कांग्रेस का साथ छोड़ना चाहते हैं 'PK', अफवाह या सच?
बीते दिनों लखनऊ में आयोजित कांग्रेस के उद्घोष कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी सूबे की सत्ता को हासिल करने के लिए तमाम कवायद करते नजर आ रहे थे, जिसकी पूरी रणनीति कांग्रेस के रणनीतिकार पीके के द्वारा तैयार की गई थी। अलग-अलग लोगों का भिन्न-भिन्न मत था। किसी को रैली सफल नजर आई तो किसी को असफल। दरअसल सियासत के दो पहलुओं के बीच विचारों में भिन्नता कोई बड़ी बात नहीं। लेकिन पीके के कांग्रेस छोड़ने की सुर्खियां कांग्रेस को कमजोर जरूर कर सकती है।

वन इंडिया से राज बब्बर की बातचीत
पीके द्वारा कांग्रेस का साथ छोड़ने की खबर पर जब वन इंडिया ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने वन इंडिया को बताया कि प्रशांत किशोर के साथ मेरी कोई मीटिंग नहीं हुई है, न ही कोई किसी का साथ छोड़ रहा है। कुल मिलाकर ऐसा कुछ भी नहीं है।
वाराणसी में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे राज
राज बब्बर से बातचीत से पूर्व जब बात के लिए राज बब्बर को उनके आवास पर फोन किया गया तो पता चला कि वे वाराणसी गए हैं। सोनिया गांधी की 2 अगस्त को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में रैली होनी है, जिसे लेकर तैयारियों में किसी भी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। जिसकी तैयारियों में सभी नेता जुटे हैं।
कांग्रेस का साथ छोड़ना चाहते हैं 'PK', अफवाह या सच?
क्या वाकई बेहाल यूपी को सुधार पाएगी अस्वस्थ कांग्रेस?
कांग्रेस हर संभव प्रयास करने में जुटी है कि यूपी की जनता उसके साथ खड़ी हो जाए। और कांग्रेस पर लगा ग्रहण समाप्त हो जाए। लेकिन हालात इतने आसान भी नहीं। पिछले दिनों जब रथ यात्रा शुरू की गई तो कांग्रेस कार्यालय में महज 400 लोग ही उपस्थित थे। जबकि मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित दिल्ली के बॉर्डर को पार करने से पहले ही अस्वस्थ हो गईं। जिसकी वजह से तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया और शीला दीक्षित को बस से उतारा गया। सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि बस में सफर कर रहे कई अन्य नेताओं ने भी ट्रैवल सिकनेस की शिकायत की। जब स्थिति शुरूआत में ऐसी हो तो भला जनता कैसे उम्मीद कर सकती है कि कांग्रेस के दिए गए नारे 27 साल यूपी बेहाल के मुताबिक...बेहाल यूपी को बेहतर किया जाएगा।
प्रशांत किशोर पर किया कटाक्ष
इस गड़बड़ी के लिए चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर दोष मढ़ा जा रहा है। यह महसूस किया जा रहा है कि यूपी में कांग्रेस को संगठित करने में किशोर का मन नहीं लग रहा। कटाक्ष करते हुए कुछ लोगों ने कहा कि प्रशांत किशोर कांग्रेस का साथ छेाड़ना चाहते हैं।
रीता बहुगुणा जोशी ने कहा-
वन इंडिया ने इस मामले में जब कांग्रेसी नेता रीता बहुगुणा जोशी से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में तो नहीं है। वे वाराणसी में आयोजित रैलियों की तैयारियों में लगे हुए हैं। बाकी आप हाईकमान से बात कीजिए। हालांकि मुझे नहीं लगता कि इस खबर में कोई मजबूत तथ्य है।












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