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    Kader Khan: अफगानिस्‍तान के काबुल से मुंबई आया था बॉलीवुड में कॉमेडी का बादशाह और असली 'काबुलीवाला'

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      Kadar Khan Biography: Man who wrote dialogues for hundreds of movies in the 70s, 80s, 90s |FilmiBeat

      मुंबई। साल 2019 की शुरुआत में बॉलीवुड और हिंदी फिल्‍मों के दिवाने लोगों को नए साल की शुरुआत एक बैड न्‍यूज के साथ करनी पड़ी। बॉलीवुड के वेटरन एक्‍टर और महान लेखक कादर खान का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कादर खान कनाडा के अस्‍पताल में भर्ती थे और उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। आज भारत और अफगानिस्‍तान के संबंधों की बात होती है और कादर खान दोनों देशों के मजबूत रिश्‍तों की जीती-जागती मिसाल थे। अफगानिस्‍तान की राजधानी काबुल में अब्‍दुल रहमान खान के घर पर कादर खान का जन्‍म हुआ। पिता अफगान मूल के थे तो मां बलूचिस्‍तान के तहत आने वाले पिशिन की रहने वाली थीं। कादर खान काकर जनजाती से थे और पूरी तरह से पश्‍तून थे। कादर खान दरअसल 'असली काबुलीवाला' थे जिन्‍होंने अपनी कहानियों और अपने अभिनय से चार दशक तक बॉलीवुड के रंगमंच को रोशन किया था।  

      450 से ज्‍यादा फिल्‍में

      450 से ज्‍यादा फिल्‍में

      अगर आप 90 के दशक में बड़े हुए हैं तो फिर इस बात के चांस बहुत कम हैं कि आप ने कादर खान की फिल्‍में न देखी हों। कादर खान ने पर्दे पर आपको बहुत हंसाया लेकिन उन्‍होंने अपनी जिंदगी में बहुत तकलीफें देखीं। एक स्क्रिप्‍ट राइटर के तौर पर उन्‍होंने अपना करियर शुरू किया और फिर कॉमेडी में अपना सिक्‍का जमाया। कादर ने 250 से ज्‍यादा फिल्‍मों की स्क्रिप्‍ट लिखी और 400 के करीब फिल्‍मों में अभिनय किया। काबुल में जन्‍में कादर का बचपन एक बुरे सपने से कम नहीं था। उनके तीन भाई थे और तीनों की मृत्‍यु आठ वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते हो गई। उनका परिवार इसके बाद भारत आ गया और मुंबई की झुग्गियों में रहने लगा। कादर ने अपने एक इंटरव्‍यू में कहा था कि उन्‍होंने वेश्‍यावृत्ति से लेकर ड्रग्‍स स्‍मगलिंग और मर्डर तक अपनी जिंदगी में देखा है।

      हफ्ते में तीन दिन खाली पेट सोने को मजबूर

      हफ्ते में तीन दिन खाली पेट सोने को मजबूर

      उनके माता-पिता की शादीशुदा जिंदगी भी काफी तनावपूर्ण थी और दोनों अलग हो गए। तकलीफें कम नहीं थीं और इस घटना ने जिंदगी की परेशानियों को और बढ़ा दिया। मां और बेटा दोनों मुंबई की गंदी झुग्गियों में रहते थे। उस समय उनकी मां को मजबूर होकर दूसरी बार शादी करनी पड़ी। कादर ने एक बार बताया था कि हफ्ते में तीन दिनों उन्‍हें खाली पेट सोना पड़ता था। घर में गरीबी और मुश्किल हालातों को देखकर कादर टूट गए थे । उन्‍होंने फैसला किया कि वह स्‍कूल छोड़ देंगे और स्‍लम के दूसरे बच्चों की तरह एक लोकल मिल में काम करेंगे। कादर ने एक दिन मिल में काम करके गुजारा भी लेकिन उनकी मां ने उन्‍हें ऐसा करने से रोक दिया।

      मां के शब्‍दों ने बदली जिंदगी

      मां के शब्‍दों ने बदली जिंदगी

      मां ने कादर से कहा, 'अगर तुम आज रोजाना काम करने वाले मजदूर बन जाओगे तो रोज तीन रुपए ही कमाते रहोगे। लेकिन याद रखो अगर तुम्‍हें इस गरीबी से छुटकारा पाना है तो खुद को शिक्षित करना बहुत जरूरी है।' मां के शब्‍दों ने कादर की जिंदगी बदल दी। कादर ने अपनी मां के शब्‍दों को गांठ बांध लिया और फिर अपनी सारी एनर्जी पढ़ाई में लगाने लगे। मिल में काम करने की सोच रखने वाला एक बच्‍चे ने मानसिक रूप से खुद को इतना मजबूत कर लिया कि उसने सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और पोस्‍ट ग्रेजुएशन कर डाला।

      दिलीप कुमार ने पहचाना कादर का टैलेंट

      दिलीप कुमार ने पहचाना कादर का टैलेंट

      कॉलेज के दौरान कादर ने एक नाटक लिखा और उनके लिखे नाटक के लिए उन्‍हें पुरस्‍कार भी मिला। बेस्‍ट एक्‍टर, बेस्‍ट राइटर, बेस्‍ट डायरेक्‍टर, कादर ने हर कैटेगरी के लिए अवॉर्ड जीता। यहां तक कि उन्‍हें 1500 रुपए का कैश प्राइज भी हासिल हुआ था। एक दिन बॉलीवुड के 'ट्रेजेडी किंग' कहे जाने वाली दिलीप कुमार को कादर खान के बारे में पता लगा और उन्‍होंने कादर का वही प्‍ले देखने की ख्‍वाहिश जताई। कादर खान बहुत खुश हुए और उन्‍होंने उनके लिए सारा इंतजाम कर डाला। कादर ने फिर से पूरे प्‍ले को एक्‍ट किया और दिलीप कुमार का दिल जीत लिया। इसके बाद दिलीप कुमार ने उन्‍हें दो प्रोजेक्‍ट्स के लिए साइन कर लिया। यहीं से बॉलीवुड में कादर के सफर की शुरुआत हो गई।

      अमिताभ बच्‍चन ने बोले कादर के लिखे डायलॉग

      अमिताभ बच्‍चन ने बोले कादर के लिखे डायलॉग

      धीरे-धीरे कादर ने इंडस्‍ट्री में वह मुकाम हासिल कर लिया जहां से उन्‍हें हटा पाना किसी के बस की बात नहीं थी। 'मिस्‍टर नटवर लाल', 'दो और दो पांच', 'सत्‍ते पे सत्‍ता', 'अमर अकबर एंथोनी', 'अग्निपथ' और न जाने कितनी ही फिल्‍मों के डायलॉग्‍स कादर ने लिखे और अमिताभ बच्‍चन उन्‍हें बोलकर शहंशाह बन गए। इसके बाद कादर को फिल्‍मों में काम करने का मौका मिला। शुरुआत निगेटिव रोल से हुई। इसके बाद दक्षिण की फिल्‍म 'हिम्‍मतवाला' मे काम करने का मौका मिला और उस रोल ने कादर के लिए कॉमेडी के दरवाजे खोल दिए।

      हर पीढ़ी के फेवरिट कादर खान

      हर पीढ़ी के फेवरिट कादर खान

      बॉलीवुड में आने से पहले कादर एमएच साबू सिद्दीकी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में बतौर प्रोफेसर काम करते थे। उनका एक सपना था कि वह एक ऐसा शिक्षण संस्‍थान खोले जहां पर कला और धर्म की शिक्षा साथ-साथ दी जाए। कादर खान ने फिरोज खान से लेकर अमिताभ बच्‍चन, जीतेंद्र तक के साथ काम किया तो वहीं शक्ति कपूर, गोविंदा, अक्षय कुमार, सैफ अली खान और सलमान खान जैसे सितारों के साथ भी उन्‍होंने कॉमेडी का जलवा दिखाया।

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      English summary
      Profile of veteran Bollywood actor write Kader Khan who Migrated from Afghanistan to India.
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