर, तकिया, तौलिया

इसी साल रेलवे ने स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए ई बेडरोल सर्विस की शुरुआत कर दी। यात्री रात की जर्नी के लिए दो कॉटन चादर, एक तकिया और एक कंबल 250 रुपए चुकाकर रेलवे से पा सकते हैं। यह सुविधा दक्षिण पश्चिमी रेलवे ने अपने यात्रियों को फिलहाल दी है।

बेडरोल की बुकिंग ऑनलाइन टिकट कटाते समय की जा सकती है। जो पैसेंजर बेडरोल खरीदेंगे वो इसे आगे की यात्रा में इस्तेमाल करने के लिए घर ले जा सकते हैं।

15. ऑनलाइन पेमेंट के लिए ई-वॉलेट की शुरुआत और पेटीएम से करार

15. ऑनलाइन पेमेंट के लिए ई-वॉलेट की शुरुआत और पेटीएम से करार

इसी साल आईआरसीटीसी ने ई-वॉलेट सुविधा की शुरुआत फिर से की जिसमें रजिस्ट्रेशन के बाद आप पैसे रख सकते हैं। टिकट कटाते समय ई-वॉलेट से पेमेंट कर सकते हैं।

बैंक से या कार्ड से पेमेंट करने में थोड़ा समय लगता है जिससे खासतौर पर तत्काल टिकट बुकिंग करवाने वालों को समय पर पेमेंट नहीं होने पर कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता। ई-वॉलेट से तेजी से पेमेंट किया जा सकता है।

इसी साल पेटीएम के साथ भी आईआरसीटीसी ने करार किया। अब पेटीएम के जरिए भी रेल-टिकट बुक किए जा सकते हैं।

16. रेलवे में हुए 2016 में कुछ और महत्वपूर्ण बदलाव

16. रेलवे में हुए 2016 में कुछ और महत्वपूर्ण बदलाव

इसी साल रेलवे ने एक अहम सुविधा दी जिसके तहत किसी यात्री के टिकट पर रिश्तेदार सफर कर सकते हैं। या सरकारी कर्मचारी के कंफर्म टिकट का उपयोग कोई अन्य सरकारी कर्मचारी कर सकते हैं। इसके लिए कुछ नियम और शर्तें हैं, जिसे आप इस खबर में पढ़ सकते हैं।

इसी साल सरकार ने फर्स्ट और सेकंड एसी के यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट कंफर्म नहीं होने पर एयर टिकट देने की भी योजना शुरू की।

2016 में ही 'क्लीन माई कोच' सर्विस शुरू हुई जिसके तहत अब 58888 पर एसएमएस कर बोगी साफ करने को कह सकते हैं।

शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों में फूड ऑप्शन को वैकल्पिक बनाया गया। कैटरिंग सेवा नहीं लेने पर उसका चार्ज टिकट के दाम से घटा दिया जाता है।

माताओं के लिए जननी सेवा शुरू की गई जिसके तहत बड़े स्टेशनों पर नवजातों के लिए गर्म दूध, फूड और गर्म पानी की व्यवस्था की गई। बच्चों को खुश करने के लिए उनके लिए ट्रेन में अलग मीनू रखा गया जिसे यात्री ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं।

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