एक सूबेदार का बेटा संभालेगा देश की सेना की कमान
नई दिल्ली। 31 जुलाई को देश के खाते में एक और गौरवशाली पल जुड़ जाएगा जब उसकी सेना में बतौर सूबेदार काम करने वाले व्यक्ति का बेटा इस देश की सेना की जिम्मेदारी संभालेगा।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह 31 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं। जनरल सिंह की जगह लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग बतौर नए आर्मी चीफ सेना की जिम्मेदारी संभालेंगे। सुहाग भारतीय सेना के 26वें सेना प्रमुख होंगे।
सुहाग फील्ड मार्शल सैम मॉनकेशॉ के बाद गोरखा राइफल्स के दूसरे ऐसे ऑफिसर हैं जिन्हें सेना प्रमुख बनने का मौका मिल सका। एक नजर डालिए जनरल दलबीर सिंह सुहाग से जुड़ी कुछ खास और रोचक जानकारियों पर।

दर्ज हुई एक नई उपलब्धि
सुहाग, फील्ड मार्शल सैम मॉनकेशॉ के बाद गोरखा राइफल्स के दूसरे ऐसे ऑफिसर हैं जिन्हें सेना प्रमुख बनने का मौका मिल सका।

पिता भारतीय सेना में थे सूबेदार
लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग हरियाणा के झज्जर जिले के बिशन गांव ही के रहने वाले हैं। उनके पिता रामफल सिंह सुहाग भारतीय सेना में सूबेदार थे। सुहाग के परिवार की दो पीढ़ी सेना को जूनियर रैंक के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल से बाकी की पढ़ाई
दलबीर सिंह सुहाग के पिता कैवेलरी रेजीमेंट से बतौर सूबेदार मेजर रिटायर हुए थे। दलबीर सिंह सुहाग ने चौथी कक्षा तक गांव के ही एक प्राथमिक स्कूल में हासिल की। इसके बाद उनके पिता ने उन्हें चित्तौड़गढ़ के एक सैनिक स्कूल में एडमिशन दिला दिया।

एनडीए में दाखिला कभी न भूलने वाला पल
फिर वर्ष 1970 में जब दलबीर सिंह सुहाग नेशनल डिफेंस एकेडमी के लिए सेलेक्ट हुए तो उनके पूरे परिवार के लिए एक कभी न भूलने वाला पल आया। जून 1974 को वह 5 गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में बतौर ऑफिसर कमीशंड हुए।

घर की मिठाई और नाश्ता है कमजोरी
दलबीर सिंह सुहाग को घर का बना देसी घी काफी पसंद है। उनकी मां ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि सुहाग को घर का बना देसी घी काफी पसंद है। उनकी मां के मुताबिक सुहाग को उनके हाथ का बना चूरमा और घर का बना नाश्ता भी काफी पसंद है।

10 किमी तक दौड़
दलबीर सिंह सुहाग अपनी फिजिकल फिटनेस को लेकर भी हर सेकेंड अलर्ट रहते हैं। वह रोजाना 10 किमी तक दौड़ते हैं। 6 फीट एक इंच लंबे सुहाग का वजन इस समय 75 किलोग्राम है। इसके अलावा वह गोल्फ खेलने के लिए भी अपना समय निकालते हैं।

श्रीलंका के खिलाफ ऑपरेशन पवन
जिस समय भारत ने श्रीलंका के खिलाफ ऑपरेशन पवन की शुरुआत की थी, उस समय दलबीर सिंह सुहाग को बतौर कंपनी कमांडर नियुक्त किया गया था। इसके अलावा उन्होंने 53 इंफ्रेंट्री ब्रिगेड का नेतृत्व भी किया है।

हुई थी अनुशासनात्मक कार्रवाई
वर्ष 2012 में जिस समय वर्तमान सांसद वीके सिंह सेना प्रमुख थे, उस समय दलबीर सिंह सुहाग दिमापुर में बतौर कमांडर मौजूद थे। जनरल वीके सिंह ने सुहाग के खिलाफ असम के जोरहट में एक ऑपरेशन में असफल रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। उन्होंने सुहाग की नियुक्ति का विरोध भी किया था लेकिन जुलाई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सुहाग की नियुक्ति पर रोक लगाने से साफ इंकार कर दिया।












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